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महाराष्ट्र में बिजली संकट: ऊर्जा मंत्री बोले- कुछ प्लांट में बचा है केवल डेढ़ दिन का कोयला, केंद्र सरकार करे मदद
Sat, 16 Apr 2022 07:47 AM IST
संजीव कुमार झा
एएनआई,नागपुर
एएनआई,नागपुर
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Sat, 16 Apr 2022 07:47 AM IST
सार
महाराष्ट्र में आए दिन बिजली संकट गहराता जा रहा है। महाराष्ट्र के ऊर्जा मंत्री नितिन राउत ने कहा है कि कुछ संयंत्रों में केवल 1.5 दिनों का कोयला बचा है।
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महाराष्ट्र में बिजली संकट
विस्तार
महाराष्ट्र के ऊर्जा मंत्री नितिन राउत ने शुक्रवार को दावा किया कि राज्य कोयले और बिजली संकट से जूझ रहा है क्योंकि कुछ संयंत्रों में केवल 1.5 दिनों का कोयला बचा है। हालांकि मंत्री ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार बिजली संकट के समाधान के लिए हर संभव कोशिश कर रही है। राउत ने कहा कि महाराष्ट्र के कुछ संयंत्रों में 1.5 दिन का कोयला बचा है, कुछ में 3 दिन और कुछ में 6 दिन का कोयला बचा है। राज्य सरकार बिजली संकट को दूर करने के लिए काम कर रही है। जल संसाधन मंत्री को पनबिजली उत्पादन के लिए पानी की आपूर्ति करने के लिए कहा गया है।
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कोयना बांध में 17 टीएमसी पानी बचा है
कोयना बांध में 17 टीएमसी पानी बचा है, बिजली पैदा करने के लिए हर दिन 1 टीएमसी की जरूरत होती है। अगर लोड शेडिंग का समाधान करना है तो कोयला, पानी और गैस की जरूरत है। केंद्र सरकार के साथ अनुबंध के अनुसार, वे राज्य सरकार को एपीएम गैस उपलब्ध कराना चाहिए। लेकिन मदद से पहले केंद्र सरकार बकाया मांग रही है।
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कोयले के लिए केंद्र 2200 करोड़ रुपये बकाया देने के लिए कह रही
महाराष्ट्र के मंत्री ने आगे कहा कि केंद्र के साथ अनुबंध के अनुसार, राज्य एपीएम गैस प्राप्त करने का हकदार है। उन्होंने आगे दावा किया कि केंद्र ने राज्य को आवश्यक एपीएम गैस उपलब्ध नहीं कराई थी, उन्होंने कहा कि अगर लोड-शेडिंग को हल करना है तो कोयला, पानी और गैस की जरूरत है। महाराष्ट्र सरकार को केंद्र सरकार को 2200 करोड़ रुपये देने हैं। केंद्र ने हमसे कहा है कि पहले उन्हें पैसा दें और उसके बाद ही वे कोयला देंगे।
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