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प्रियंका मर्डर केस में बड़ा खुलासा: सौतन ने रची थी खौफनाक साजिश, छह लोगों के साथ मिलकर दे दी दर्दनाक मौत

Tue, 20 Sep 2022 01:35 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: संजीव कुमार झा Updated Tue, 20 Sep 2022 01:35 PM IST
सार

नवी मुंबई के पनवेल रेलवे स्टेशन के पास छह लोगों ने प्रियंका की गला काटकर हत्या कर दी थी। इस वारदात को 15 सितंबर को अंजाम दिया गया था।

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Priyanka Rawat Murder Case, Panvel railway station Husband among Three arrested for murder of woman outside
प्रियंका मर्डर केस में बड़ा खुलासा - फोटो : Social Media

विस्तार

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के पनवेल रेलवे स्टेशन के पास मृत पाई गईं 29 वर्षीय डिजिटल मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव प्रियंका रावत की मौत के रहस्य पर से पर्दा उठ गया है। नवी मुंबई पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बड़ा खुलासा किया है। मुंबई पुलिस ने बताया कि प्रियंका की हत्या उसके पति ने अपनी प्रेमिका के साथ मिलकर करवाई है। इस मामले में फिलहाल प्रियंका के पति, उसकी गर्लफ्रैंड समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बता दें कि 15 सितंबर को पनवेल रेलवे स्टेशन के पास  प्रियंका रावत की गला काटकर हत्या कर दी गई थी।

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हत्या की साजिश इस तरह से रची गई
प्रियंका रावत की हत्या की साजिश छह लोगों ने रची थी। गिरफ्तार किए गए तीन लोगों के अलावा, अन्य तीन एक गिरोह के सदस्य हैं, जिसे महिला को ₹3 लाख में मारने का ठेका दिया गया था। जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, पीड़िता के पति देवव्रत सिंह रावत (32) का इस साल की शुरुआत से ही निकिता मटकर (24) के साथ विवाहेतर संबंध थे। रावत  ने  अगस्त महीने में  निकिता मटकर से मंदिर में शादी भी रचा ली थी। आखिरकार, पीड़िता प्रियंका रावत को अपने पति की शादी के बारे में पता चला। इसके बाद वह विरोध करने लगी। फिर क्या था निकिता ने प्रियंका को रास्ते से हटाने की योजना बना ली। निकिता मानखुर्द में प्रवीण घाडगे नाम के शख्स के एक निजी ट्यूटोरियल में शिक्षक के रूप में काम करती थी। मटकर और रावत ने प्रियंका को मारने में उनकी मदद करने के लिए घाडगे से संपर्क किया। घाडगे ने बदले में उन्हें मुंबई में रहने वाले बुलढाणा के एक गिरोह से मिलवाया। प्रियंका की हत्या के लिए तीन लाख रुपये की सुपारी दी गई हालांकि, उस समय दो लाख रुपये ही भुगतान किए गए थे। गिरोह में शामिल तीनों ने रावत के निर्देश पर योजना को अंजाम दिया और फिर बुलढाणा भाग गए।
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कॉल रिकॉर्ड डिटेल और सीसी टीवी फुटेज की जांच के बाद हुआ खुलासा
पुलिस ने पति के कॉल रिकॉर्ड डिटेल की जांच के बाद मामले का खुलासा किया। रावत और मटकर की तस्वीरें उसके फोन पर मिलने के बाद पुलिस ने दोनों से अलग-अलग पूछताछ की तो मटकर ने खुलासा किया। हत्या 15 सितंबर की रात करीब 10 बजे पनवेल रेलवे स्टेशन के बाहर हुई. पनवेल रेलवे पुलिस बल ने घटना के सीसीटीवी फुटेज पनवेल पुलिस को उपलब्ध कराए हैं। रात की घटना होने के कारण, फुटेज स्पष्ट नहीं था। हमलावर का चेहरा साफ नहीं था। पनवेल आरपीएफ के जसबीर राणा ने कहा, जो कुछ भी उपलब्ध था, हमने उपलब्ध कराया।

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