अमरावती अस्पताल अग्निकांड: तीन नवजातों की मौत के बाद जांच समिति, स्वास्थ्य मंत्री ने क्या खामियां बताई?
महाराष्ट्र के अमरावती स्थित जिला महिला अस्पताल के नवजात देखभाल केंद्र में सोमवार तड़के लगी आग में तीन नवजातों की मौत हो गई। घटना के बाद स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश अबिटकर ने सात सदस्यीय जांच समिति बनाई है। समिति आठ दिन में रिपोर्ट देगी और जिम्मेदारी तय करेगी। मंत्री ने अस्पताल में गंभीर अनियमितताओं की बात कही है। अब सवाल है कि आग कैसे लगी और सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई।
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महाराष्ट्र के अमरावती शहर स्थित जिला महिला अस्पताल के नवजात गहन चिकित्सा केंद्र में सोमवार तड़के करीब 3.30 बजे आग लगी। इसके अनुसार, आग उस हिस्से में लगी जहां समय से पहले जन्मे, कम वजन वाले और गंभीर हालत वाले नवजातों को रखा गया था। आग और धुएं के बीच 36 अन्य बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, लेकिन तीन नवजातों की मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और आग से निपटने की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
सरकार ने सात सदस्यीय समिति क्यों बनाई?
महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश अबिटकर ने अस्पताल का दौरा करने के बाद सात सदस्यीय जांच समिति बनाने की घोषणा की। समिति की अध्यक्षता राज्य के स्वास्थ्य आयुक्त करेंगे। इसमें महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारी, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के विशेषज्ञ और चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशालय के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। इसके अनुसार, समिति आग के सही कारण का पता लगाने के साथ अस्पताल की व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों में हुई संभावित चूक की भी जांच करेगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल में क्या गंभीर खामी बताई?
प्रकाश अबिटकर ने अस्पताल में मौजूद अनियमितताओं को गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि अस्पताल का निर्माण केवल दो साल पहले हुआ था और इतने कम समय में वहां इस तरह की आग लगना बेहद गंभीर है। मंत्री के अनुसार, जांच समिति आठ दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी और उसमें जिम्मेदारी तय की जाएगी। जिन लोगों को घटना के लिए जिम्मेदार पाया जाएगा, उनके खिलाफ रिपोर्ट की सिफारिश के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
36 नवजातों को कैसे बचाया गया?
आग नवजात गहन चिकित्सा केंद्र के उस हिस्से में लगी जहां बेहद संवेदनशील बच्चों का इलाज चल रहा था। आग लगने के बाद वहां धुआं भर गया। इसके बावजूद 36 अन्य नवजातों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। तीन बच्चों की मौत हो गई। घटना ने ऐसे अस्पतालों में आग से बचाव, बिजली व्यवस्था, आपातकालीन निकासी और नवजातों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की तैयारी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। समिति इन सभी पहलुओं की जांच करेगी।
अब सरकार अस्पतालों की व्यवस्था की समीक्षा क्यों करेगी?
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की बैठक होगी। इसमें राज्य की चिकित्सा व्यवस्था और स्वास्थ्य संस्थानों के कामकाज की समीक्षा की जाएगी। अमरावती की घटना के बाद अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था की जांच पर जोर बढ़ गया है। खासकर नवजात और गंभीर मरीजों वाले वार्ड में आग से बचाव के इंतजाम कितने प्रभावी हैं, यह बड़ा सवाल बन गया है। जांच समिति की आठ दिन में आने वाली रिपोर्ट से घटना की वजह और जिम्मेदारी को लेकर तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।