क्या ममता संभालेंगी इंडिया गठबंधन की कमान: बयान पर बंटा विपक्ष; भाजपा को भी मिल गया मौका, जानें किसने क्या कहा
ममता बनर्जी के बयान के बाद बंगाल से लेकर दिल्ली तक सियासी बयानबाजी शुरू हो गई है। एक ओर जहां उद्धव ठाकरे वाली शिवसेना उनसे वार्ता की बात कह रही है। वहीं, कांग्रेस ने कहा कि वे सिर्फ मीडिया के एक सवाल का जवाब दे रही थीं।
विस्तार
विपक्षी गठबंधन इंडिया में फिलहाल सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। ये तब सामने आया जब विपक्षी गठबंधन की वरिष्ठ नेता और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के कामकाज पर असंतोष व्यक्त किया और मौका मिलने पर इसकी कमान संभालने के अपने इरादे जताए। ममता बनर्जी के बयान के बाद बंगाल से लेकर दिल्ली तक सियासी बयानबाजी शुरू हो गई है। एक ओर जहां उद्धव ठाकरे वाली शिवसेना उनसे वार्ता की बात कह रही है। वहीं, कांग्रेस ने कहा कि वे सिर्फ मीडिया के एक सवाल का जवाब दे रही थीं। इसके अलावा, NCP-SCP सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि अगर वे अधिक जिम्मेदारी लेना चाहें तो हम उनके साथ हैं। वहीं, कई राज्यों में सत्ता पर आसीन भाजपा ने ममता के बयान को आधार बनाकर कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है। भगवा दल का कहना है कि राहुल को हम नहीं विपक्षी गठबंधन बालक बुद्धि कहता है। आइए जानते हैं कि किसने क्या कहा-
पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के 'भारत गठबंधन का नेतृत्व करने को इच्छुक' वाले कथित बयान पर कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने सिर्फ मीडिया के एक सवाल का जवाब दिया। इसका मतलब यह नहीं है कि इस बारे में भारत गुट में बातचीत हुई थी। अगर वह इस बारे में इंडिया ब्लॉक के नेताओं के साथ बात करती हैं तो वे मिलकर इसका समाधान ढूंढेंगे।
तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख के बयान पर उद्धव ठाकरे वाली शिवसेना के सांसद संजय राउत ने कहा, 'हम ममता बनर्जी की इस राय को जानते हैं। हम सब यह भी चाहते हैं कि वह इंडिया गठबंधन की एक प्रमुख भागीदार बनी रहें। चाहे ममता बनर्जी हों, अरविंद केजरीवाल हों या शिवसेना (यूबीटी), हम सब एक साथ हैं। हम जल्द ही कोलकाता में ममता बनर्जी से बात करने जाएंगे।'
वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान पर सपा नेता उदयवीर सिंह ने कहा कि वह एक वरिष्ठ नेता हैं, उनके पास बहुत अनुभव है। वह सक्षम हैं। हमारी पार्टी के उनके साथ संबंध अच्छे हैं और हमें उनके नेतृत्व पर भरोसा है। इंडिया ब्लॉक के नेताओं को मिलकर तय करना होगा कि क्या किया जाना चाहिए। अगर ऐसा कोई निर्णय लिया जाता है, तो हम इसका समर्थन करेंगे।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान पर NCP-SCP सांसद सुप्रिया सुले ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी पूरी तरह से INDIA गठबंधन का अभिन्न अंग हैं। वह भारत की सबसे बड़ी नेताओं में से एक हैं। एक जीवंत लोकतंत्र में विपक्ष की बड़ी भूमिका और जिम्मेदारी होती है इसलिए अगर वे अधिक जिम्मेदारी लेना चाहें तो हम उनके साथ हैं।
'वे केवल निजी महत्वकांक्षा के लिए काम करने वाले लोग'
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान पर बिहार सरकार में मंत्री नितिन नबीन ने कहा कि ममता बनर्जी कभी भी INDI गठबंधन के साथ नहीं चली हैं। हमेशा उनके बीच में गतिरोध रहा है। जो अति महत्वाकांक्षा वाले लोग हैं या अराजकता वाले लोग हैं वो एक साथ कैसे चल सकते हैं? वे(INDIA गठबंधन के दल) केवल निजी महत्वकांक्षा के लिए काम करते हैं इसलिए वे सफर में बहुत लंबे समय तक साथ नहीं चल सकते हैं।
'हार के बाद विपक्ष में रार'
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान पर भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने कहा कि जब से कांग्रेस महाराष्ट्र और हरियाणा में हारी है तब से INDI गठबंधन में किस प्रकार का विभाजन देखने को मिल रहा है वो ममता बनर्जी के बयान से पता चलता है। उन्होंने कहा है कि जो विपक्षी गठबंधन इंडिया का नेतृत्व है यानी कांग्रेस है उससे 'हो नहीं पा रहा है'। ऐसा ही बयान विपक्षी पार्टियों का भी आया है। समाजवादी पार्टी ने कांग्रेस का समर्थन नहीं दिया जब वो संसद में प्रदर्शन कर रहे थे... हर जगह कांग्रेस, खासकर राहुल गांधी, जो 80-90 चुनाव हार चुके हैं अब उनके खिलाफ जनता नहीं बल्कि उनके खुद के साथी अविश्वास प्रस्ताव पारित कर रहे हैं।
क्या बोली थीं ममता बनर्जी?
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कहा कि वह बंगाल की मुख्यमंत्री के रूप में अपनी भूमिका जारी रखते हुए विपक्षी मोर्चे के नेतृत्व के साथ दोहरी जिम्मेदारी संभालने में सक्षम होंगी। उन्होंने एक बंगाली समाचार चैनल के साथ इंटरव्यू में कहा, 'मैंने ‘इंडिया’ गठबंधन का गठन किया था। अब इसे प्रबंधित करना मोर्चे का नेतृत्व करने वालों पर निर्भर है। अगर वे यह नहीं कर सकते, तो मैं क्या कर सकती हूं? मैं बस यही कहूंगी कि सभी को साथ लेकर चलने की जरूरत है।'
यह पूछे जाने पर कि एक मजबूत भाजपा विरोधी ताकत के रूप में अपनी साख को देखते हुए वह गठबंधन का प्रभार क्यों नहीं ले रही हैं, बनर्जी ने कहा, 'यदि अवसर दिया गया तो मैं इसका सुचारू संचालन सुनिश्चित करूंगी। मैं बंगाल से बाहर नहीं जाना चाहती, लेकिन मैं इसे यहां से संचालित कर सकती हूं।' दरअसल भाजपा का मुकाबला करने के लिए गठित ‘इंडिया’ गठबंधन में दो दर्जन से अधिक विपक्षी दल शामिल हैं। हालांकि आंतरिक मतभेदों और समन्वय की कमी के कारण कई हलकों से इसे आलोचना का सामना करना पड़ा है।