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राज्यसभा: जनसंख्या पर नियंत्रण के लिए निजी विधेयक पेश, विपक्षी सदस्यों ने कहा- महिलाओं का होगा उत्पीड़न

Sat, 05 Feb 2022 03:05 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Sat, 05 Feb 2022 03:05 AM IST
सार

जनसंख्या नियंत्रण विधेयक 2019 को पेश करते हुए राकेश सिन्हा ने कहा कि इससे महिलाओं के अधिकारों का हनन होगा, यह कहना सही नहीं है। राज्यसभा में चर्चा के दौरान विपक्षी सदस्यों ने कहा कि इस विधेयक के कानून बनने पर भारत में महिलाओं का उत्पीड़न होगा।

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Private bill introduced in Rajya Sabha to control on population
राज्यसभा सदस्य राकेश सिन्हा। - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

जनसंख्या वृद्धि पर नियंत्रण के लिए शुक्रवार को राज्यसभा सदस्य राकेश सिन्हा ने एक निजी विधेयक पेश किया। उन्होंने कहा कि यदि जनसंख्या को नियंत्रित नहीं किया गया तो यह आने वाले समय में बेहद चिंता की बात होगी।

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जनसंख्या नियंत्रण विधेयक 2019 को पेश करते हुए उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं के अधिकारों का हनन होगा, यह कहना सही नहीं है। राज्यसभा में चर्चा के दौरान विपक्षी सदस्यों ने कहा कि इस विधेयक के कानून बनने पर भारत में महिलाओं का उत्पीड़न होगा। एनसीपी की फौजिया खान और कांग्रेस सदस्यों ने कहा कि यह बिल एक खास समुदाय को लक्ष्य करके बनाया जा रहा, जो उचित नहीं है।
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राजद सांसद मनोज झा बोले- कानून नहीं हो सकता समाधान
राकेश सिन्हा की तरफ से जनसंख्या नियंत्रण पर लाए गए निजी विधेयक पर चर्चा के दौरान राजद के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने बिहार से जुड़ी एक प्रचलित कहावत की चर्चा की। कहा कि बिहार के बारे में कई बार लोग हंसी में कहते हैं कि जब नील आर्मस्ट्रांग चांद पर गए थे, तो उन्हें वहां एक बिहारी ने चाय पिलाई थी। वह पहले से था वहां खोमचा लगाकर। यह कहकर मनोज झा ने बिहार की उस त्रासदी की तस्वीर संसद में रखी, जिसे पलायन कहा जाता है।
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राजद सांसद झा ने कहा कि दिसंबर 2020 में सुप्रीम कोर्ट में भारत सरकार ने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय अनुभव बताते हैं कि बच्चों की संख्या सीमित करना काउंटर प्रोडक्टिव होता है। इससे जनसांख्यिकी विकृति पैदा होती है। उन्होंने कहा कि 'बीते कुछ वर्षों में एक अद्भुत बात हमारे सार्वजनिक जीवन में हुई है। नेताओं ने बहुत से काम अपने हाथों में ले लिए हैं। पहले इतिहास लेखन का काम इतिहासकारों का होता था लेकिन आजकल नेताओं ने भी वह काम ले लिया है।' मनोज झा ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण कानून बनने से भ्रूण हत्या बढ़ जाएंगी।

30 साल में हम संसाधन विहीन हो जाएंगे, कानून से ही नियंत्रण संभव
राकेश सिन्हा ने कहा कि हमारी तेजी से बढ़ रही जनसंख्या आज की तरह प्रकृति का दोहन करती रही तो आने वाले 30 सालों में हम संसाधन विहीन हो जाएंगे। अमेरिका में 40 फीसदी विवाह, यूरोप में 50 फीसदी, इंग्लैंड में 47 फीसदी और पोलैंड जैसे देश में 60 फीसदी बच्चे शादी से पहले हो जाते हैं। भारत के समाज में शादी के बाद बच्चे की अवधारणा है। टोटल फर्टिलिटी रेट हमारे यहां 4.9 है। इसलिए इसे कानून से ही अब नियंत्रित किया जा सकता है।

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