भारत-लिकटेंस्टीन: राष्ट्रपति बोलीं- AI और क्लीन टेक में सहयोग से खुलेंगे नए अवसर, निवेश से रोजगार तक बनेगी बात
भारत और लिकटेंस्टीन ने AI, क्लीन टेक, रिसर्च और निवेश जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर जोर दिया है। राष्ट्रपति मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में लिकटेंस्टीन के वंशानुगत प्रिंस एलोइस, उनकी पत्नी प्रिंसेस सोफी और उनके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया।
विस्तार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को कहा कि भारत और लिकटेंस्टीन के बीच कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रिसर्च, कौशल विकास और स्वच्छ तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को मजबूत करना पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में लिकटेंस्टीन के वंशानुगत प्रिंस एलोइस, उनकी पत्नी प्रिंसेस सोफी और उनके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने उनके सम्मान में भोज का आयोजन भी किया।
भारत की ताकत और लिकटेंस्टीन की विशेषज्ञता से मिलेगा लाभ
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत के बड़े बाजार, कुशल कार्यबल और तेजी से विकसित हो रहे नवाचार तंत्र के साथ लिकटेंस्टीन की उन्नत विनिर्माण, तकनीक और वित्तीय सेवाओं की विशेषज्ञता को जोड़कर दोनों देश लाभकारी साझेदारी विकसित कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों की क्षमताओं का एक साथ इस्तेमाल करके साझा चुनौतियों के समाधान खोजे जा सकते हैं। इससे उद्यमियों, शोधकर्ताओं और युवा पेशेवरों के बीच भी सहयोग बढ़ेगा।
#WATCH | Delhi: Hosting Hereditary Prince Alois of Liechtenstein and his wife, Princess Sophie at Rashtrapati Bhavan, President Droupadi Murmu says, "Our economic partnership is a key pillar of these ties. It has gained fresh momentum with the entry into force of India-European Free Trade Association Trade and Economic Partnership Agreement in Octover 2025. This landmark Agreement opens up new opportunities for the businesses and entrepreneurs of both our countries and provides a strong framework for investment, job creation and closer integration of our economies..."
— ANI (@ANI) October 27, 2026
मुर्मू के अनुसार, लिकटेंस्टीन की कई कंपनियां भारत में उन्नत विनिर्माण, फिनटेक, कृषि अनुसंधान, टिकाऊ बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवा और मटेरियल साइंस जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने में रुचि दिखा रही हैं।
योग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान से भी मजबूत हुए रिश्ते
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि दोनों देशों के संबंध व्यापार, निवेश, विज्ञान, तकनीक, नवाचार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में लगातार मजबूत हुए हैं। लिकटेंस्टीन में योग की बढ़ती लोकप्रियता भारत की परंपराओं के प्रति वहां के लोगों की रुचि को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि भारत और लिकटेंस्टीन के संबंध मित्रता, आपसी सम्मान, शांति और समृद्धि की साझा प्रतिबद्धता पर आधारित हैं। दोनों नेताओं ने विश्वास जताया कि यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करेगी।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रिंस एलोइस के बीच व्यापार, तकनीक और प्रतिभाओं की आवाजाही सहित कई मुद्दों पर बातचीत हुई। लिकटेंस्टीन के कार्यवाहक राष्ट्राध्यक्ष प्रिंस एलोइस रविवार से चार दिवसीय भारत यात्रा पर हैं।