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National Labour Conference: पीएम मोदी बोले- अमृत काल के हमारे सपनों को पूरा करने में भारत की श्रम शक्ति अहम
Thu, 25 Aug 2022 09:35 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Thu, 25 Aug 2022 09:35 PM IST
सार
उन्होंने कहा कि बीते आठ वर्षों में हमने देश में गुलामी के दौर के और गुलामी की मानसिकता वाले कानूनों को खत्म करने का बीड़ा उठाया है। देश अब ऐसे लेबर कानूनों को बदल रहा है, रीफॉर्म कर रहा है, उन्हें सरल बना रहा है। इसी सोच से, 29 लेबर क़ानूनों को 4 सरल लेबर कोड्स में बदला गया है।
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PM Modi
- फोटो : ANI
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के श्रम मंत्रियों के एक राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि अमृत काल के हमारे सपनों को पूरा करने में भारत की श्रम शक्ति अहम भूमिका निभाएगी।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के सपने को साकार करने में भारत की श्रम शक्ति की बहुत बड़ी भूमिका है। देश संगठित और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले करोड़ों श्रमिक साथियों के लिए निरंतर काम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि बीते आठ वर्षों में हमने देश में गुलामी के दौर के और गुलामी की मानसिकता वाले कानूनों को खत्म करने का बीड़ा उठाया है। देश अब ऐसे लेबर कानूनों को बदल रहा है, रीफॉर्म कर रहा है, उन्हें सरल बना रहा है। इसी सोच से, 29 लेबर क़ानूनों को 4 सरल लेबर कोड्स में बदला गया है।
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पीएम ने कहा कि EPFO ने भारत में श्रम बल को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ई-श्रम पोर्टल इस बात का एक और उदाहरण है कि कैसे भारत असंगठित क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। निर्माण जैसे क्षेत्रों में काम करने वालों को भी अब सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है।
पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन में लिए गए विचार-विमर्श और निर्णय देश के श्रम को सशक्त बनाएंगे। संगठित और असंगठित क्षेत्रों में काम करने वालों के उत्थान के उद्देश्य से विभिन्न योजनाओं के माध्यम से भारत में श्रम शक्ति को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
PM मोदी ने कहा कि हम फ्लेक्सिबल वर्क प्लेस जैसी व्यवस्थाओं को महिला श्रमशक्ति की भागीदारी के लिए अवसर के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। देश का श्रम मंत्रालय अमृतकाल में वर्ष 2047 के लिए अपना विज़न भी तैयार कर रहा है। भविष्य की जरूरत है- फ्लेक्सिबल वर्क प्लेस, वर्क फ्रॉम होम इकोसिस्टम।
नारी शक्ति पर पीएम ने कही बड़ी बात
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश नारी शक्ति का सही उपयोग कर अपने लक्ष्यों को तेजी से हासिल कर सकता है। हमें सोचना होगा कि हम अपने महिला कार्यबल के लिए और क्या कर सकते हैं, खासकर उभरते क्षेत्रों में। हम काम के लचीले घंटों को अपनाकर नारी शक्ति का अच्छा उपयोग कर सकते हैं। यह भविष्य की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि काम करने के स्थान, घर से काम करने की सुविधा का परिवेश और काम के घंटों में लचीलापन भविष्य की जरूरत है। हम महिला श्रमशक्ति के लिए अवसर पैदा करने को लेकर लचीले कार्यस्थलों जैसी प्रणालियों का उपयोग कर सकते हैं।
400 क्षेत्र के 28 करोड़ कामगार ई श्रम पोर्टल में दर्ज
मोदी ने कहा, ई श्रम पोर्टल सरकार की महत्वपूर्ण पहल है और इसके शुरू होने के एक साल के अंदर 400 क्षेत्रों के करीब 28 करोड़ कामगार इस पोर्टल में दर्ज हो चुके हैं। इससे विशेष रूप से निर्माण श्रमिकों, प्रवासी मजदूरों और घरेलू श्रमिकों को लाभ हुआ है।
