कोरोना: स्थान, समय और संक्रमण का ज्ञान लगाएगा ब्रेक, एक्सपर्ट ने बताया तीसरी लहर रोकने का तरीका
सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार प्रोफेसर के. विजयराघवन का बयान आया है। उन्होंने कहा है कि अगर मजबूत उपाय करें तो कोरोना की तीसरी लहर को रोका जा सकता है।
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पूरा देश कोरोना वायरस की दूसरी लहर के प्रकोप से जूझ कर रहा है। अस्पतालों में बेड नहीं है, इलाज व मेडिकल ऑक्सीजन के अभाव में लोग दम तोड़ रहे हैं। श्मशानों व कब्रिस्तानों में भी अंतिम संस्कार के लिए जगह की कमी पड़ने लगी है। हर तरफ मचे हाहाकार से लोग पूरी तरह से त्रस्त हो चुके हैं। साथ ही उन्हें कोरोना की तीसरी लहर के आने का डर भी सता रहा है। इस बीच सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार प्रोफेसर के. विजयराघवन का बयान आया है। उन्होंने कहा है कि अगर मजबूत उपाय करें तो कोरोना की तीसरी लहर को रोका जा सकता है।
मजबूत उपाय से रोकी जा सकती है कोरोना की तीसरी लहर
उन्होंने कहा कि लहरों और उनकी संख्या के बजाय स्थान, समय और संक्रमण की तीव्रता के बारे में बात करना, हमारे लिए कोरोना की तीसरी लहर को रोकने में उपयोगी साबित हो सकता है। अगर हम मजबूत उपाय करते हैं, तो तीसरी लहर सभी जगहों पर या वास्तव में कहीं भी नहीं हो सकती है। उन्होंने आगे कहा कि यह सब इस बात पर निर्भर करता है कि बताए गए मार्गदर्शन व निर्देश स्थानीय स्तर के अलावा राज्यों, जिलों और शहरों में कितने प्रभावी ढंग से लागू कराए जाते हैं। यह मार्गदर्शन व निर्देश सावधानी, निगरानी, नियंत्रण, उपचार और परीक्षण के बारे में हो सकते हैं।
प्रोफेसर के. विजयराघवन ने जोर देकर कहा कि अगर हम मार्गदर्शन का पालन करते हैं तो बिना लक्षण वाले कोरोना संक्रमित लोगों से भी इसके प्रसार को रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह काम सुनने में काफी मुश्किल लग सकता है, लेकिन ऐसा संभव है। बता दें, बुधवार (5 मई) को प्रोफेसर के. विजयराघवन बयान दिया था कि कोरोना वायरस की तीसरी लहर का आना तय है। उन्होंने आगाह करते हुए कहा था कि सार्स-सीओवी 2 और उत्परिवर्तित हो रहा है इसलिए हमें नई लहरों के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा था कि देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर की तीव्रता का पूर्वानुमान नहीं लगाया गया था।
वायरस लोगों को संक्रमित करने के नए तरीके ढूंढेगा
इसके अलावाा देश के शीर्ष वैज्ञानिक ने कहा कि कम ऐहतियाती उपाय, पहली लहर से आबादी में कम प्रतिरक्षा के चलते दूसरी लहर अधिक तीव्र हो गई और इससे अभी तक देशभर में हजारों लोगों को जान गंवानी पड़ी है और लाखों लोग संक्रमित हुए हैं। के. विजयराघवन के अनुसार जब वैक्सिनेशन बढ़ेगी तो वायरस लोगों को संक्रमित करने के नए तरीके ढूंढेगा, जिसके लिए हमें तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि वायरस अपना रूप बदलता रहता है इसलिए हमें वैक्सीन और दूसरे पहलुओं पर रणनीति बदलती रहनी होगी।
विजयराघवन ने कहा कि दूसरी लहर आने के लिए कई फैक्टर जिम्मेदार हैं, जिसमें कोरोना के नए वेरिएंट भी शामिल हैं। दूसरी लहर इसलिए भी बढ़ी क्योंकि लोगों में जो इम्युनिटी बनी थी वह इतनी नहीं थी की संक्रमण को रोक सके। कोरोना की पहली लहर दो वजह से कम हुई थी, जिन लोगों को इंफेक्शन हुआ उनमें इम्युनिटी आई और मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग सहित बचाव के जो भी कदम उठाए गए उससे संक्रमण फैलना कम हुआ, लेकिन बचाव के कदमों में ढिलाई बरती गई तो संक्रमण फिर से फैलने लगा।