कोरोना वैक्सीन की तैयारियों की समीक्षा कर रहे पीएम मोदी, जानें कौन-सा टीका ट्रायल के किस चरण में
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देश और दुनिया में कोरोना वैक्सीन का इंतजार बेसब्री से हो रहा है। कोरोना वायरस के खिलाफ भारत में बन रही वैक्सीन का जायजा लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज देश के तीन राज्यों में स्थित तीन प्रयोगशालाओं के दौरे पर हैं। वे सबसे पहले अहमदाबाद पहुंचे।
Visited the Zydus Biotech Park in Ahmedabad to know more about the indigenous DNA based vaccine being developed by Zydus Cadila. I compliment the team behind this effort for their work. Government of India is actively working with them to support them in this journey. pic.twitter.com/ZIZy9NSY3o
— Narendra Modi (@narendramodi) November 28, 2020विज्ञापन
अहमदाबाद में प्रधानमंत्री मोदी ने जाइडस कैडिला के प्लांट में वैक्सीन की तैयारियों की समीक्षा ली। प्रधानमंत्री मोदी अहमदाबाद से निकल गए हैं और हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक प्लांट में पहुंच गए हैं। इसके बाद पीएम मोदी महाराष्ट्र के पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट जाएंगे। आइए यहां जानते हैं कि देश में बनाई जा रही कौन-सी वैक्सीन ट्रायल के कौनसे चरण में है...
जाइडस कैडिला की कोरोना वैक्सीन
दवा कंपनी जाइडस कैडिला भी कोरोना वैक्सीन का निर्माण कर रही है। कंपनी ने अपनी दवा को जायकोव-डी का नाम दिया है। कंपनी ने पहले एलान किया था कि इस वैक्सीन के पहले चरण का ट्रायल पूरा हो गया है और दूसरे चरण का परीक्षण अगस्त में शुरू किया गया था।
कंपनी की तरफ से मिली जानकारी के मुताबिक, जाइडस कैडिया की वैक्सीन अगले साल मार्च तक इस्तेमाल के लिए तैयार हो सकती है। बताया जा रहा है कि जाइडस कैडिला 17 करोड़ वैक्सीन बनाने की तैयारी कर रही है और प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को जाइडस बायोटेक पार्क पहुंचकर वैक्सीन की तैयारियों की समीक्षा भी की है।
भारत बायोटेक की कोवैक्सीन का तीसरे चरण का ट्रायल शुरू
हैदराबाद में भारत बायोटेक की ओर से बनाई जा रही स्वदेशी कोरोना वैक्सीन एम्स दिल्ली में क्लिनिकल ट्रायल के तीसरे चरण में पहुंच गई है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के साथ मिलकर भारत बायोटेक कोवैक्सीन को विकसित कर रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, डॉ. एमवी पद्मा श्रीवास्तव को पहला टीका लगाया गया है।
वहीं अगले कुछ दिनों में 15,000 से ज्यादा स्वयंसेवकों को टीका लगाया जाएगा। तीसरे चरण के तहत 18 साल और उससे ज्यादा की आयु के 28,500 लोगों को विभिन्न केंद्रों पर परीक्षण का टीका लगाया जाएगा।
90 फीसदी कारगर है ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन
पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट में ऑक्सफोर्ड और एस्ट्राजेनेका मिलकर कोविशील्ड नाम की वैक्सीन तैयार कर रही हैं। इसका महत्व भारत में अच्छा खासा है, क्योंकि सीरम इंस्टीट्यूट ने इसके लिए एस्ट्राजेनेका के साथ करार कर लिया है। सीरम इंस्टीट्यूट इस वैक्सीन की 100 करोड़ डोज तैयार करेगा।
सूत्रों की मानें तो इस वैक्सीन के डोज की कीमत लगभग 500-600 रुपये होगी, हालांकि सरकार के लिए इसकी कीमत आधी होगी। यह वैक्सीन कोरोना पर 90 फीसदी तक असरदार है।