2022 में प्रियंका होंगी मुख्यमंत्री पद का चेहरा, मायावती और अखिलेश बना रहे हैं कांग्रेस से दूरी
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कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा 2022 में उत्त प्रदेश से पार्टी के मुख्यमंत्री पद का चेहरा हो सकती हैं। कांग्रेस के नेता इस रणनीति को आधार बनाकर राज्य में आर-पार के राजनीतिक अभियानों को मंजूरी देने की मंशा पाल चुके हैं। प्रियंका गांधी ने भी प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के लिए पूरी जान लगा दी है। वह लगातार राज्य के दौरे पर हैं।
16 जनवरी को वह राय बरेली में रहेंगी, दो दिन पूर्वी और दो दिन पश्चिमी उत्त प्रदेश को देकर 19 जनवरी को दिल्ली लौटने की योजना है। बताते हैं इस योजना को भांपकर सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा प्रमुख मायावती ने कांग्रेस पार्टी से दूरी बनानी शुरू कर दी है।
कांग्रेस की मुहिम का दो बार राजनीतिक दलों ने उठाया फायदा
उत्त प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नेता नाम ने छापने की शर्त पर कहते हैं कि दो बार कांग्रेस ने राज्य में राजनीतिक माहौल खड़ा किया। वहां सत्ताधारी दल के खिलाफ जनता की नाराजगी खड़ी की, लेकिन जमीनी स्तर पर कांग्रेस के कमजोर होने के कारण इसका फायदा दूसरे राजनीतिक दल उठा ले गए।
पार्टी के एक अन्य वरिष्ठ नेता का कहना है कि 2007 में बसपा नेता मायावती और 2012 में समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव की सरकार बनने में कांग्रेस के द्वारा खड़े किए गए माहौल की अहम भूमिका थी। हालांकि कांग्रेस पार्टी के नेताओं के इस तरह के ख्याल पर बसपा, सपा के नेता कुछ नहीं कहना चाहते। सपा के एक पूर्व सांसद का कहना है कि इस तरह का ख्याली पुलाव कांग्रेस के नेता ही बना सकते हैं।
प्रियंका के सीएम चेहरा में है कितनी सच्चाई
कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अमर उजाला से बातचीत में इसका खुलासा किया था। राहुल गांधी ने बताया था कि प्रियंका को उत्तर प्रदेश की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। राहुल गांधी के अनुसार उत्त प्रदेश (पश्चिम) के तत्कालीन प्रभारी और कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ प्रियंका वहां कांग्रेस का संगठन खड़ा करेंगी और 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को कड़ी टक्कर देंगी।
प्रियंका गांधी लगातार इस मुहिम में खड़ी दिखाई दे रही है। पार्टी के उत्तर प्रदेश के एक बड़े नेता का कहना है कि प्रियंका गांधी अब पूरे उत्तर प्रदेश का प्रभार देख रही है। गांव, ब्लॉक, नगर, जिला और प्रदेश स्तर पर कांग्रेस का संगठन खड़ा हो रहा है। 2022 में कांग्रेस विरोधियों के दांत खट्टे करने की तैयारी कर रही है।
क्या सफल हो पाएंगी प्रियंका गांधी?
भविष्य से अच्छा इस सवाल का उत्तर किसी के पास नहीं है, लेकिन राजनीति में सत्ता पक्ष से नाराजगी को जो दल भुनाने में सफल होता है, उसके सत्ता में आने की संभावना बनती है। प्रियंका इसी को आधार बनाकर आगे बढ़ रही हैं।
कांग्रेस पार्टी के नेताओं का कहना है कि प्रियंका को जनता सुनती है। उनसे प्रभावित हो रही है। वह जनता से जुड़े ज्वलंत मुद्दे उठा रही हैं। इसलिए सफल होने की संभावना है। यह उम्मीद अखिलेश प्रताप सिंह, नदीम जावेद समेत तमाम नेताओं को दिखाई दे रही है।
कांग्रेस के नेता प्रमोद तिवारी ने अपना क्षेत्रीय दौरा काफी बढ़ा दिया है। वह पूर्वी और सेंट्रल उत्तर प्रदेश को काफी समय दे रही हैं। कांग्रेस के नेताओं का मानना है कि मैदान में प्रियंका खुद होंगी, इसलिए उम्मीद का आधार मजबूत है।