{"_id":"62b9976a97930f6601578482","slug":"political-turmoil-continues-in-maharashtra-big-meeting-of-bjp-core-committee-begins-at-fadnaviss-house","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharashtra Crisis: सुप्रीम कोर्ट से बागी विधायकों को राहत, याचिका पर पांच दिन के भीतर मांगा जवाब","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Maharashtra Crisis: सुप्रीम कोर्ट से बागी विधायकों को राहत, याचिका पर पांच दिन के भीतर मांगा जवाब
Mon, 27 Jun 2022 05:18 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर अजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर अजाला, मुंबई
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 27 Jun 2022 05:18 PM IST
सार
एक जमीन घोटाले के मामले में शिवसेना सांसद संजय राउत को ईडी ने समन भेजा है और कल पेश होने के लिए कहा है। उधर देवेंद्र फडणवीस के घर पर शाम बजे से भाजपा की कोर कमेटी की बैठक शुरू हो गई है।
विज्ञापन
गुवाहाटी के होटल में अपने विधायकों के साथ एकनाथ शिंदे
- फोटो : ANI
विस्तार
महाराष्ट्र में मचे सियासी घमासान के बीच सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को नोटिस जारी कर पांच दिन के भीतर जवाब मांगा है। कोर्ट अब इस मामले में 11 जुलाई को सुनवाई करेगा। वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बागी मंत्रियों पर कार्रवाई करते हुए उनके मंत्रालयों को छीन लिया है।
अदालत ने अयोग्यता नोटिस की वैधानिकता को चुनौती देने वाले बागी विधायकों की याचिकाओं पर जवाब मांगा। हालांकि, शीर्ष अदालत ने महाराष्ट्र सरकार की उस याचिका पर अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार कर दिया, जिसमें विधानसभा में बहुमत परीक्षण नहीं कराए जाने का अनुरोध किया गया था। अदालत ने कहा कि वे किसी भी अवैध कदम के खिलाफ उसका रुख कर सकते हैं।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला की अवकाशकालीन पीठ ने महाराष्ट्र सरकार को शिवसेना के 39 बागी विधायकों और उनके परिवार के जीवन, स्वतंत्रता और संपत्ति की सुरक्षा करने का निर्देश भी दिया। महाराष्ट्र विधानसभा के उपाध्यक्ष को नोटिस जारी करते हुए उच्चतम न्यायालय ने उन्हें बागी विधायकों द्वारा दिए गए अविश्वास प्रस्ताव नोटिस को हलफनामा रिकॉर्ड में रखने का निर्देश दिया।
विज्ञापन
शीर्ष अदालत ने महाराष्ट्र सरकार की ओर से पेश वकील के उस बयान को भी रिकॉर्ड में लिया कि बागी विधायकों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम उठाए गए हैं। मामले की अगली सुनवाई 11 जुलाई को होगी।
इससे पहले बागी विधायकों की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता एन के कौल ने पीठ को बताया कि विधायक दल का उद्धव ठाकरे समूह ‘‘अल्पमत’’ में है और ‘‘राज्य की व्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहा है।’’ कौल ने कहा कि मुंबई में इन विधायकों के लिए माहौल अनुकूल नहीं है क्योंकि उन्हें धमकी दी गई है। महाराष्ट्र के शिवसेना विधायक और मंत्री एकनाथ शिंदे ने उपाध्यक्ष द्वारा उन्हें और अन्य बागी विधायकों को जारी अयोग्यता नोटिस के खिलाफ शीर्ष अदालत का रुख किया है।
उल्लेखनीय है कि शिंदे और बड़ी संख्या में विधायकों ने 21 जून को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व के खिलाफ बगावत की और वर्तमान में वे असम के गुवाहाटी में हैं।
दूसरी तरफ एक जमीन घोटाले के मामले में शिवसेना सांसद संजय राउत को ईडी ने समन भेजा है और कल पेश होने के लिए कहा है। उधर देवेंद्र फडणवीस के घर पर शाम बजे से भाजपा की कोर कमेटी की बैठक शुरू हो गई है।
शिवसेना के बागी विधायक एकनाथ शिंदे महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात कर सके हैं। शिंदे गुट राज्यपाल से फ्लोर टेस्ट के लिए कह सकता है। शिंदे पक्ष राज्यपाल से अविश्वास प्रस्ताव की मांग कर सकता है। वह महाविकास अघाड़ी सरकार से अपना समर्थन वापस ले सकता है और खुद को असली शिवसेना होने का दावा कर सकता है।
विज्ञापन
अदालत ने अयोग्यता नोटिस की वैधानिकता को चुनौती देने वाले बागी विधायकों की याचिकाओं पर जवाब मांगा। हालांकि, शीर्ष अदालत ने महाराष्ट्र सरकार की उस याचिका पर अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार कर दिया, जिसमें विधानसभा में बहुमत परीक्षण नहीं कराए जाने का अनुरोध किया गया था। अदालत ने कहा कि वे किसी भी अवैध कदम के खिलाफ उसका रुख कर सकते हैं।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला की अवकाशकालीन पीठ ने महाराष्ट्र सरकार को शिवसेना के 39 बागी विधायकों और उनके परिवार के जीवन, स्वतंत्रता और संपत्ति की सुरक्षा करने का निर्देश भी दिया। महाराष्ट्र विधानसभा के उपाध्यक्ष को नोटिस जारी करते हुए उच्चतम न्यायालय ने उन्हें बागी विधायकों द्वारा दिए गए अविश्वास प्रस्ताव नोटिस को हलफनामा रिकॉर्ड में रखने का निर्देश दिया।
विज्ञापन
शीर्ष अदालत ने महाराष्ट्र सरकार की ओर से पेश वकील के उस बयान को भी रिकॉर्ड में लिया कि बागी विधायकों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम उठाए गए हैं। मामले की अगली सुनवाई 11 जुलाई को होगी।
इससे पहले बागी विधायकों की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता एन के कौल ने पीठ को बताया कि विधायक दल का उद्धव ठाकरे समूह ‘‘अल्पमत’’ में है और ‘‘राज्य की व्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहा है।’’ कौल ने कहा कि मुंबई में इन विधायकों के लिए माहौल अनुकूल नहीं है क्योंकि उन्हें धमकी दी गई है। महाराष्ट्र के शिवसेना विधायक और मंत्री एकनाथ शिंदे ने उपाध्यक्ष द्वारा उन्हें और अन्य बागी विधायकों को जारी अयोग्यता नोटिस के खिलाफ शीर्ष अदालत का रुख किया है।
उल्लेखनीय है कि शिंदे और बड़ी संख्या में विधायकों ने 21 जून को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व के खिलाफ बगावत की और वर्तमान में वे असम के गुवाहाटी में हैं।
दूसरी तरफ एक जमीन घोटाले के मामले में शिवसेना सांसद संजय राउत को ईडी ने समन भेजा है और कल पेश होने के लिए कहा है। उधर देवेंद्र फडणवीस के घर पर शाम बजे से भाजपा की कोर कमेटी की बैठक शुरू हो गई है।
शिवसेना के बागी विधायक एकनाथ शिंदे महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात कर सके हैं। शिंदे गुट राज्यपाल से फ्लोर टेस्ट के लिए कह सकता है। शिंदे पक्ष राज्यपाल से अविश्वास प्रस्ताव की मांग कर सकता है। वह महाविकास अघाड़ी सरकार से अपना समर्थन वापस ले सकता है और खुद को असली शिवसेना होने का दावा कर सकता है।