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तिहाड़ जेल में भिड़े कैदी, बजाना पड़ा इमरजेंसी सायरन

Sun, 17 Sep 2017 05:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 17 Sep 2017 05:32 AM IST
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Prisoner fight in Tihar Jail, administration control them by Emergency sirens

अति सुरक्षित तिहाड़ जेल में कैदियों ने खूनी खेल खेला। कैदियों के कई गुट पहले आपस में भिड़ गए और जब उन्हें काबू करने का प्रयास किया गया तो जेल कर्मियों और तमिलनाडु सिक्योरिटी के पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया।

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बेकाबू कैदियों पर काबू पाने के लिए इमरजेंसी सायरन बजाना पड़ा। मौके पर पहुंचे त्वरित कार्रवाई दस्ते ने कैदियों को काबू किया और उन्हें वापस बैरक में बंद किया गया। हमले में 13 जेल कर्मी व तमिलनाडु सिक्योरिटी के पुलिसकर्मी जख्मी हुए हैं।
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घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया जिन्हें प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। जेल प्रशासन की शिकायत पर कैदियों के खिलाफ षड्यंत्र रचकर सरकारी काम में बाधा पहुंचाने और मारपीट करने का मामला दर्ज किया गया है।
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जानकारी के मुताबिक, घटना 14 सितंबर की है। सुबह जेल परिसर में बने मंदिर के पास कई कैदी मौजूद थे। उनके बीच अचानक लड़ाई शुरू हो गई। उसके बाद कैदी कई गुटों में बंट गए और इस कदर उग्र हो गए कि वहां मौजूद जेल अधिकारियों के लिए उन पर काबू पाना मुश्किल हो गया।

कैदियों ने उन्हें काबू कर रहे जेल कर्मियों और तमिलनाडु सिक्योरिटी पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। स्थिति बेकाबू होती देख इमरजेंसी सायरन बजा दिया गया और मौके पर त्वरित कार्रवाई दस्ते को बुलाया गया। साथ ही जेल के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।

जेल प्रशासन की तरफ से हरी नगर थाने में इसकी शिकायत दी गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जेल में सप्लाई हो रही ड्रग्स

Prisoner fight in Tihar Jail, administration control them by Emergency sirens

एक तरफ तिहाड़ में कैदियों को सुधारने की मुहिम चलाई जा रही है, दूसरी ओर जेल के भीतर ड्रग्स आसानी से कैदियों तक पहुंच रही है। 

12 सितंबर की सुबह तिहाड़ जेल-संख्या तीन में तीन विचाराधीन कैदी जमाल, फैजान और वीरेंद्र नशे की ओवरडोज की वजह से बेसुध पाए गए। तीनों को डीडीयू अस्पताल में भर्ती कराया गया।

वापस लौटने पर तीनों को अलग-अलग सेल में डाल दिया गया। जमाल इस बात से खफा होकर 13 सितंबर को गाली गलौज करने लगा। जब जेल अधिकारियों ने उसे समझाने की कोशिश की, तो उन्हें फंसाने की धमकी देकर अपने सिर को दीवार पर मारने लगा।

जेल अधिकारियों ने उसे किसी तरह से काबू किया। रात में फिर से जमाल और वीरेंद्र बेकाबू हो गए और खुद को घायल करने के साथ-साथ दूसरे कैदियों को भी घायल कर दिया। अगले दिन सभी कैदियों ने मिलकर जमकर बवाल किया।

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