फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Polluted River in India Wastewater quality Central Pollution Control Board CPCB Report

चिंताजनक: ज्यादातर राज्यों में प्रदूषित है नदियों का प्रवाह, सतही जलस्रोतों का 80% भाग इस्तेमाल करने लायक नहीं

Sun, 23 Apr 2023 04:57 AM IST
गुलाम अहमद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गुलाम अहमद Updated Sun, 23 Apr 2023 04:57 AM IST
सार

सीपीसीबी की रिपोर्ट के अनुसार 36 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में से 31 में नदियों का प्रवाह प्रदूषित है। इन राज्यों में उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और दिल्ली भी शामिल हैं।

विज्ञापन
Polluted River in India Wastewater quality Central Pollution Control Board CPCB Report
रावी नदी पाकिस्तान - फोटो : amar ujala

विस्तार

नदियों में बहाया जा रहा अशोधित अपशिष्ट जल की गुणवत्ता को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। सतही जलस्रोतों का करीब 80 फीसदी भाग अब इस्तेमाल करने लायक नहीं बचा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) और अलग-अलग राज्यों की प्रदूषण निगरानी  एजेंसियों के हालिया विश्लेषण ने इसकी पुष्टि की है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आकड़ों पर आधारित शहरी विकास मंत्रालय की वॉटर ऐड रिपोर्ट में भी कहा गया था कि सतही पानी का दो-तिहाई हिस्सा प्रदूषित है।

विज्ञापन


सीपीसीबी की रिपोर्ट के अनुसार 36 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में से 31 में नदियों का प्रवाह प्रदूषित है। इन राज्यों में उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और दिल्ली भी शामिल हैं।
विज्ञापन


केमिकल फैक्टरी से 22 गांवों का पेयजल स्रोत बेकार
राजस्थान में एक सल्फ्यूरिक एसिड उत्पादन इकाई ने 22 गांवों के पेयजल स्रोतों को बेकार कर दिया। नदियों का तो और बुरा हाल है। नदियों के रास्ते में बदलाव, खत्म होती जैव विविधता, बालू-मिट्टी खनन और कैचमेंट एरिया के खत्म होने का भी असर पड़ा है। वहीं झील, तालाब और पोखर या तो अतिक्रमण का शिकार हैं या फिर सीवेज, कूड़े का डंपिग ग्राउंड बन गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


145 नदियों में पानी बेहद खराब
रिपोर्ट के अनुसार नदियों में छोड़े जाने वाले परिशोधित गंदे पानी की गुणवत्ता काफी खराब है। इसमें बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी) की मात्रा प्रति लीटर 30 मिलीग्राम है। यह स्थिति चिंताजनक मानी जाती है। 2015 की सीपीसीबी रिपोर्ट में बताया गया था कि 275 नदियों के 302 प्रवाह प्रदूषित हैं। तमाम प्रयासों के बावजूद वर्ष 2018 की रिपोर्ट में 350 से ज्यादा नदियों के 381 प्रवाह प्रदूषित पाए गए।

रासायनिक दवाएं व कीटनाशक भारी नुकसानदेह
खेतों व बाग-बगीचों में इस्तेमाल की जाने वाली रासायनिक दवाएं और कीटनाशक भी जल प्रदूषण का एक बड़ा कारण है। इनसे होने वाला प्रदूषण मछलियों के साथ-साथ दूसरे जलीय जीवों के लिए भी खतरा बनता जा रहा है। मनुष्यों के साथ वन्य जीव भी इससे अछूते नहीं हैं।

भूजल का अंधाधुंध दोहन प्रदूषण का कारण
केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड के विज्ञानी सुधीर श्रीवास्तव के अनुसार अतिदोहन के कारण भूजल भी दूषित होता जा रहा है। सतही पानी की तुलना में भूजल कम दूषित होना चाहिए, लेकिन देश में भूजल का अंधाधुंध दोहन प्रदूषण का कारण बन रहा है। एक अनुमान के अनुसार करीब 80 फीसदी ग्रामीण और 50 फीसदी शहरी आबादी भूमिगत जल पर निर्भर है।


भूजल की गुणवत्ता मुख्य रूप से लवणता, क्लोराइड, फ्लोराइड, नाइट्रेट, आयरन और आर्सेनिक पर निर्भर है। भूजल सतही प्रदूषण से सुरक्षित होता है, क्योंकि इसमें जियोलॉजिकल फिल्टर लगा होता है जो पानी में से प्रदूषक तत्वों को बाहर निकाल देता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed