गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति में लगी राष्ट्रपिता की तस्वीरें बदलने का सवाल ही नहीं: प्रह्लाद पटेल
केंद्रीय संस्कृति मंत्री प्रह्लाद पटेल ने शुक्रवार को साफ कर दिया कि गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति में लगी विख्यात फोटोग्राफर हेनरी सी ब्रेसन द्वारा खींची गई राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के अंतिम क्षणों की तस्वीरों को बदलने का सवाल ही नहीं है। उन्हाेंने कहा, अलग-अलग जगहों पर एलईडी स्क्रीन के साथ ही फोटोग्राफ को एक साथ प्रदर्शित किया जाएगा। इसे बेवजह मुद्दा बनाया जा रहा है।
दरअसल, महात्मा गांधी के पोते तुषार गांधी ने गुरुवार को आरोप लगाया था कि ब्रेसन द्वारा खींची गई राष्ट्रपिता के अंतिम क्षणों की फोटो को एलईडी लूप में बिना किसी चित्र परिचय के दिखाया जा रहा है। तुषार ने कहा कि यह ऐतिहासिक साक्ष्यों को खारिज करने की कोशिश है। वहीं, गांधी स्मृति के निदेशक दीपांकर श्रीज्ञान ने आरोपों का खंडन किया और कहा कि प्रदर्शनी अभी निर्माणाधीन है।
हत्या से एक घंटे पहले की तस्वीरें
ब्रेसन ने ये तस्वीरें 30 जनवरी 1948 को महात्मा गांधी की हत्या से एक घंटे पहले खींची थी। इसके साथ ही उन्होंने महात्मा गांधी की अंतिम यात्रा को भी अपने कैमरे में कैद किया था। ये सभी तस्वीरें बिरला हाउस में लगी हुई थी, जिसे गांधी जी की मौत के बाद म्यूजियम में तबदील कर दिया गया था। यहां लगी तस्वीरें छह गुणा चार फुट लंबी थी, जबकि जिन एलईडी स्क्रीन में यह तस्वीरें चलती हैं उसका आकार 3 गुणा 4.5 फुट का है।