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Gujarat: 'तकनीक बढ़ेगी, लेकिन इंसानियत ही असली इलाज', मेडिकल क्षेत्र में हो रहे बदलावों पर राष्ट्रपति मुर्मू

Mon, 13 Apr 2026 07:17 PM IST
Shubham Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजकोट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजकोट Published by: Shubham Kumar Updated Mon, 13 Apr 2026 07:17 PM IST
सार

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एम्स राजकोट में नए डॉक्टरों को संबोधित करते हुए अहम संदेश दिया। उन्होंने कहा कि एआई, रोबोटिक्स और डिजिटल हेल्थ ने चिकित्सा को बदल दिया है। उन्होंने नए डॉक्टरों से तकनीक अपनाने की अपील की, लेकिन जोर दिया कि मरीजों की देखभाल में संवेदनशीलता और मानवता की जगह कोई मशीन नहीं ले सकती।

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President Murmu Said AI transforming healthcare but human empathy is irreplaceable News In Hindi
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू - फोटो : एक्स/राष्ट्रपति भवन

विस्तार

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को मेडिकल क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलावों पर बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) रोबोटिक्स और डिजिटल हेल्थ जैसी नई तकनीकें आज मेडिकल क्षेत्र को तेजी से बदल रही हैं, लेकिन मरीजों की देखभाल में इंसानियत और संवेदनशीलता की जगह कोई तकनीक नहीं ले सकती। यह बात उन्होंने राजकोट स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के पहले दीक्षांत समारोह में नए डॉक्टरों को संबोधित करते हुए कही।

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राष्ट्रपति ने कहा कि आज एआई, रोबोटिक्स और डिजिटल हेल्थ ने इलाज के तरीकों को बहुत आगे बढ़ा दिया है। उन्होंने नए डॉक्टरों से कहा कि वे इन तकनीकों को सीखें और अपने काम में इस्तेमाल करें ताकि मरीजों का बेहतर इलाज हो सके। लेकिन उन्होंने यह भी साफ कहा कि कोई भी मशीन मरीज की भावनाओं को नहीं समझ सकती। डॉक्टर की एक मुस्कान, अच्छे शब्द और मरीज की बात सुनना कई बार दवाओं से भी ज्यादा असर करता है।
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राष्ट्रपति ने डॉक्टरों की जिम्मेदारी पर दिया जोर
इस दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने मरीजों को लेकर डॉक्टरों की जिम्मेदारी पर भी खासा जोर दिया। उन्होंने कहा कि डॉक्टर सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा का काम है। सफेद कोट पहनने का मतलब लोगों का भरोसा और जिम्मेदारी दोनों है, जिसे बनाए रखना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों को धैर्य, विनम्रता और संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए और समाज की सेवा को अपना लक्ष्य बनाना चाहिए।


एम्स राजकोट को सुझाव भी दिए
राष्ट्रपति ने कहा कि नया संस्थान होने के कारण AIIMS राजकोट को अपनी दिशा साफ रखनी चाहिए। इसे मातृ और शिशु स्वास्थ्य, सिकल सेल एनीमिया जैसी बीमारियों, ग्रामीण और आदिवासी इलाकों की स्वास्थ्य जरूरतों पर खास ध्यान देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि संस्थान को पारदर्शिता, अच्छे प्रशासन और संसाधनों के सही इस्तेमाल पर ध्यान देना चाहिए।

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नए डॉक्टरों और छात्रों को दिए संदेश
दीक्षांत समारोह के दौरान अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने एमबीबीएस छात्रों को सलाह दी कि वे हमेशा ईमानदारी और नैतिकता को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि अच्छा डॉक्टर वही है जो ज्ञान के साथ-साथ इंसानियत भी रखे। गौरतलब है कि इस समारोह में 49 एमबीबीएस छात्रों को डिग्री दी गई और एक छात्र को पोस्ट-डॉक्टोरल सर्टिफिकेट भी मिला।

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