अंबेडकर की विरासत पर सियासी जंग तेज, राजनीतिक दल आपस में भिड़े
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देश की 16 फीसदी दलित आबादी को साधने के लिए इस बिरादरी के सबसे बड़े आइकन भीमराव अंबेडकर की विरासत पर सियासी जंग चरम पर है। अंबेडकर की विरासत पर अपना स्वाभाविक दावा मानने वाली कांग्रेस विरासत बचाने के लिए मोदी सरकार और भाजपा को दलित विरोधी साबित करने में जुटी है।
वहीं इस विरासत को हथियाने की कोशिश में जी-जान से जुटी भाजपा और मोदी सरकार कांग्रेस पर अंबेडकर को उचित सम्मान न दिए जाने का दावा कर रही है। इस सियासी जोर-आजमाइश के बीच कांग्रेस अंबेडकर की 125वीं जयंती वर्ष से समापन से पहले मंगलवार को नागपुर तो बुधवार को जयपुर में बड़ा दलित सम्मेलन कर चुकी है। जबकि अंबेडकर की यादों से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों को पंचतीर्थ घोषित कर चुके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बृहस्पतिवार को उनकी जन्मस्थली महू में बड़ा कार्यक्रम करने जा रहे हैं।
सरकार ने अंबेडकर जयंती के दिन से देश भर में ग्रामोदय से भारत उदय कार्यक्रम का आयोजन करने की घोषणा कर चुकी है। अंबेडकर की जयंती पर कांग्रेस, भाजपा, बसपा सहित तमाम दल बृहस्पतिवार को भी अपने अपने तरीके से उनकी विरासत पर दावेदारी जताएंगे।
जन्म दिवस को सामाजिक समरसता दिवस के रूप में मनाने की घोषणा
प्रधानमंत्री मोदी बृहस्पतिवार को अंबेडकर के जन्म स्थान महू में भव्य कार्यक्रम के जरिये उनकी विरासत पर भाजपा की ओर से दावेदारी पेश करेंगे। इस दौरान वह अंबेडकर की कथित उपेक्षा पर कांग्रेस पर निशाना साधने के साथ ही देश की अखंडता और एकता कायम रखने के लिए उनकी विचारधारा को सामने रख राष्ट्रवाद का भी अलख जगाएंगे।
पार्टी और सरकार पहले ही अंबेडकर के जन्म दिवस को सामाजिक समरसता दिवस के रूप में मनाने की घोषणा कर चुकी है। भाजपा के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा कहते हैं मोदी सरकार विकास को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा कर अंबेडकर की दृष्टि और सपने को पूरा कर रही है। कांग्रेस ने तो आजादी के चार दशक बाद तक उन्हें भारत रत्न देने लायक नहीं समझा।
दूसरी ओर अंबेडकर की विरासत को किसी भी तरह से बचाने में जुटी कांग्रेस आरक्षण, दलित छात्र रोहित वेमुला आत्महत्या प्रकरण के साथ ही भाजपा शासित राज्यों में दलितों के खिलाफ हो रहे अत्याचार को जोरशोर से उठा कर मोदी सरकार को दलित विरोधी साबित करने में जुटी है।
अंबेडकर की दीक्षा भूमि नागपुर में मंगलवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने इन्हीं मुद्दों को उठा कर अंबेडकर की विरासत को हर हाल में बचाए रखने का संदेश दिया। बुधवार को राहुल ने एक ओर जहां बाड़मेर में दलित के साथ हुए अत्याचार का मामला उठाया, वहीं इसी दिन जयपुर के दलित सम्मेलन में वेमुला प्रकरण को उठाया।
शकील अहमद, महासचिव कांग्रेस ने कहा कि अंबेडकर की उपेक्षा के आरोप बेमानी हैं। संविधान निर्माण में उनकी भूमिका, नेहरू मंत्रिमंडल में सदस्य बनाया जाना साबित करता है कि कांग्रेस ने उन्हें उचित सम्मान दिया।