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डीआरडीओ से जुड़ी एजेंसी के वैज्ञानिक की मौत: बंगलूरू में अपार्टमेंट से कूदे, काम के दबाव की बात आई सामने
Tue, 27 Oct 2026 10:58 PM IST
निर्मल कांत
पीटीआई, बंगलूरू।
पीटीआई, बंगलूरू।
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 27 Oct 2026 10:58 PM IST
सार
डीआरडीओ से जुड़ी एजेंसी में काम करने वाले 47 वर्षीय वैज्ञानिक शरद कटियार की बंगलूरू में मौत हो गई। परिवार के मुताबिक, वह एक महीने से अधिक समय से काम के दबाव के कारण मानसिक परेशानी से जूझ रहे थे। आखिर घटना से पहले क्या हुआ था? पढ़िए इस रिपोर्ट में।
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सांकेतिक
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
विस्तार
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के तहत आने वाली एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (एडीए) में काम करने वाले वैज्ञानिक की कथित तौर पर आत्महत्या से मौत हो गई। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, वैज्ञानिक कथित तौर पर अपने आवासीय अपार्टमेंट की इमारत से कूद गए थे।
मृतक की पहचान शरद कटियार के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि वह केआर पुरम के सीगेहल्ली इलाके में अपने परिवार के साथ रहते थे।
क्या काम के दबाव से परेशान थे वैज्ञानिक?
यह घटना 21 अक्तूबर को शाम साढ़े सात बजे से रात आठ बजे के बीच हुई। उनके परिवार ने पुलिस को बताया कि एक महीने से अधिक समय से काम के दबाव का असर उन पर पड़ रहा था। पुलिस के अनुसार, कटियार बंगलुरु में एचएएल के पास विमानपुरा स्थित एडीए के प्रोग्रामिंग विभाग में वरिष्ठ स्तर के वैज्ञानिक के तौर पर काम करते थे।
परिवार ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि काम के दबाव के कारण कटियार एक महीने से अधिक समय से मानसिक परेशानी का सामना कर रहे थे। उनका एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। वहां डॉक्टरों ने उनमें अवसाद के लक्षण पाए थे। हालांकि, काम से जुड़ा कथित दबाव लगातार बना हुआ था। पुलिस ने यह जानकारी दी।
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घटना से पहले कहां गए थे वैज्ञानिक?
पुलिस ने बताया कि 21 अक्तूबर को कटियार इलाज के लिए राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान (निमहांस) गए थे। वहां उन्होंने डॉक्टरों की ओर से बताई गई दवाएं ली थीं।
कैसे हुई वैज्ञानिक की मौत?
इसके बाद उसी शाम करीब साढ़े सा बजे वह अपने आवासीय अपार्टमेंट की इमारत में चौथी और पांचवीं मंजिल के बीच सीढ़ियों के पास बनी खिड़की से कथित तौर पर कूद गए। पुलिस के अनुसार, गिरने से उन्हें चोटें आईं। अस्पताल ले जाने से पहले ही उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
पुलिस ने बताया कि केआर पुरम पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 194 के तहत अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया है।
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मृतक की पहचान शरद कटियार के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि वह केआर पुरम के सीगेहल्ली इलाके में अपने परिवार के साथ रहते थे।
क्या काम के दबाव से परेशान थे वैज्ञानिक?
यह घटना 21 अक्तूबर को शाम साढ़े सात बजे से रात आठ बजे के बीच हुई। उनके परिवार ने पुलिस को बताया कि एक महीने से अधिक समय से काम के दबाव का असर उन पर पड़ रहा था। पुलिस के अनुसार, कटियार बंगलुरु में एचएएल के पास विमानपुरा स्थित एडीए के प्रोग्रामिंग विभाग में वरिष्ठ स्तर के वैज्ञानिक के तौर पर काम करते थे।
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परिवार ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि काम के दबाव के कारण कटियार एक महीने से अधिक समय से मानसिक परेशानी का सामना कर रहे थे। उनका एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। वहां डॉक्टरों ने उनमें अवसाद के लक्षण पाए थे। हालांकि, काम से जुड़ा कथित दबाव लगातार बना हुआ था। पुलिस ने यह जानकारी दी।
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घटना से पहले कहां गए थे वैज्ञानिक?
पुलिस ने बताया कि 21 अक्तूबर को कटियार इलाज के लिए राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान (निमहांस) गए थे। वहां उन्होंने डॉक्टरों की ओर से बताई गई दवाएं ली थीं।
कैसे हुई वैज्ञानिक की मौत?
इसके बाद उसी शाम करीब साढ़े सा बजे वह अपने आवासीय अपार्टमेंट की इमारत में चौथी और पांचवीं मंजिल के बीच सीढ़ियों के पास बनी खिड़की से कथित तौर पर कूद गए। पुलिस के अनुसार, गिरने से उन्हें चोटें आईं। अस्पताल ले जाने से पहले ही उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
पुलिस ने बताया कि केआर पुरम पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 194 के तहत अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया है।