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रेणुका की हंसी पर पीएम के रामायण की सियासत शुरू, चौधरी ने कहा- ये महिलाओं का अपमान

Thu, 08 Feb 2018 02:25 PM IST
शशिधर पाठक, नई दिल्ली
शशिधर पाठक, नई दिल्ली Updated Thu, 08 Feb 2018 02:25 PM IST
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Prime minister sarcastic reply on laughter of Renuka Chaudhary in rajyasabha
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राज्यसभा में टिप्पणी से कांग्रेस की राज्यसभा सदस्य रेणुका चौधरी भड़क गईं। रेणुका चौधरी को अपनी हंसी में कुछ भी बुरा नहीं लगा और उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की टिप्पणी को महिलाओं का अपमान बताया। बुधवार को राज्यसभा में टिप्पणी के तत्काल बाद रेणुका इसको लेकर मुखर होना चाह रही थीं, लेकिन प्रधानमंत्री राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा का जवाब दे रहे थे। इसलिए वो सफल नहीं हो सकीं।

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क्या हुआ था?
प्रधानमंत्री अपने भाषण में कांग्रेस के उस दावे का उल्लेख कर रहे थे, जिसमें कांग्रेस आधार को अपना बताती है। इसके जवाब के क्रम में बुधवार को प्रधानमंत्री ने सदन में कहा कि सात जुलाई 1998 को वर्तमान सभापति वेंकैया नायडू ने बतौर राज्यसभा सदस्य तत्कालीन गृहमंत्री लालकृष्ण आडवाणी से सवाल पूछा था। नायडू के सवाल के जवाब में आडवाणी ने कहा कि बहुउद्देश्यीय राष्ट्रीय कार्ड का उपयोग पासपोर्ट, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश, जीवन बीमा, निजी और सार्वजनिक क्षेत्र में रोजगार, जमीन के दस्तावेज, शहरी संपत्तियों आदि में किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि आधार का बीज यहां है...20 साल पहले।
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रेणुका की हंसी
प्रधानमंत्री के आधार का बीज 20 साल बताते ही कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी की क्या मजाक है, का आभास कराती हुई सदन में हंसी गूंजी। रेणुका के हंसते ही सभापति वेंकैया नायडू ने हंगामे की परवाह किए बगैर अपना भाषण जारी रख रहे प्रधानमंत्री को रोका। उन्होंने कहा कि  कुछ लोग ....प्रधानमंत्री जी एक मिनट....। सभापति ने कहा कि मैं सभी से कहना चाहता हूं...आपको क्या हुआ है रेणुका जी? यदि आपको कोई समस्या है तो डॉक्टर के पास जाइए....। सदन में हंगामे के बीच सभापति ने कहा...कृपया आप बैठ जाइए। बैठ जाइए....श्रीमती रेणुका चौधरी...बैठ जाइए। यह कोई तरीका नहीं है। रेणुका चौधरी ने इस पर कहा कि क्या वह विरोध नहीं कर सकतीं? सभापति ने कहा....हमने आपका नाम लिया है....बैठ जाइए।
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प्रधानमंत्री ने इस पर सभापति से आग्रह किया कि वह रेणुकाजी को कुछ न कहें। इस बीच सभापति ने कहा कि वह राज्यसभा सचिवालय और मीडिया को सुझाव देते हैं कि वह इस तरह की हल्की बात और हल्के व्यवहार को  रिपोर्ट न करें। राज्यसभा में शोरगुल के बीच प्रधानमंत्री ने बोलना जारी रखा और कहा कि सभापतिजी आपसे प्रार्थना है कि आप रेणुकाजी को कुछ मत कहिए। रामायण के बाद ऐसी हंसी सुनने का आज सौभाग्य मिला है। इस पर आनंद शर्मा खड़े हुए। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष हंसे तो अच्छा, हम हंसे तो बुरा...। इस पर सभापति ने कहा कि कोई हंसे तो अच्छा नहीं है। हंसना नहीं है...हमको देखकर लोग हंस रहे हैं....कुछ भी रिकॉर्ड में नहीं जाएगा। इतने में रेणुका चौधरी ने खड़े होकर इसे महिलाओं के अपमान से जोडना चाहा। सत्ता पक्ष की तरफ से सूचना प्रसारण और कपड़ा मंत्री ने भी कुछ कहा। 


आधार अटलजी का दृष्टिकोण
प्रधानमंत्री ने अपनी बात कहना जारी रखा। उन्होंने सदन को बताया कि आधार कार्ड का दृष्टिकोण पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का था। उन्होंने इसका बीज 20 साल पहले बोया था, लेकिन कांग्रेस कहती है कि आधार कार्ड उसका है तो हमें उसे क्रेडिट देने में कोई तकलीफ नहीं है।

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