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आठ अगस्त को प्रणब मुखर्जी को मिलेगा भारत रत्न, नानाजी और हजारिका को भी सम्मान
Mon, 29 Jul 2019 05:07 AM IST
Nilesh Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Nilesh Kumar
Updated Mon, 29 Jul 2019 05:07 AM IST
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Pranab mukherjee (File Photo)
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पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को आठ अगस्त को देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार 'भारत रत्न' से नवाजा जाएगा। उनके अलावा यह पुरस्कार मरणोपरांत असम के प्रख्यात गायक भूपेन हजारिका और सामाजिक कार्यकर्ता नानाजी देशमुख को भी दिया जाएगा। इस सम्मान के लिए जनवरी में ही तीनों हस्तियों के नामों की घोषणा की गई थी।
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राष्ट्रपति भवन ने बयान जारी कर यह घोषणा की है। सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से अब तक देश की 45 हस्तियों को सम्मानित किया जा चुका है। अंतिम बार यह सम्मान साल 2015 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पंडित मदन मोहन मालवीय (मरणोपरांत) को दिया गया था। बीते 25 जनवरी 2019 को तीनों हस्तियों के नामों की घोषणा के बाद यह संख्या 48 हो गई है।
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प्रणब मुखर्जी के नाम की घोषणा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने उन्हें बधाई दी थी। वहीं, भूपेन हजारिका और नानाजी अब तक 12 लोगों को यह सम्मान मरणोपरांत प्रदान किया गया है। शुरुआत में इस सम्मान को मरणोपरांत देने का प्रावधान नहीं था, लेकिन बाद में साल 1955 से अब तक 12 लोगों को यह सम्मान मरणोपरांत प्रदान किया गया है।
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भूपेन हजारिका
ओ गंगा, बहती हो क्यों... समेत सैकड़ों गीत गा चुके भूपेन हजारिका पूर्वोत्तर भारत में पूजे जाते हैं। असम की राजधानी गुवाहाटी में उनकी याद में मंदिर भी बनवाया गया है। हजारिका ने असमिया के साथ-साथ हिंदी, बांग्ला समेत कई अन्य भाषाओं में भी गीत गा चुके हैं, जो अब भी लोगों की जुबां पर चढ़े हुए हैं।
नानाजी देशमुख
नानाजी देशमुख भारतीय जनसंघ से जुड़े थे। 1977 में जब जनता पार्टी की सरकार बनी, तब उन्होंने मंत्री बनने से मना कर दिया था। वह जीवनभर दीनदयाल शोध संस्थान के लिए कार्य करते रहे। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने उन्हें राज्यसभा का सदस्य मनोनीत किया था। वाजपेयी सरकार ने उन्हें पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया था।