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'नाम तिनसुकिया पर यहां सब दुखिया ही दुखिया नजर आते'
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sat, 26 Mar 2016 03:46 PM IST
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मोदी ने चाय बेचने के दिनों को किया याद
- फोटो : PTI
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देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर चुनावी बिगुल फूंक दिया है। उन्होंने असम के मुख्यमंत्री तरूण गोगोई पर निशाना साधा और कहा कि 'ये कहते हैं कि मोदी से मेरी लड़ाई है, मुख्यमंत्री जी आप इतने बुजुर्ग है, मैं इतना छोटा हूं।
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पीएम मोदी ने कहा कि यहां का नाम 'तिनसुकिया' है लेकिन यहां दुखिया ही दुखिया नजर आता है। मोदी ने कहा कि हमारा संकल्प है कि तिनसुकिया' को सच्चे अर्थ में 'सुखिया' बनाना। जन-जन को दुखिया से सुखिया बनाना है।
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मोदी ने कहा कि अच्छी चीजों की उम्मीद में आपने कांग्रेस को 60 साल का कार्यकाल दिया। मैं आप से कुछ नहीं कह रहा हूं बस सिर्फ आप से 5 साल मांग रहा हूं। इसका फायदा असम को मिलेगा। उन्होंने कहा कि यहां पर सिर्फ एक ही लहर हैं। एक ही आनंद असम में है और वो है सर्वानंद।
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मोदी ने कहा कि मेरी लड़ाई मुख्यमंत्री तरूण गागोई के खिलाफ नहीं है। हमारी लड़ाई गरीबी और भ्रष्टाचार के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि आजादी के समय असम बहुत ही संपन्न राज्य हुआ करता था। पर आज गरीब राज्यों में से एक है। असम की चाय की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि यही तो वो चाय है जिसने दुनिया भर में हिंदुस्तान के प्रति चाह पैद कर दी है। हमारे चाय बागानों में काम करने वाले लोगों ने चाय की चुस्की लेते-लेते हिंदुस्तान के लोगों में ऊर्जा भरने का काम किया है।
असम के कई गांवों में आज भी इलेक्ट्रिक पोल नहीं है। मोदी ने कहा कि 'मेरे सिर्फ तीन एजेंडे हैं-विकास, तेज गति से विकास और चारों तरफ विकास। असम में परिस्थितियों में सुधार हो सकता है। अगर तीन चीजों में बदलाव हो जाए तो पहला गरीबों को एजुकेशन मिले, युवाओं को आय मिले और बुजुर्गों को दवाइयां।
मोदी ने अपने चाय बेचने के दिनों को याद करते हुए कहा कि जब मैं चाय बेचता था, वो असम की चाय ही होती थी। जो चाय मैं पिलाता था उसे पीकर लोग ताजगी महसूस करते थे। असम के लोगों का मुझपर ऋण है।