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Murugha Math: छात्राओं को पुलिस का नाम लेकर धमकाता था शिवमूर्ति, पीड़िता ने किए कई खुलासे
Mon, 14 Nov 2022 09:07 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रदुर्ग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रदुर्ग
Published by: Amit Mandal
Updated Mon, 14 Nov 2022 09:07 PM IST
सार
पीड़िता ने विशेष रूप से एक मामले का उल्लेख किया जिसमें एक लड़की शिकायत दर्ज कराने के लिए बाहर गई थी। इससे शिवमूर्ति और अन्य लोग घबरा गए और उसे पकड़ लिया।
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मुरुघा मठ के प्रमुख शिवमूर्ति मुरुघा शरणारू।
- फोटो : Twitter
विस्तार
चित्रदुर्ग स्थित मुरुघा मठ के पुजारी शिवमूर्ति मुरुघा शरणारू को लेकर नए खुलास हो रहे हैं। उस पर आश्रम छात्रावास में लड़कियों का कथित रूप से यौन उत्पीड़न करने का मामला दर्ज किया गया है। शरणारू छात्राओं को धमकी देता था कि उन्हें उनके निर्देशों का पालन करना होगा क्योंकि उसके प्रशासन और पुलिस में संपर्क हैं। पुलिस को यह बयान एक पीड़िता की ओर से मिला है और अब यह 64 वर्षीय इस शख्स के खिलाफ अदालत में दायर आरोपपत्र का हिस्सा है। यह भी बताया गया कि पुलिस में शिकायत दर्ज कराने गई एक लड़की की हत्या भी कर दी गई थी।
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पीड़िता ने किए कई खुलासे
पीड़िता के अनुसार, वह अपने माता-पिता को खोने के बाद आश्रम में आई थी और उसका केवल एक भाई है। उसने कहा कि वह छात्रावास में 150 लड़कियों के साथ रहती थी, जिनमें से वार्डन रश्मि थी जो लड़कियों और शिवमूर्ति के बीच की कड़ी थी। शिकायतकर्ता के मुताबिक वार्डन उन लड़कियों को उसके पास भेजती थी जिनका नाम वह पर्ची पर लिख देता था। पीड़िता ने कहा कि शिवमूर्ति ने उसके कपड़े उतार दिए और नशे में धुत होकर उसके साथ बलात्कार किया। उसने कहा कि वह एक गरीब परिवार से होने के कारण खुद को बख्शने के लिए भीख मांगती रही।
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उसने अपने बयान में पुलिस को बताया कि अन्य लड़कियों ने भी यही कहानी सुनाई कि ढोंगी संत ने उनका यौन उत्पीड़न किया। पीड़िता ने विशेष रूप से एक मामले का उल्लेख किया जिसमें एक लड़की शिकायत दर्ज कराने के लिए बाहर गई थी। इससे शिवमूर्ति और अन्य लोग घबरा गए और उसे पकड़ लिया, फिर उसके साथ बलात्कार किया और उसकी हत्या कर दी। पीड़िता ने कहा कि वह अपने दोस्त के साथ बच निकली और बेंगलुरु पहुंची, यहां एक पुलिस स्टेशन से संपर्क किया। जब वे आश्रम से भागे तो उन्हें डर सताने लगा क्योंकि उन्हें याद आया कि शरणारू ने एक बार उन्हें यह कहते हुए धमकी दी थी कि मैं मुख्यमंत्री और पुलिस अधिकारियों को जानता हूं।
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मैसूर स्थित गैर-सरकारी संगठन ने लड़कियों को यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत पुलिस शिकायत दर्ज कराने में मदद की। शिकायत के आधार पर शरणारू को 1 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था और वह न्यायिक हिरासत में है।