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Defence: 15 साल का रक्षा रोडमैप तैयार, नौसेना परमाणु सक्षम विमानवाहक पोत और स्वदेशी लड़ाकू विमान से होगी लैस
Sat, 06 Sep 2025 07:54 AM IST
दीपक कुमार शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Sat, 06 Sep 2025 07:54 AM IST
सार
भारत वर्तमान में दो विमानवाहक पोतों का संचालन करता है, एक रूसी निर्मित और दूसरा स्वदेशी। प्रस्तावित विमानवाहक पोत परमाणु ऊर्जा से संचालित होगा। ऐसा भारत के लिए पहली बार होगा, ताकि लंबी दूरी तक पहुंच और गुप्त संचालन सुनिश्चित हो सके।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
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विस्तार
देश के अगले 15 साल का रक्षा रोडमैप तैयार करते हुए सरकार ने तीसरा परमाणु ऊर्जा चालित विमानवाहक पोत तैयार करने की योजना बनाई है। इसमें पहली बार नौसेना के स्वदेशी लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे समंदर में देश की ताकत में इजाफा होगा और सामरिक प्रतिद्वंद्वियों चीन और पाकिस्तान से किसी भी खतरे की स्थिति में भारतीय नौसेना अधिक ताकतवर होगी।
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भारत वर्तमान में दो विमानवाहक पोतों का संचालन करता है, एक रूसी निर्मित और दूसरा स्वदेशी। प्रस्तावित विमानवाहक पोत परमाणु ऊर्जा से संचालित होगा। ऐसा भारत के लिए पहली बार होगा, ताकि लंबी दूरी तक पहुंच और गुप्त संचालन सुनिश्चित हो सके।
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सेना की क्षमताएं बढ़ाने और रूस, फ्रांस और अमेरिका जैसे विदेशी आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भरता कम करने के लिए आत्मनिर्भर भारत के तहत घरेलू रक्षा कंपनियों को अधिक मौका दिया जा रहा है। रक्षा मंत्रालय के 2025 रोडमैप में कहा गया कि आगामी दशकों में बड़ी चुनौतियों और जिम्मेदारियों के मद्देनजर यह जरूरी है कि तीनों सेनाओं की तैयारी उसी तरह की हो। ऐसे में निजी-सार्वजनिक क्षेत्र की बेहतर साझेदारी ही सही राह है।
दो इलेक्ट्रोमैग्नेटिक विमान लॉन्च सिस्टम भी खरीदने की तैयारी
रक्षा रोडमैप में दो इलेक्ट्रोमैग्नेटिक विमान लॉन्च सिस्टम खरीदने की भी योजना है। इन्हें अमेरिकी नौसेना के लिए पारंपरिक स्टीम कैटापल्ट के बजाय इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फोर्स का इस्तेमाल करके विमानवाहकों से विमान लॉन्च करने के लिए विकसित किया गया है। रोडमैप में ड्रोन पर भी विशेष जोर दिया गया है। केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष में रक्षा पर लगभग 6.81 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का बजट रखा है। विश्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका, चीन और रूस के बाद भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रक्षा खर्च करने वाला देश है।
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दोहरे इंजन वाले डेक आधारित लड़ाकू विमान बनाने की योजना
सरकार नई पीढ़ी के कई दोहरे इंजन वाले, डेक-आधारित लड़ाकू विमानों और हल्के लड़ाकू विमानों को भी शामिल करने की योजना बना रहा है। नौसेना के लिए इन दोनों विमानों को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड तैयार करेगा।