टूलकिट खुलासे पर बोले पीएम मोदी- भारतीय चाय को बदनाम करने के लिए विदेश में रची गई साजिश
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज असम के दौरे पर हैं, यहां उन्होंने सोनितपुर जिले के ढेकियाजुली में असोम माला कार्यक्रम को लॉन्च किया। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी के साथ मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल भी मौजूद थे। यहां एक रैली के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने टूलकिट खुलासे पर हमला किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि षडयंत्रकारी दुनियाभर में भारतीय चाय की छवि को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने किसान आंदोलन के टूलकिट खुलासे पर कहा कि कुछ लोग इतना नीचे गिर गए हैं कि भारतीय चाय की छवि को भी नहीं छोड़ रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने ग्रेटा थनबर्ग के टूलकिट खुलासे पर हमला बोलते हुए कहा कि कुछ दस्तावेज सामने आए हैं। ये दस्तावेज ये बताते हैं कि विदेश में बैठी ताकतें चाय के साथ भारत की जो पहचान जुड़ी है, उस पर हमला करने की फिराक में है।
#WATCH | People who are conspiring to defame India have stooped so low that they're not sparing even Indian tea... Some documents have come up revealing that some foreign powers are planning to attack India's identity associated with tea. Will you accept this attack?: PM in Assam pic.twitter.com/6BCOBIn1ET
— ANI (@ANI) February 7, 2021
उन्होंने विस्तार से जानकारी दिए बिना कहा, लेकिन ऐसे दस्तावेज सामने आए हैं, जिनमें भारतीय चाय को बदनाम करने के लिए देश के बाहर षड्यंत्र रचे जाने की बात का खुलासा हुआ है। मुझे भरोसा है कि असम के चाय बागान कर्मी इन ताकतों को करारा जवाब देगा।
ग्रीनपीस की रिपोर्ट में कीटनाशकों का जिक्र
प्रधानमंत्री संभवत: गैर-सरकारी संगठन ग्रीनपीस की उस रिपोर्ट का हवाला दे रहे थे, जिसमें भारतीय चाय उद्योग में कीटनाशकों का अत्याधिक उपयोग करने का जिक्र किया गया है। मोदी ने कहा कि सरकार ने इस बजट में चाय क्षेत्र के लिए 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है और असम के प्रत्येक चाय बागान श्रमिक को शनिवार को 3,000 रुपये की सहायता-राशि वितरित की गई है।
स्थानीय भाषा में शिक्षा देने वाले मेडिकल कॉलेज खुलेंगे
असम में होने वाले विधानसभा चुनाव के बीच एक पखवाड़े में दूसरा दौरा करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हर राज्य में स्थानीय भाषा में शिक्षा मुहैया कराने वाला कम से कम एक मेडिकल कॉलेज और एक प्रौद्योगिकी संस्थान स्थापित करना उनका सपना है। विधानसभा चुनाव के बाद असम में इस प्रकार के संस्थान स्थापित करने का वादा किया। मोदी ने दो मेडिकल कॉलेज की नींव रखने और राज्य राजमार्ग के उन्नयन के लिए ‘असम माला’ योजना शुरू करने के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, गांवों एवं दूर-दराज के क्षेत्रों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है।
विश्वनाथ व चरादेव में बनेंगे मेडिकल कॉलेज
विश्वनाथ और चराइदेव जिलों में दो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल बनाए जाएंगे। विश्वनाथ में मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की अनुमानित लागत 565 करोड़ रुपये होगी तथा चराइदेव में इस पर 557 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इनमें प्रत्येक में 100 सीटें होंगी।
असम का अभूतपूर्व विकास हुआ
उन्होंने दावा किया कि असम ने पिछले पांच साल में अभूतपूर्व विकास किया है और इस दौरान यहां स्वास्थ्य एवं बुनियादी ढांचे में सुधार हुआ है। मोदी ने कहा कि राज्य में 2016 तक केवल छह मेडिकल कॉलेज थे, लेकिन मात्र पांच साल में छह और कॉलेज खोले गए। मेडिकल कॉलेजों में सीटों की संख्या 725 से बढ़कर 1,600 हो गई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 8,210 करोड़ रुपये की लागत वाली ‘असम माला’ योजना नए अवसर पैदा करेगी। इस योजना के तहत लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) राज्य राजमार्गों का उन्नयन करेगा। मोदी ने कहा कि उन्होंने चाय बागान कर्मियों की स्थिति को हमेशा असम के विकास से जोड़ा है।