सियासत: असम-मणिपुर में भाजपा अध्यक्ष नियुक्त, कमल हासन की पार्टी में भी हुए बदलाव
भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को असम और मणिपुर में प्रदेश अध्यक्ष पद पर नियुक्ति कर दी है। असम में जहां पार्टी ने विधायक भाबेश कलिता को यह जिम्मेदारी सौंपी है, वहीं मणिपुर में शारदा देवी पर भरोसा जताया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को असम और मणिपुर में प्रदेश अध्यक्ष पद पर नियुक्ति कर दी है। असम में जहां पार्टी ने विधायक भाबेश कलिता को यह जिम्मेदारी सौंपी है, वहीं मणिपुर में शारदा देवी पर भरोसा जताया है।
असम: रंगिया विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं कलिता
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को असम के कामरूप जिले की रंगिया विधानसभा क्षेत्र के विधायक भाबेश कलिता को पार्टी की प्रदेश इकाई का अध्यक्ष नियुक्त किया। पार्टी की ओर से जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया कि भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भाबेश कलिता की नियुक्ति को हरी झंडी दी। वह रंजीत कुमार दास की जगह लेंगे।
हाल ही में संपन्न असम विधानसभा चुनाव में भाजपा ने शानदार जीत हासिल की थी और उसने लगातार दूसरी बार राज्य की सत्ता पर कब्जा जमाया। भाजपा ने यह चुनाव रंजीत कुमार दास की अध्यक्षता में लड़ा था। दास को हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व में बनी भाजपा सरकार में पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री बनाया गया था।
मणिपुर: प्रशिक्षण विभाग की मुखिया थीं शारदा देवी
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को शारदा देवी को पार्टी की मणिपुर इकाई का अध्यक्ष नियुक्त किया। इससे पहले वह प्रदेश भाजपा की उपाध्यक्ष और प्रशिक्षण विभाग की मुखिया थीं। पार्टी की ओर से जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया कि भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने तत्काल प्रभाव से शारदा देवी को मणिपुर में भाजपा का अध्यक्ष नियुक्त करने को हरी झंडी दे दी है।
शारदा देवी पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एस टिकेंद्र सिंह की जगह लेंगी। सिंह का इसी साल 13 मई को कोविड-19 संबंधी परेशानियों के बाद निधन हो गया था। उनके निधन के बाद से प्रदेश अध्यक्ष का पद खाली थी।
मक्कल निधि मय्यम: कमल हासन ने कई नए पदाधिकारी नियुक्त किए
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद मक्कल निधि मय्यम (एमएनएम) के संस्थापक एवं अध्यक्ष कमल हासन ने पार्टी संगठन में बदलाव करते हुए शनिवार को महासचिव समेत कई नये पदाधिकारी नियुक्त किए। विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी उपाध्यक्ष आर महेंद्रन समेत कई पदाधिकारियों के इस्तीफे के मद्देनजर ये बदलाव किए गए हैं। विधानसभा चुनाव में मक्कल निधि मय्यम एक सीट तक नहीं जीत सकी थी।
एमएनएम की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक कमल हासन ने शनिवार को पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ एक ऑनलाइन बैठक के दौरान कई पदों पर नए पदाधिकारियों की नियुक्ति की घोषणा की। विज्ञप्ति के मुताबिक पार्टी में दो प्रमुख राजनीतिक सलाहकार, दो उपाध्यक्ष, तीन राज्य सचिव, एक अतिरिक्त केन्द्रीय कार्यकारी समिति का सदस्य और नरपानी इयक्कम (कल्याण) मोर्चे के समन्वयक की नियुक्ति की गई है। इसके अनुसार आने वाले दिनों में और भी नियुक्तियां की जाएंगी।
कमल हासन अब खुद ही एमएनएम के महासचिव पद का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे। गौरतलब है कि तमिलनाडु में छह अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में एमएनएम और उसके सहयोगी दल का एक भी उम्मीदवार जीतकर विधानसभा नहीं पहुंच सका। इसके बाद एमएनएम के उपाध्यक्ष आर महेन्द्रन समेत कई नेताओं ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था।
इसके अलावा विधानसभा चुनाव लड़ने वाले पूर्व आईएएस अधिकारी संतोष बाबू ने भी निजी कारणों का हवाला देते हुए पार्टी छोड़ दी थी। चुनाव परिणाम के बाद कमल हासन ने कहा था कि पार्टी को मजबूत करने की दिशा में वह कुछ आवश्यक कदम उठाएंगे।
वयोवृद्ध राजनेता पाला करुप्पैया और पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के पूर्व सहयोगी पी वेल्लाइसामी को एमएनएम का राजनीतिक सलाहकार नियुक्त किया गया है जबकि ए जी मौर्य और थंगावेलु को पार्टी का उपाध्यक्ष बनाया गया है। कमल हासन ने एक बयान में नए पदाधिकारियों का स्वागत करते हुए उनसे पार्टी को मजबूत करने की दिशा में काम करने का आह्वान किया।