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फैसला: प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति के लिए जम्मू-कश्मीर, लद्दाख माने जाएंगे 'कठिन इलाके', सरकार ने ट्रांसफर नियमों में किए बदलाव
Thu, 20 Jan 2022 06:01 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Thu, 20 Jan 2022 06:01 PM IST
सार
केंद्र सरकार का कहना है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बनने की वजह से ही AGMUT कैडर का दायरा बढ़ाने का फैसला हुआ है।
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AGMUT कैडर के आईएएस और आईपीएस के लिए बड़ा फैसला।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
केंद्र सरकार ने आईएएस और आईपीएस जैसे प्रशासनिक अफसरों की नियुक्ति और ट्रांसफर के नियमों में बदलाव किए हैं। इसके तहत अब छोटे, संवेदनशील राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ट्रांसफर को 'कठिन इलाकों' की नियुक्ति करार दिया जाएगा। नई गाइडलाइंस के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भी अब 'कठिन इलाकों' के वर्ग में रखे जाएंगे।
केंद्र के आधिकारिक बयान के मुताबिक, अरुणाचल प्रदेश (A), गोवा (G), मिजोरम (M) और केंद्र शासित प्रदेशों (UT) में तैनात आईएएस-आईपीएस अफसरों की तैनाती AGMUT कैडर में मानी जाती है। अब AGMUT-2016 से जुड़े नियमों में बदलाव किया जा रहा है और जनवरी 2021 से जम्मू-कश्मीर कैडर को भी AGMUT में शामिल किया जा रहा है। दरअसल, 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को रद्द कर दिया गया था। साथ ही इससे राज्य का दर्जा छीनकर लद्दाख और जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेश के तौर पर विभाजित कर दिया था।
केंद्र सरकार का कहना है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बनने की वजह से ही AGMUT कैडर का दायरा बढ़ाने का फैसला हुआ है। इस मामले पर विचार के बाद निर्णय हुआ है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को जॉइंट AGMUT कैडर में कैटेगरी 'बी' यानी कठिन इलाकों के वर्ग में जगह दी जाएगी।
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दिल्ली, चंडीगढ़, गोवा, पुडुचेरी, दादर नागर हवेली और दमन तथा दीव में पदस्थापन को ‘‘नियमित क्षेत्र’’ या ‘ए’ श्रेणी का माना जाएगा, जबकि अरूणाचल प्रदेश, मिजोरम, अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह, लक्षद्वीप, जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख में पदस्थापन को ‘‘कठिन क्षेत्र’’ या ‘बी’ श्रेणी का माना जाएगा।
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केंद्र के आधिकारिक बयान के मुताबिक, अरुणाचल प्रदेश (A), गोवा (G), मिजोरम (M) और केंद्र शासित प्रदेशों (UT) में तैनात आईएएस-आईपीएस अफसरों की तैनाती AGMUT कैडर में मानी जाती है। अब AGMUT-2016 से जुड़े नियमों में बदलाव किया जा रहा है और जनवरी 2021 से जम्मू-कश्मीर कैडर को भी AGMUT में शामिल किया जा रहा है। दरअसल, 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को रद्द कर दिया गया था। साथ ही इससे राज्य का दर्जा छीनकर लद्दाख और जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेश के तौर पर विभाजित कर दिया था।
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केंद्र सरकार का कहना है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बनने की वजह से ही AGMUT कैडर का दायरा बढ़ाने का फैसला हुआ है। इस मामले पर विचार के बाद निर्णय हुआ है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को जॉइंट AGMUT कैडर में कैटेगरी 'बी' यानी कठिन इलाकों के वर्ग में जगह दी जाएगी।
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दिल्ली, चंडीगढ़, गोवा, पुडुचेरी, दादर नागर हवेली और दमन तथा दीव में पदस्थापन को ‘‘नियमित क्षेत्र’’ या ‘ए’ श्रेणी का माना जाएगा, जबकि अरूणाचल प्रदेश, मिजोरम, अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह, लक्षद्वीप, जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख में पदस्थापन को ‘‘कठिन क्षेत्र’’ या ‘बी’ श्रेणी का माना जाएगा।