महामारी से देश के संभलने में उसके श्रमिकों का बड़ा योगदान
मोदी ने कहा, कोरोना महामारी के संकट से उभरते हुए भारत एक बार फिर तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शुमार हो गया है। महामारी की मार से देश के संभलने का श्रेय हमारे श्रमिकों को जाता है। इसमें इनका बड़ा योगदान है। मोदी ने कहा, इस सम्मेलन में लिए गए फैसले हमारे श्रमिकों को सशक्त करेंगे।
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उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के सपने को साकार करने में भारत की श्रम शक्ति की बहुत बड़ी भूमिका है। देश संगठित और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले करोड़ों श्रमिक साथियों के लिए निरंतर काम कर रहा है।
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उन्होंने कहा कि बीते आठ वर्षों में हमने देश में गुलामी के दौर के और गुलामी की मानसिकता वाले कानूनों को खत्म करने का बीड़ा उठाया है। देश अब ऐसे लेबर कानूनों को बदल रहा है, रीफॉर्म कर रहा है, उन्हें सरल बना रहा है। इसी सोच से, 29 लेबर क़ानूनों को 4 सरल लेबर कोड्स में बदला गया है।
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पीएम ने कहा कि EPFO ने भारत में श्रम बल को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ई-श्रम पोर्टल इस बात का एक और उदाहरण है कि कैसे भारत असंगठित क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। निर्माण जैसे क्षेत्रों में काम करने वालों को भी अब सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है।
पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन में लिए गए विचार-विमर्श और निर्णय देश के श्रम को सशक्त बनाएंगे। संगठित और असंगठित क्षेत्रों में काम करने वालों के उत्थान के उद्देश्य से विभिन्न योजनाओं के माध्यम से भारत में श्रम शक्ति को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
PM मोदी ने कहा कि हम फ्लेक्सिबल वर्क प्लेस जैसी व्यवस्थाओं को महिला श्रमशक्ति की भागीदारी के लिए अवसर के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। देश का श्रम मंत्रालय अमृतकाल में वर्ष 2047 के लिए अपना विज़न भी तैयार कर रहा है। भविष्य की जरूरत है- फ्लेक्सिबल वर्क प्लेस, वर्क फ्रॉम होम इकोसिस्टम।
नारी शक्ति पर पीएम ने कही बड़ी बात
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश नारी शक्ति का सही उपयोग कर अपने लक्ष्यों को तेजी से हासिल कर सकता है। हमें सोचना होगा कि हम अपने महिला कार्यबल के लिए और क्या कर सकते हैं, खासकर उभरते क्षेत्रों में। हम काम के लचीले घंटों को अपनाकर नारी शक्ति का अच्छा उपयोग कर सकते हैं। यह भविष्य की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि काम करने के स्थान, घर से काम करने की सुविधा का परिवेश और काम के घंटों में लचीलापन भविष्य की जरूरत है। हम महिला श्रमशक्ति के लिए अवसर पैदा करने को लेकर लचीले कार्यस्थलों जैसी प्रणालियों का उपयोग कर सकते हैं।
400 क्षेत्र के 28 करोड़ कामगार ई श्रम पोर्टल में दर्ज
मोदी ने कहा, ई श्रम पोर्टल सरकार की महत्वपूर्ण पहल है और इसके शुरू होने के एक साल के अंदर 400 क्षेत्रों के करीब 28 करोड़ कामगार इस पोर्टल में दर्ज हो चुके हैं। इससे विशेष रूप से निर्माण श्रमिकों, प्रवासी मजदूरों और घरेलू श्रमिकों को लाभ हुआ है।
महामारी से देश के संभलने में उसके श्रमिकों का बड़ा योगदान
मोदी ने कहा, कोरोना महामारी के संकट से उभरते हुए भारत एक बार फिर तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शुमार हो गया है। महामारी की मार से देश के संभलने का श्रेय हमारे श्रमिकों को जाता है। इसमें इनका बड़ा योगदान है। मोदी ने कहा, इस सम्मेलन में लिए गए फैसले हमारे श्रमिकों को सशक्त करेंगे।