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कोरोना के साथ अब चक्रवात 'अम्फान' से भी होगी लड़ाई, एनडीआरएफ की टीमें तैनात
Mon, 18 May 2020 09:22 PM IST
श्रीधर मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्रीधर मिश्रा
Updated Mon, 18 May 2020 09:22 PM IST
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चक्रवात अम्फान से लड़ने के लिए एनडीआरएफ की टीमों को बढ़ाया गया है
- फोटो : PTI
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देश अभी कोरोना वायरस से लड़ ही रहा है कि एक और नई चुनौती सामने आकर खड़ी हो गई है, यह है चक्रवात अम्फान। ऐसे में इन दोहरी चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए एनडीआरएफ की टीमों ने अपनी कमर कस ली है। एनडीआरएफ की तरफ से सोमवार को बताया गया है कि इस विपदा से लड़ने के लिए उसने अपनी 20 और टीमें बढ़ा ली हैं। यानी अब एनडीआरएफ की टीमों की संख्या बढ़कर 37 हो गई है। इसके अलावा 53 टीमों को स्टैंड बाय पर रखा गया है।
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के निदेशक एसएन प्रधान ने बताया कि बल इस स्थिति का सामना करने के लिए तैयार है। दरअसल चक्रवात अम्फान को लेकर मौसम विज्ञान विभाग ने कहा है कि सोमवार शाम तक यह चक्रवात एक भयंकर तूफान का रूप ले सकता है और कुछ समय तक ऐसा ही रहेगा। एक वीडियो संदेश में प्रधान ने कहा कि पश्चिम बंगाल और ओडिशा में एनडीआरएफ ने कुल 37 टीमों को तैनात किया है। इनमें से 20 टीमें काम में जुट गई हैं वहीं, बाकी की 17 टीमें पूरी तरह से तैयार हैं।
बता दें कि इससे पहले रविवार को एनडीआरएफ ने इस ऑपरेशन के लिए 17 टीमों को निर्धारित किया था। यहां जानना जरूरी है कि एनडीआरएफ की एक टीम में करीब 45 कर्मी होते हैं। डीजी ने कहा कि चक्रवात अम्फान से लड़ने के लिए इन टीमों को पश्चिम बंगाल के सात और ओडिशा के छह जिलों में तैनात किया गया है। प्रधान ने कहा कि कोविड-19 संकट के दौरान चक्रवात अम्फान के आने से चुनौती दोहरी हो गई है। उन्होंने कहा, ‘‘ इन क्षेत्रों में एनडीआरएफ की टीमों की तरफ से चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों के तहत स्थानीय लोगों को चक्रवात और कोरोना वायरस दोनों के बारे में बताया जा रहा है।’’
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इससे पहले गृह मंत्रालय की तरफ से बताया गया था कि चक्रवाती तूफान अम्फान सोमवार शाम तक विकराल रूप ले सकता है। मंत्रालय के मुताबिक इस दौरान हवा की रफ्तार 185 किलोमीटर प्रति घंटे की हो सकती है। पश्चिम बंगाल और ओडिशा सरकारों को मंत्रालय ने जारी परामर्श में कहा कि अम्फान अब दक्षिणी बंगाल की खाड़ी के मध्य हिस्सों और पास की मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर मौजूद है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चक्रवात के कारण पैदा हो रही स्थिति की समीक्षा करने के लिए सोमवार रात तक एक उच्च स्तरीय बैठक करेंगे।
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राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के निदेशक एसएन प्रधान ने बताया कि बल इस स्थिति का सामना करने के लिए तैयार है। दरअसल चक्रवात अम्फान को लेकर मौसम विज्ञान विभाग ने कहा है कि सोमवार शाम तक यह चक्रवात एक भयंकर तूफान का रूप ले सकता है और कुछ समय तक ऐसा ही रहेगा। एक वीडियो संदेश में प्रधान ने कहा कि पश्चिम बंगाल और ओडिशा में एनडीआरएफ ने कुल 37 टीमों को तैनात किया है। इनमें से 20 टीमें काम में जुट गई हैं वहीं, बाकी की 17 टीमें पूरी तरह से तैयार हैं।
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बता दें कि इससे पहले रविवार को एनडीआरएफ ने इस ऑपरेशन के लिए 17 टीमों को निर्धारित किया था। यहां जानना जरूरी है कि एनडीआरएफ की एक टीम में करीब 45 कर्मी होते हैं। डीजी ने कहा कि चक्रवात अम्फान से लड़ने के लिए इन टीमों को पश्चिम बंगाल के सात और ओडिशा के छह जिलों में तैनात किया गया है। प्रधान ने कहा कि कोविड-19 संकट के दौरान चक्रवात अम्फान के आने से चुनौती दोहरी हो गई है। उन्होंने कहा, ‘‘ इन क्षेत्रों में एनडीआरएफ की टीमों की तरफ से चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों के तहत स्थानीय लोगों को चक्रवात और कोरोना वायरस दोनों के बारे में बताया जा रहा है।’’
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इससे पहले गृह मंत्रालय की तरफ से बताया गया था कि चक्रवाती तूफान अम्फान सोमवार शाम तक विकराल रूप ले सकता है। मंत्रालय के मुताबिक इस दौरान हवा की रफ्तार 185 किलोमीटर प्रति घंटे की हो सकती है। पश्चिम बंगाल और ओडिशा सरकारों को मंत्रालय ने जारी परामर्श में कहा कि अम्फान अब दक्षिणी बंगाल की खाड़ी के मध्य हिस्सों और पास की मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर मौजूद है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चक्रवात के कारण पैदा हो रही स्थिति की समीक्षा करने के लिए सोमवार रात तक एक उच्च स्तरीय बैठक करेंगे।