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Gujarat: राष्ट्रपति मुर्मू ने किया ई-विधान एप्लीकेशन का उद्घाटन, कामकाज में पारदर्शिता की जताई उम्मीद
Wed, 13 Sep 2023 03:14 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 13 Sep 2023 03:14 PM IST
सार
जलवायु परिवर्तन के चलते भारतीय किसानों द्वारा पारंपरिक फसलों, मोटे अनाज आदि का उत्पादन किया जा रहा है। इससे ना सिर्फ पारिस्थितिकी को फायदा होता है, साथ ही मोटे अनाज के सेहत के लिए भी कई फायदे हैं।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
- फोटो : ट्विटर
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विस्तार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को कहा कि पौधों की किस्मों और किसानों के अधिकारों की सुरक्षा के मामले में भारतीय कानून पूरी दुनिया के लिए मॉडल बन सकते हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के चलते यह और अहम हो गए हैं। दिल्ली में पूसा कॉम्पलेक्स में किसानों के अधिकारों पर पहली वैश्विक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने ये बात कही।
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किसानों को अधिकार देने में भारत आगे
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत ने पौधों की किस्मों और किसान अधिकार कानून (PPVFR) से साल 2001 में ही इस मामले में बढ़त हासिल कर ली थी। पीपीवीएफआर कानून के तहत भारत में किसानों को कई अधिकार जैसे रजिस्टर्ड वैरायटी के बीजों को इस्तेमाल, बचत, बेचने और साझा करने जैसे अधिकार मिलते हैं। किसान अपनी खुद की वैरायटी के बीजों को भी रजिस्टर करा सकते हैं, जिससे किसानों को सुरक्षा मिलती है। जलवायु परिवर्तन की स्थिति में भी इसकी काफी अहमियत है, जो संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों को पूरा करता है।
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मोटे अनाज के उत्पादन को दिया जा रहा बढ़ावा
जलवायु परिवर्तन के चलते भारतीय किसानों द्वारा पारंपरिक फसलों, मोटे अनाज आदि का उत्पादन किया जा रहा है। इससे ना सिर्फ पारिस्थितिकी को फायदा होता है, साथ ही मोटे अनाज के सेहत के लिए भी कई फायदे हैं। साल 2023 को मोटे अनाज के वर्ष के तौर पर मनाया जा रहा है। राष्ट्रपति ने प्लांट अथॉरिटी भवन और एक ऑनलाइन पोर्टल का भी उद्घाटन किया। इस पोर्टल पर पौधों की विभिन्न किस्मों को रजिस्टर किया जा सकता है।
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राष्ट्रपति मुर्मू दो दिवसीय दौरे पर गुजरात पहुंचीं
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मंगलवार को गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचीं। वह यहां राज्य विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान विधायकों को संबोधित करेंगी और कुछ अन्य कार्यक्रमों में भाग लेंगी। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया।
राष्ट्रपति मुर्मू ने किया ई-विधान एप्लीकेशन परियोजना का उद्घाटन
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कागजरहित कामकाज को बढ़ावा देने के लिए गुजरात विधानसभा की राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (एनईवीए) परियोजना का उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे विधानसभा के कामकाज में पारदर्शिता आएगी।
राष्ट्रपति मुर्मू ने बुधवार को शुरू हुए गुजरात विधानसभा के चार दिवसीय मानसून सत्र के दौरान विधायकों को संबोधित भी किया। उन्होंने ई-विधान एप्लीकेशन को एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। इसकी मदद से विधानसभा एक डिजिटल सदन में बदल जाएगी। राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘मुझे विश्वास है कि “एक राष्ट्र, एक एप्लीकेशन” के लक्ष्य से प्रेरित यह कदम गुजरात विधान सभा के काम-काज में और अधिक गति एवं पारदर्शिता लाएगा।’’
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, ‘‘एक बात की ओर मैं आपका ध्यान आकर्षित करना चाहती हूँ, वह इस सदन में महिलाओं का प्रतिनिधित्व है। आज जब महिलाएं विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, रक्षा या खेल सहित हर एक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं, ऐसे में राजनीति में भी उनका प्रतिनिधित्व बढ़ना चाहिए।’’
जी20 सम्मेलन में भारत ने वैश्विक जैव ईधन गठबंधन बनाने की घोषणा की है, इसमें अमेरिका और ब्राजील समेत 19 देश और 12 अंतरराष्ट्रीय संगठन शामिल हैं। इसपर राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, ‘‘पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के बाद यह भारत के नेतृत्व में उठाया गया एक और महत्वपूर्ण कदम है। गुजरात जैसे नवाचार और ऊर्जा के गैर परंपरागत स्रोतों को बढ़ावा देने वाले राज्य के लिए यह एक अच्छा अवसर है।’’उन्होंने उम्मीद जताया है कि सदन में जन-कल्याण के विमर्श के नए मानदंड स्थापित किया जाएगा।