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कोयला संकट: रेलवे ने कोयले के लिए रोजाना 498 रैक उपलब्ध कराए, कंपनियां सिर्फ 417 रैक का ही इस्तेमाल कर पा रहीं
Wed, 11 May 2022 10:49 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Wed, 11 May 2022 10:49 PM IST
सार
यह आंकड़ा ऐसे समय आया है, जब कुछ कोयला आधारित बिजली संयंत्र ईंधन आपूर्ति के मुद्दे से जूझ रहे हैं। रेलवे ने इस साल कोयला रैक के लिए प्रतिदिन औसतन 26,386 वैगन उपलब्ध कराए हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Social Media
विस्तार
रेलवे बिजली संयंत्रों को कोयला पहुंचाने के लिए प्रति दिन औसतन 498 रैक उपलब्ध करा रहा है। इस बीच खबर आ रही है कि इनमें से सिर्फ 417 रैक का ही इस्तेमाल किया जा रहा है। इसकी वजह कंपनियों में कोयले की कमी हो सकती है। कोयला कंपनियां सिर्फ 417 रैक का ही इस्तेमाल कर पा रही हैं।
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यह आंकड़ा ऐसे समय आया है, जब कुछ कोयला आधारित बिजली संयंत्र ईंधन आपूर्ति के मुद्दे से जूझ रहे हैं। रेलवे ने इस साल कोयला रैक के लिए प्रतिदिन औसतन 26,386 वैगन उपलब्ध कराए हैं। 2020-21 में यह संख्या 21,824 वैगन थी। इस साल 10 मई को रेलवे ने वैगन की संख्या बढ़ाकर 29,283 और 11 मई को 29,944 कर दी।
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अप्रैल में कोयला उत्पादन 29 फीसदी बढ़ा
बिजली संकट के बीच अप्रैल में देश का कोयला उत्पादन 29 प्रतिशत बढ़कर 6.65 करोड़ टन पर पहुंच गया। देश कोयले की कमी सहित विभिन्न कारणों से बिजली संकट से जूझ रहा है। देश का कोयला उत्पादन अप्रैल 2021 में 5.16 करोड़ टन रहा था।
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संयंत्रों को छह महीने के लिए ऋण दें पीएफसी, आरईसीः सरकार
बिजली मंत्रालय ने मौजूदा बिजली संकट के बीच आयातित कोयले पर आधारित तनावग्रस्त बिजली उत्पादन संयंत्रों को अल्पकालिक अवधि के लिए ऋण देने का निर्देश पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पीएफसी) और आरईसी लिमिटेड को दिया है। यह निर्देश बिजली मंत्रालय के उस आदेश के मद्देनजर महत्वपूर्ण है जिसमें उसने आयातित कोयले पर आधारित सभी संयंत्रों को अपनी 100 प्रतिशत उत्पादन क्षमता पर बिजली उत्पादन करने को कहा था।