Pranab Mukherjee: पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी अब भी जीवनरक्षक प्रणाली पर, गुर्दे की समस्या में कुछ सुधार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली कैंट स्थित आर्मी रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल की ओर से शनिवार को पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की मेडिकल बुलेटिन जारी की गई। अस्पताल की ओर से जारी मेडिकल बुलेटिन के मुताबिक, 'प्रणब मुखर्जी की गहन देखभाल की जा रही है और उनके फेफड़ों में संक्रमण का इलाज जारी है। उनके गुर्दे के मापदंडों में सुधार हुआ है। वह गहरे कोमा में हैं और अब भी जीवनरक्षक प्रणाली पर हैं। वह हेमोडायनामिक रूप से स्थिर हैं।'
Former President Pranab Mukherjee (in file pic) is being treated for lung infection. His renal parameters have improved. He continues to be in deep coma and on ventilator support. He remains haemodynamically stable: Army Hospital (R&R), Delhi Cantonment pic.twitter.com/a2T9qc24YG
— ANI (@ANI) August 29, 2020
अस्पताल ने एक बयान में कहा कि ‘‘प्रणब मुखर्जी की गहन देखभाल की जा रही है और उनके फेफड़ों में संक्रमण का इलाज भी जारी है। उनके गुर्दे के मापदंडों में सुधार हुआ है, लेकिन अब भी वह गहरे कोमा में हैं और जीवनरक्षक प्रणाली पर ही हैं। वह हिमोडायनामिकल्ली स्थिर हैं।’’
इससे पहले शुक्रवार को मेडिकल बुलेटिन में बताया गया था कि 'प्रणब मुखर्जी गहरे कोमा में हैं और अब भी वह जीवनरक्षक प्रणाली पर हैं। फेफड़ों के संक्रमण और गुर्दे की समस्या के लिए उनका इलाज किया जा रहा है। उनके अहम और क्लिनिकल पैरामीटर स्थिर बने हुए हैं यानी वे हेमोडायनामिक रूप से स्थिर हैं।
यह भी पढ़ें- प्रणब मुखर्जी के स्वास्थ्य में नहीं हो रहा कोई सुधार, अभी भी वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं पूर्व राष्ट्रपति
इससे पहले बुधवार को दिल्ली कैंट स्थित आर्मी रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल ने बताया था कि मंगलवार से उनके रेनल पैरामीटर (गुर्दे के मापदंड) अव्यवस्थित हो गए हैं। वे लगातार गहरे कोमा में हैं और उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया है।
मुखर्जी (84) को दस अगस्त को दिल्ली कैंट स्थित सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मुखर्जी के मस्तिष्क में खून के थक्के जमने के बाद उनका ऑपरेशन किया गया था।अस्पताल में भर्ती कराए जाने के समय वह कोविड-19 से भी संक्रमित पाए गए थे। इसके बाद उन्हें श्वास संबंधी संक्रमण हो गया था। मुखर्जी भारत के 13वें राष्ट्रपति के रूप में 2012 से 2017 तक पद पर रहे।