प्रचंड ने लिखा मोदी को खत, नेपाल की मुख्य विपक्षी पार्टी नाराज
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प्रधानमंत्री नरेेंद्र मोदी को नेपाली प्रधानमंत्री प्रचंड की ओर से कथित तौर पर पत्र भेजने पर मुख्य विपक्षी पार्टी सीपीएन-यूएमएल ने बुधवार को नेपाल की नई सरकार पर जोरदार हमला बोला है।
इस पत्र में कथित तौर पर प्रचंड ने मोदी से मधेसियों की मांग को लेकर नए संविधान में संशोधन समेत नेपाल के ‘आंतरिक’ मामलों पर चर्चा की गई है। पूर्व नेपाली प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सीपीएन-यूएमएल ने मोदी को पत्र भेजे जाने पर आपत्ति जताई है।
इसको चीन समर्थित पार्टी माना जाता है। विपक्षी पार्टी ने आरोप लगाया कि प्रचंड ने नेपाली उपप्रधानमंत्री बिमलेंद्र निधि से जरिए मोदी को यह पत्र भेजा।
मोदी को पत्र भेजकर देश के आंतरिक मामलों पर चर्चा की
प्रचंड के विशेष दूत बनकर निधि 17 अगस्त को भारत के तीन दिवसीय दौरे पर आए थे। काठमांडू में 43वीं सेंट्रल कमेटी की बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया कि प्रचंड ने निधि के जरिए मोदी को पत्र भेजकर देश के आंतरिक मामलों पर चर्चा की।
ऐसी घटना हमारी राष्ट्रीय संप्रभुता और स्वतंत्र फैसला लेने के अधिकार में हस्तक्षेप है। यह बहुत बड़ी भूल और बेहद आपत्तिजनक बात है।
विपक्षी पार्टी ने सरकार से इस पत्र को सार्वजनिक करने की भी मांग की।