ICAI: महिलाओं के सीए बनने पर राष्ट्रपति बोलीं- आजादी की 100वीं वर्षगांठ तक 50 प्रतिशत हिस्सेदारी की उम्मीद
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि आईसीएआई के क्षमता की सराहना आज पूरी दुनिया कर रही है। इसके बावजूद हम मल्टीनेशनल कंपनी का स्तर नहीं छू पा रहा है। अगर अकाउंटेंसी कंपनियां विभिन्न क्षेत्रों के नियमों पर ध्यान दें और कानून फर्मों के साथ सहयोग करें तो इस दिशा में बढ़ावा मिल सकता है।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट (आईसीएआई) के समारोह में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि अब अधिक महिलाएं चार्टर्ड अकाउंटेंट बन रही हैं। उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि 2047 तक कुल चार्टर्ड अकाउंटेंट में 50 प्रतिशत भागीदारी महिलाओं की होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट कर सीए के योगदान की सराहना की।
आईसीएआई के क्षमता की सराहना आज पूरी दुनिया कर रही
आईसीएआई ने 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक समारोह का आयोजन किया था। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि चार्टर्ड अकाउंटेंसी के पेशे के रूप में आर्थिक शासन का स्तंभ बन सके। उन्होंने कहा कि मुझे बताया गया कि हाल के दिनों में सीए की परीक्षा पास करने वाले लगभग 42 प्रतिशत महिलाएं हैं और लगातार उनकी संख्या बढ़ रही है। उम्मीद है कि साल 2047 में भारत जब आजादी के 100 वर्ष पूरा कर लेगा, उस वक्त 50 प्रतिशत महिलाएं होंगी। कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि आईसीएआई के क्षमता की सराहना आज पूरी दुनिया कर रही है। इसके बावजूद हम मल्टीनेशनल कंपनी का स्तर नहीं छू पा रहा है। अगर अकाउंटेंसी कंपनियां विभिन्न क्षेत्रों के नियमों पर ध्यान दें और कानून फर्मों के साथ सहयोग करें तो इस दिशा में बढ़ावा मिल सकता है। उनके अनुसार, सीए व्यवसाय क्षेत्र का एक ऐसा मजबूत स्तंभ है, जो सुशासन को ताकत देता है। जानकारी के अनुसार, आईसीएआई में लगभग चार लाख सदस्य और 8 लाख से अधिक छात्र हैं। अब तक पांच करोड़ से अधिक यूडीआईएन तैयार किए जा चुके हैं।
पीएम ने भी किया ट्वीट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चार्टर्ड अकाउंटेंट के योगदान की सराहना की। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि हम एक पेशेवर समुदाय का सम्मान करते हैं, जो हमारे देश के प्रमुख वित्तीय वास्तुकार है। उनकी दृढ़ प्रतिबद्धता हमारी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण है। उनकी विशेषज्ञता आत्मनिर्भर निर्माण में मदद करती है।
भोले-भाले लोगों को धोखा दिया जाता है
आईसीएआई के 'वित्तीय और कर साक्षरता' अभियान पर राष्ट्रपति ने कहा कि यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों, विशेषकर आदिवासी क्षेत्रों के लिए बहुत फायदेमंद है। क्योंकि लालच देकर अक्सर गरीब और भोले-भाले लोगों को धोखा दिया जाता है। मुझे विश्वास है कि अभियान लोगों को धोखाधड़ी से बचाएगा। बता दें, कार्यक्रम में कॉर्पोरेट मामलों के राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, आईसीएआई के अध्यक्ष अनिकेत सुनील तलाटी और उपाध्यक्ष रणजीत कुमार अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
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