17 साल की उम्र में तेजाब से हमले ने प्रमोदिनी की छीन ली थीं आंखें, अब जीवनसाथी की नजरों से देखेंगीं दुनिया
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प्रमोदिनी की उम्र 29 साल है और उन्होंने अपने रिश्तेदारों और दोस्तों की मौजूदगी में शादी की। प्रमोदिनी 17 साल की थीं, जब उन पर तेजाब से हमला किया गया था, उनके शरीर का 80 फीसदी हिस्सा जल चुका था और इस हमले ने उनकी दोनों आंखें छीन ली थीं।
Odisha: Pramodini Roul, an acid attack survivor from Jagatsinghpur married her fiancé on March 1.
"I was attacked on April 18, 2009. I met my now-husband, Saroj in 2014 when I was undergoing treatment. He supported me throughout the journey," she said pic.twitter.com/ARsXG54OQDविज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) March 2, 2021
हालांकि इस हादसे को प्रमोदिनी ने अपने और अपनी जिंदगी के ऊपर हावी नहीं होने दिया। प्रमोदिनी के हौसलों में कोई कमी नहीं आई और उन्होंने खुद को अपने पैरों पर खड़े करने के लिए पूरी ताकत लगा दी। शादी वाले दिन प्रमोदिनी ने कहा कि ये उनकी जिंदगी का सबसे अच्छा दिन है। प्रमोदिनी ने कहा कि मैं अपने परिवार और प्रेमी की मर्जी से ही शादी करना चाहती थी और वैसा ही हुआ जैसा मैं चाहती थी।
2009 में हुआ था एसिड अटैक
प्रमोदिनी ने कहा कि 18 अप्रैल 2009 को मुझ पर तेजाब फेंका गया था। उस समय सेना के जवान के तौर पर कार्यरत संतोष वेदांत ने शादी का प्रस्ताव रखा था लेकिन प्रमोदिनी ने मना कर दिया, जिसके बाद संतोष ने उसके चेहरे पर तेजाब फेंक दिया। उस समय प्रमोदिनी अपनी इंटरमीडिएट की पढ़ाई कर रही थीं।
प्रमोदिनी के कॉलेज के पास एक आर्मी कैंप था, जहां संतोष ने प्रमोदिनी को देखा था और शादी का प्रस्ताव रखा था। उस समय प्रमोदिनी की उम्र बहुत कम थी और वो आगे पढ़ना चाहती थी, इसलिए घरवालों ने शादी के लिए मना कर दिया। इसके बाद भी संतोष प्रमोदिनी का पीछा करता रहा और 2009 में संतोष ने प्रमोदिनी पर तेजाब फेंक दिया।
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने की मुलाकात
प्रमोदिनी ने पुलिस में संतोष के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई लेकिन 2012 तक पुलिस को उसके खिलाफ कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद यह मामला बंद हो गया लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने प्रमोदिनी से मुलाकात की और दोबारा जांच के आदेश दिए। 2017 में संतोष को गिरफ्तार कर लिया गया और वो अभी तक जेल में बंद है।
सरोज साहू से दोस्त के जरिए हुई मुलाकात
प्रमोदिनी जिस अस्पताल में अपना इलाज करा रही थीं, वहीं एख नर्स सरोज साहू की दोस्त थी। नर्स ने ही साहू को एसिड अटैक का सामना कर रही महिलाओं की समस्याओं को देखने के लिए बुलाया था। सरोज ने प्रमोदिनी से बात करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया। लेकिन धीरे-धीरे मुलाकातें बढ़ती गईं और दोनों अच्छे दोस्त बन गए।