Kerala: कोच्चि तट के पास डूबा लाइबेरियाई जहाज, चालक दल के सभी 24 सदस्य सुरक्षित; प्रदूषण रोकथाम के प्रयास तेज
केरल में कोच्चि तट के पास कल तक एक तरफ झुका लाइबेरियाई जहाज अब समंदर में डूब गया है। हालांकि इससे पहले भारतीय तटरक्षक बल ने चालक दल के सभी 24 सदस्यों को रेस्क्यू कर लिया था। वहीं जहाज में रखे तेल और रसायन पदार्थों के रिसाव और प्रदूषण रोकथाम के लिए सभी प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
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कैसे हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन?
शनिवार रात को जहाज से खतरे का संदेश मिला। सबसे पहले भारतीय तटरक्षक बल ने कार्रवाई की और 21 क्रू सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। रविवार सुबह बाकी बचे तीन वरिष्ठ अधिकारी – जहाज के कैप्टन, चीफ इंजीनियर और असिस्टेंट इंजीनियर – को नौसेना के पोत आईएनएस सुजाता ने रेस्क्यू किया। नौसेना ने बताया कि तीनों अधिकारी शुरुआत में जहाज पर ही रुके थे ताकि बचाव और सामान निकालने की व्यवस्था देख सकें, लेकिन हालत बिगड़ने पर उन्हें भी निकालना पड़ा।
क्यों बढ़ी प्रदूषण की चिंता?
यह जहाज 640 कंटेनरों के साथ चल रहा था। इनमें से 13 कंटेनर खतरनाक रसायनों से भरे थे और 12 में कैल्शियम कार्बाइड था। इसके अलावा जहाज में करीब 84.44 मीट्रिक टन डीजल और 367.1 मीट्रिक टन फर्नेस ऑयल था। अगर ये पदार्थ समुद्र में फैलते हैं, तो तटीय इलाकों के समुद्री जीवन और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच सकता है।
अब क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
भारतीय तटरक्षक बल ने समुद्री प्रदूषण रोकने के लिए अपनी पूरी तैयारी एक्टिव कर दी है। आईसीजी जहाज 'सक्षम' को विशेष प्रदूषण-रोधी उपकरणों के साथ घटनास्थल पर तैनात किया गया है। जबकि दूसरा जहाज 'समर्थ' भी जल्द वहां पहुंचेगा। वहीं डॉर्नियर एयरक्राफ्ट समुद्र के ऊपर से निगरानी कर रहा है ताकि तेल या रसायन के रिसाव का तुरंत पता चल सके। फिलहाल किसी तरह के तेल रिसाव की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सतर्कता के पूरे इंतजाम किए जा चुके हैं।
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रेस्क्यू ऑपरेशन में क्या थीं चुनौतियां?
आईएनएस सुजाता के कप्तान अर्जुन शेखर ने बताया कि रात के समय तेज हवाएं (40 नॉट्स तक), पानी में तैरते कंटेनर और मलबा, और अंधेरे के कारण जहाज तक पहुंचना बेहद मुश्किल था। लेकिन सभी एजेंसियों ने मिलकर समय पर सभी लोगों की जान बचाई।
कौन थे जहाज पर सवार लोग?
इस जहाज पर रूस, यूक्रेन, जॉर्जिया और फिलीपींस के नागरिकों समेत कुल 24 लोग थे। इनमें से अधिकांश को तटरक्षक जहाज और एक व्यापारी जहाज ने बचाया। बाकी तीनों को नौसेना ने रविवार सुबह रेस्क्यू किया।