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Corona virus:महानगरों में प्रदूषण बन सकता है दूसरे पीक का कारण
Sun, 18 Oct 2020 07:27 AM IST
Jeet Kumar
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 18 Oct 2020 07:27 AM IST
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एक ओर कोरोना वायरस का पीक कम होने पर देशभर में संक्रमण प्रसार से राहत मिल रही है। वहीं दूसरी ओर वायरस के दूसरे पीक को लेकर चर्चा तेज हो चुकी है। विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि प्रदूषण की वजह से कोरोना वायरस का दूसरा पीकक जल्द ही देखने को मिल सकता है।
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हालांकि इस बार यह असर देश में नहीं, बल्कि महानगरों में दिखाई देगा। अब तक दुनिया के कई हिस्सों में इस बात के सबूत मिल चुके हैं कि वायु प्रदूषण के जरिए कोरोना वायरस का प्रसार होता है।
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दरअसल देश में 30 जनवरी को पहला मरीज सामने आने के बाद मार्च में संक्रमण की गति देखने को मिली थी। इसके बाद 17 सितंबर तक रोजाना मरीजों की संख्या हजारों की तादाद में बढ़ती चली गई लेकिन इसके बाद रोजाना नए मरीजों से ज्यादा डिस्चार्ज हो रहे हैं।
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डॉक्टरों का कहना है पहला पीक लाखों लोगों को अपनी चपेट में ले चुका है। अगर सतर्कता नहीं बरती तो इसका दूसरा पीक और भी भयानक हो सकता है। केरल, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, राजस्थान और पंजाब में दूसरा पीक भी दिखाई दिया है लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर अभी यह दूर है।
पराली जलना भी मुख्य कारण
दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, लखनऊ, मुंबई जैसे शहरों में केस फिर से बढ़ सकते हैं। इसके लिए सिर्फ पराली जलना ही निर्भर नहीं करता है। अनलॉक की स्थिति में आने के बाद औद्योगिक क्षेत्र भी फिर से शुरू हुआ है।
साथ ही लोगों का आवागमन भी शुरू हो चुका है। ऐसे में प्रदूषण के इन अलग-अलग कारणों की वजह से कोरोना वायरस का दूसरा पीक दिखाई दे सकता है।- डॉ. आरएन कालरा, निदेशक, कालरा अस्पताल