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विश्व टीबी दिवस: राष्ट्रपति कोविंद बोले, कोविड और इसके वैरिएंट ने देश के स्वास्थ्य इन्फ्रा पर बहुत दबाव डाला
Wed, 23 Mar 2022 08:16 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Wed, 23 Mar 2022 08:16 PM IST
सार
राष्ट्रपति ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान को शुरू करने में हमारे स्वास्थ्य कर्मियों के साथ केंद्र और राज्य सरकारों के संयुक्त प्रयासों ने लड़ाई मजबूत की है।
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
- फोटो : एएनआई (फाइल)
विस्तार
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को कहा कि कोविड-19 महामारी का प्रसार और इसके नए वैरिएंट्स ने देश की हेल्थकेयर व्यवस्था पर अभूतपूर्व दबाव डाला है। उन्होंने कहा कि कोरोना ने देश के हेल्थकेयर इन्फ्रास्ट्रक्चर के सामने असाधारण चुनौतियां पेश की हैं।
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विश्व ट्यूबरकुलोसिस (टीबी) दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा कि दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान को शुरू करने में हमारे स्वास्थ्य कर्मियों के साथ केंद्र और राज्य सरकारों के संयुक्त प्रयासों ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई मजबूत की है।
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कोविंद ने कहा, '24 मार्च को जनता के बीच टीबी के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए विश्व टीबी दिवस मनाया जाता है। 1882 में इसी दिन डॉ. रॉबर्ट कूच ने इसका कारण बनने वाले बैक्टीरिया की खोज की थी। इसने इस घातक बीमारी के इलाज का रास्ता तैयार किया।'
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राष्ट्रपति ने भारत टीबी रिपोर्ट 2022 के शुभारंभ के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मैं उन सभी को बधाई देता हूं जिन्होंने इस बीमारी से लड़ाई लड़ी है और दूसरों के लिए रास्ता दिखा रहे हैं। आइए हम सब मिलकर 2025 तक टीबी मुक्त भारत बनाने के लिए काम करें
दक्षिण-पूर्व एशिया में तीन अरब डॉलर के सालाना निवेश की जरूरत: डब्ल्यूएचओ
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा है कि दक्षिणपूर्व एशिया में टीबी के 45 लाख नए मरीजों से बचने के लिए तीन अरब अमेरिकी डॉलर के सालाना निवेश की आवश्यकता है। इसने टीबी के खिलाफ जंग में राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर से तत्काल सहयोग पर जोर दिया।