{"_id":"5f44ec601a1d3f6bd209025e","slug":"press-conference-on-covid19-situation-in-india-live-updates-news-in-hindi-health-ministry","type":"story","status":"publish","title_hn":"Covid-19 Bulletin : बुजुर्ग या युवा नहीं बल्कि मास्क न पहनने वाले लापरवाह लोग फैला रहे महामारी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Covid-19 Bulletin : बुजुर्ग या युवा नहीं बल्कि मास्क न पहनने वाले लापरवाह लोग फैला रहे महामारी
Tue, 25 Aug 2020 08:42 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Tue, 25 Aug 2020 08:42 PM IST
सार
- देश में कोविड-19 की स्थिति पर स्वास्थ्य मंत्रालय और आईसीएमआर की प्रेसवार्ता
- ठीक होने वाले मरीजों की संख्या सक्रिय मामलों की तुलना में 3.4 गुना अधिक हुई
- मरीजों के ठीक होने की दर 75 फीसदी से अधिक हुई, मृत्यु दर है 1.58 प्रतिशत
- मास्क न पहनने वाले लापरवाह लोग देश में महामारी फैला रहे हैं : आईसीएमआर
विज्ञापन
राजेश भूषण (स्वास्थ्य मंत्रालय)
- फोटो : एएनआई
विस्तार
देश में कोरोना वायरस की स्थिति को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण, नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल और आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव देश में कोरोना की स्थिति को लेकर जानकारियां दीं।
विज्ञापन
राजेश भूषण ने कहा कि आज, देश में कोरोना वायरस से ठीक हो चुके मरीजों की संख्या सक्रिय मामलों से 3.4 गुना ज्यादा है। उन्होंने कहा कि कुल मामलों में सक्रिय मामले महज 22.2 फीसदी हैं। देश में कोरोना वायरस से मरीजों के ठीक होने दर (रिकवरी रेट) लगातार बढ़ रही है। भूषण ने कहा कि देश में अब यह दर 75 फीसदी से अधिक हो गई है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि देश में कोविड-19 मृत्यु दर 1.58 फीसदी है, जो दुनिया में सबसे कम में से एक है। पिछले 24 घंटे में कोरोना के सक्रिय मामलों में 6400 की कमी आई है। भूषण ने कहा कि देश में कोरोना के कुल सक्रिय मामलों में से केवल 2.7 फीसदी मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं। 1092 फीसदी आईसीयू में हैं और 0.29 फीसदी मरीज वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं।
विज्ञापन
अब तक हो चुकीं 3.6 से ज्यादा कोविड-19 जांच
भूषण ने बताया कि अब तक देश में कोरोना वायरस की 3.6 करोड़ से ज्यादा जांच की जा चुकी हैं। इसके साथ ही 24 लाख से अधिक मरीज ठीक हो चुके हैं। अभी तक कोरोना की वजह से कुल 58,390 मौतें हुई हैं जिसमें 69 फीसदी पुरुष और 31 फीसदी महलाएं हैं। 36 फीसदी 45-60 आयु के और 51 फीसदी 60 और उससे ऊपर की आयु वर्ग वाले लोग हैं।
प्रति दिन जांच की संख्या में हो रही है बढ़ोतरी
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक प्रो. डॉ. बलराम भार्गव ने कहा कि प्रति दिन जांच की संख्या बढ़ रही है। 30 जनवरी को 10 टेस्ट प्रति दिन हो रहे थे तो 15 मार्च को 1000 टेस्ट प्रति दिन हो रहे थे। 15 मई को यह आंकड़ा 95,000 टेस्ट प्रति दिन था। 21 अगस्त को हम 10 लाख टेस्ट प्रति दिन के लैंडमार्क पर पहुंच गए हैं।
स्कूल-कॉलेज खोलने पर अभी कोई फैसला नहीं
वहीं, स्कूल-कॉलेज खोले जाने को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि इस संबंध में अभी कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। राजेश भूषण ने कहा कि जो भी गतिविधियां शुरू होती हैं उनके लिए एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) जारी की जाती है। इसे लेकर जब भी फैसला होगा एसओपी जारी की जाएगी।
मास्क न पहनने वाले चला रहे हैं महामारी
वैक्सीन को लेकर भूषण ने कहा कि जहां तक स्पुतनिक-5 वैक्सीन (रूस में विकसित COVID-19 वैक्सीन) का संबंध है, भारत और रूस बात कर रहे हैं। कुछ प्रारंभिक जानकारी साझा की गई है। वहीं, भार्गव ने कहा, 'मैं ये नहीं कहूंगा कि युवा या बुजुर्ग लोग बल्कि गैर-जिम्मेदार, कम सतर्क लोग जो मास्क नहीं पहन रहे हैं भारत में महामारी को चला रहे हैं।'
भार्गव ने कहा कि हमने हांगकांग में एक व्यक्ति के कोरोना से दोबारा संक्रमित होने की रिपोर्ट पढ़ी है। यह कई कारकों पर निर्भर हो सकता है। यह मरीज के प्रतिरक्षा तंत्र की स्थिति से संबंधित हो सकता है या हो सकता है कि वायरस म्यूटेट हुआ हो। हमें इस पर गहन अध्ययन करने की जरूरत है लेकिन यह बहुत चिंता की बात नहीं है।