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UK: 'घटना का हम विरोध करते हैं', गुरुदारे की महासचिव प्रभजोत बोलीं; भारतीय उच्चायुक्त से बदसलूकी का मामला
Sun, 01 Oct 2023 03:54 PM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Sun, 01 Oct 2023 03:54 PM IST
सार
निज्जर की मौत के बाद से ही भारत और खालिस्तानी समर्थक आमने-सामने हैं। स्कॉटलैंड स्थित ग्लासगो गुरुदारे में भारतीय उच्चायुक्त से बदसलूकी की गई। गुरुद्वारे की महासचिव प्रभजोत कौर ने कहा, हम इस तरह के व्यवहार का विरोध करते हैं।
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भारतीय उच्चायुक्त को गुरुद्वारे में प्रवेश करने से रोका
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
निज्जर की मौत के बाद से ही भारत और कनाडा के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। लगातार खालिस्तानी समर्थक भारत विरोधी योजनाएं बना रहे हैं। यहां तक की खालिस्तानी समर्थक दूसरे देशों में स्थित भारतीय दूतावास पर भी हमला कर रहे हैं। यूके में भारतीय उच्चायुक्त विक्रम दोराईस्वामी के साथ स्कॉटलैंड में बदसलूकी की गई। खालिस्तानी समर्थकों ने उन्हें स्कॉटलैंड स्थित ग्लासगो गुरुद्वारे में प्रवेश करने से रोका। घटना पर भारत ने खालिस्तानी समर्थकों के प्रति कड़ा रूख अपनाया है। इस घटना के बाद ग्लासगो गुरुद्वारे की महासचिव प्रभजोत कौर का बयान सामने आया है।
प्रभजोत कौर ने कहा, 29 सितंबर को ग्लासगो गुरुद्वारे में एक घटना हुई। स्कॉटिश संसद के एक सदस्य द्वारा निजी कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें भारतीय उच्चायुक्त शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान कुछ अज्ञात लोगों ने उनके खिलाफ नारेबाजी की। घटना के बाद स्कॉटलैंड पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। हम इस तरह के व्यवहार का विरोध करते हैं।
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साथ ही उन्होंने कहा, गुरुद्वारा सभी लोगों के लिए खुला है। हम सभी का स्वागत करते हैं। हम विश्वास के सिद्धांतों पर चलते हैं।
ग्लासगो में गुरुद्वारे के सामने हुई घटना
एक वायरल वीडियो में सिख यूथ यूके के दो चरमपंथी शुक्रवार को ग्लासगो में दोराईस्वामी की कार रोकते दिखे। वीडियो में एक चरमपंथी गुरुद्वारा समिति के सदस्य से बहस में कहता है, यह हमारे मुंह पर तमाचा है। जब कनाडा ने भारतीय राजनयिकों को निकाल दिया है तब यहां गुरुद्वारा समितियों के लोग उन्हें बुला रहे हैं।
धमकियां दीं, अपशब्द कहे
भारतीय उच्चायोग ने कहा कि तीन लोगों ने उच्चायुक्त को गुरुद्वारा गुरुग्रंथ साहिब में जाने से रोका। उनकी कार का दरवाजा खोलने की कोशिश की। उन्हें धमकाया व अपशब्द कहे। मामला आगे न बढ़े, इसके लिए उच्चायुक्त व महावाणिज्यदूत वापस लौट गए। इसके चलते सिख समुदाय की समस्याएं सुनने के लिए बैठक नहीं हो सकी।
घटना की जांच जारी : स्कॉटलैंड पुलिस
स्कॉटलैंड पुलिस के प्रवक्ता ने कहा, हमें शुक्रवार दोपहर 1:05 बजे ग्लासगो के अल्बर्ट ड्राइव क्षेत्र में अशांति के लिए फोन किया गया था। इसमें किसी के घायल होने की कोई रिपोर्ट नहीं है और पूरी स्थिति का पता लगाने के लिए पूछताछ जारी है।
सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो एक सिख व्यक्ति को यह कहते हुए सुना जा सकता है, 'हमें किसी भी भारतीय राजदूत, भारत सरकार के किसी भी व्यक्ति को, जो वीजा आवेदन करने के कोई भी आधिकारिक हैसियत से आता है, या जो भी हो, हमें इसी तरह स्वागत करना चाहिए।'
गुरुद्वारा समिति के अनुरोध पर पहुंचे थे भारतीय उच्चायुक्त
