गोगोई को राज्यसभा के लिए मनोनीत किए जाने पर विपक्ष ने पूछा- इनाम है क्या?
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ओवैसी ने पूछा- यह इनाम है क्या?
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लमिन के अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने अपने ट्विटर पर लिखा, 'क्या यह इनाम है?' लोग न्यायाधीशों की स्वतंत्रता पर यकीन कैसे करेंगे? कई सवाल हैं।'
Is it “quid pro quo”?
— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) March 16, 2020
How will people have faith in the Independence of Judges ? Many Questions pic.twitter.com/IQkAx4ofSf
तस्वीरें सच बयां करती हैं: रणदीप सुरजेवाला
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने राष्ट्रपति द्वारा गोगोई को नामित किए जाने को लेकर ट्वीट करते हुए दो तस्वीरें शेयर की। उन्होंने लिखा, 'यह तस्वीरें सच बयां कर रही हैं।'
The Pictures say it all! pic.twitter.com/6oSutHSy8A
— Randeep Singh Surjewala (@rssurjewala) March 16, 2020
मेरे हक में फैसला दो मैं तुम्हें राज्यसभा सीट दूंगा
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने गोगोई को नामिक करने पर सवाल खड़ा किए। उन्होंने लिखा, तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा (सुभाष चंद्र बोस)। तुम मेरे हक में वैचारिक फैसला दो मैं तुम्हें राज्यसभा सीट दूंगा (भाजपा)।
राज्यसभा सीट के ऑफर को कहेंगे न: यशवंत सिन्हा
अटल-आडवाणी के जमाने में भाजपा के करीबी रहे यशवंत सिन्हा ने ट्वीट कर लिखा, मैं आशा करता हूं कि पूर्व चीफ़ जस्टिस रंजन गोगोई के पास राज्यसभा सीट के ऑफर पर ना कहने का अच्छा सेंस होगा। वरना वे न्यायपालिका की प्रतिष्ठा को भारी नुकसान पहुंचाएंगे।
सीताराम येचुरी ने गोगोई को याद दिलाया उनका बयान
माकपा के राज्यसभा सांसद सीताराम येचुरी ने लिखा, 'श्री रंजन गोगोई ने पिछले साल खुद ही कहा था कि 'ऐसा बड़ी मजबूती से माना जाता है कि सेवानिवृत्ति के बाद होने वाली नियुक्तियां न्यायपालिका की आजादी पर धब्बा है।'
ये महज संयोग है: मोहम्मद सलीम
मार्क्सवादी नेता मोहम्मद सलीम ने ट्वीट कर लिखा, 'वकील को भुगतान क्यों करना जब आप जज ही खरीद सकते हैं। इस सवाल का पूर्व सीजेआई से कोई समानता प्रतीत होना महज एक संयोग है।'
Why pay a lawyer when you can buy a judge?
— Md Salim (@salimdotcomrade) March 16, 2020
Any resemblance of this question to Former CJI #RanjanGogoi is purely coincidental.
योगेंद्र यादव ने अरुण जेटली की बात दिलाई याद
स्वराज इंडिया पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने भाजपा के दिवंगत नेता अरुण जेटली की कही हुई बात याद दिलाई है, जिसमें उन्होंने कहा था, 'सेवानिवृत्ति से पहले के फैसले, सेवानिवृत्ति के बाद नौकरी की इच्छा से प्रभावित होते हैं।'
बीते साल ही सेवानिवृत्त हुए हैं रंजन गोगोई
पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई पिछले साल 17 नवंबर 2019 को सेवानिवृत्त हुए हैं। 15 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में उनके कार्य का आखिरी दिन था। पूर्व सीजेआई गोगोई ने 3 अक्तूबर 2018 को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का पद ग्रहण किया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में 23 अप्रैल 2012 को नियुक्त हुए थे।