यह घटना स्कॉटलैंड में उच्चायुक्त की दो दिवसीय यात्रा के अंत में हुई, जिसमें स्थानीय राजनीतिक नेताओं, प्रवासी प्रतिनिधियों, व्यापार प्रमुखों और विश्वविद्यालय समूहों के साथ सिलसिलेवार बैठकें और चर्चाएं शामिल थीं। मामले की जानकारी रखने वाले अधिकारियों के मुताबिक, गुरुद्वारा में बैठक का आयोजन सिख समूहों से मिलने और दूतावास व अन्य मामलों पर उनकी चिंताओं को दूर करने के लिए किया गया था। गुरुद्वारा समिति के अनुरोध पर भारतीय उच्चायुक्त यहां पहुंचे थे।
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प्रभजोत कौर ने कहा, 29 सितंबर को ग्लासगो गुरुद्वारे में एक घटना हुई। स्कॉटिश संसद के एक सदस्य द्वारा निजी कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें भारतीय उच्चायुक्त शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान कुछ अज्ञात लोगों ने उनके खिलाफ नारेबाजी की। घटना के बाद स्कॉटलैंड पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। हम इस तरह के व्यवहार का विरोध करते हैं।
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#WATCH | UK: On Vikram Doraiswami, Indian High Commissioner to the UK, stopped from entering Glasgow Gurudwara in Scotland, Prabhjot Kaur, General Secretary of Glasgow Gurdwara says, "An incident occurred on the 29th of September at Glasgow gurdwara, where the Indian High… pic.twitter.com/KjYgjvvJ9r
— ANI (@ANI) October 1, 2023
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साथ ही उन्होंने कहा, गुरुद्वारा सभी लोगों के लिए खुला है। हम सभी का स्वागत करते हैं। हम विश्वास के सिद्धांतों पर चलते हैं।
ग्लासगो में गुरुद्वारे के सामने हुई घटना
एक वायरल वीडियो में सिख यूथ यूके के दो चरमपंथी शुक्रवार को ग्लासगो में दोराईस्वामी की कार रोकते दिखे। वीडियो में एक चरमपंथी गुरुद्वारा समिति के सदस्य से बहस में कहता है, यह हमारे मुंह पर तमाचा है। जब कनाडा ने भारतीय राजनयिकों को निकाल दिया है तब यहां गुरुद्वारा समितियों के लोग उन्हें बुला रहे हैं।
धमकियां दीं, अपशब्द कहे
भारतीय उच्चायोग ने कहा कि तीन लोगों ने उच्चायुक्त को गुरुद्वारा गुरुग्रंथ साहिब में जाने से रोका। उनकी कार का दरवाजा खोलने की कोशिश की। उन्हें धमकाया व अपशब्द कहे। मामला आगे न बढ़े, इसके लिए उच्चायुक्त व महावाणिज्यदूत वापस लौट गए। इसके चलते सिख समुदाय की समस्याएं सुनने के लिए बैठक नहीं हो सकी।
घटना की जांच जारी : स्कॉटलैंड पुलिस
स्कॉटलैंड पुलिस के प्रवक्ता ने कहा, हमें शुक्रवार दोपहर 1:05 बजे ग्लासगो के अल्बर्ट ड्राइव क्षेत्र में अशांति के लिए फोन किया गया था। इसमें किसी के घायल होने की कोई रिपोर्ट नहीं है और पूरी स्थिति का पता लगाने के लिए पूछताछ जारी है।
सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो एक सिख व्यक्ति को यह कहते हुए सुना जा सकता है, 'हमें किसी भी भारतीय राजदूत, भारत सरकार के किसी भी व्यक्ति को, जो वीजा आवेदन करने के कोई भी आधिकारिक हैसियत से आता है, या जो भी हो, हमें इसी तरह स्वागत करना चाहिए।'
गुरुद्वारा समिति के अनुरोध पर पहुंचे थे भारतीय उच्चायुक्त
यह घटना स्कॉटलैंड में उच्चायुक्त की दो दिवसीय यात्रा के अंत में हुई, जिसमें स्थानीय राजनीतिक नेताओं, प्रवासी प्रतिनिधियों, व्यापार प्रमुखों और विश्वविद्यालय समूहों के साथ सिलसिलेवार बैठकें और चर्चाएं शामिल थीं। मामले की जानकारी रखने वाले अधिकारियों के मुताबिक, गुरुद्वारा में बैठक का आयोजन सिख समूहों से मिलने और दूतावास व अन्य मामलों पर उनकी चिंताओं को दूर करने के लिए किया गया था। गुरुद्वारा समिति के अनुरोध पर भारतीय उच्चायुक्त यहां पहुंचे थे।