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केरल: ‘बेटे को बुरी तरह पीटा और उसकी पीठ पर लिख दिया PFI’, सैनिक के पिता ने बताई घटना; पुलिस ने एक को दबोचा

Tue, 26 Sep 2023 01:38 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, केल्लम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, केल्लम Published by: काव्या मिश्रा Updated Tue, 26 Sep 2023 01:38 PM IST
सार

सैनिक के पिता बालन ने मंगलवार को बताया कि उनका बेटा एक दोस्त से मिलने के लिए घर से निकला था। रास्ते में उसने दो लोगों को खड़े देखा। चूंकि रात थी तो उसने उन लोगों से पूछा कि किसी मदद की जरूरत तो नहीं है। इस पर उन लोगों ने कहा हां और उसे एक जगह ले गए।

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Police take one into custody in connection with the complaint of army personnel alleging he was attacked
सैनिक को पीटने और उसकी पीठ पर पीएफआई लिखने का मामला। - फोटो : एएनआई

विस्तार

दक्षिण केरल के कोल्लम में सैनिक की शिकायत पर कड़क्कल पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है। दरअसल, सैनिक ने शिकायत दी थी कि रविवार को छह लोगों ने उसकी पिटाई की और उसकी पीठ पर हरे रंग से पीएफआई लिख दिया। पुलिस ने सोमवार को बताया था कि घटना रविवार रात कड़क्कल में उनके घर के पास हुई जब सैनिक घर लौट रहे थे। 

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पिता का बयान

सैनिक के पिता बालन ने मंगलवार को बताया कि उनका बेटा एक दोस्त से मिलने के लिए घर से निकला था। रास्ते में उसने दो लोगों को खड़े देखा। चूंकि रात थी तो उसने उन लोगों से पूछा कि किसी मदद की जरूरत तो नहीं है। इस पर उन लोगों ने कहा हां और उसे एक जगह ले गए।

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बालन ने कहा कि एक सुनसान जगह ले जाकर उसे पीछे से लात मारी और उसके हाथ बांध दिए। इतना ही नहीं, उसके कपड़े भी फाड़ दिए और उसकी पीठ पर पीएफआई लिख दिया। उसके बाद हमलावर वहां से चले गए।

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उन्होंने कहा कि किसी तरह बेटे ने हाथ खोले और मदद के लिए फोन किया। बाद में वह अस्पताल और पुलिस स्टेशन गया। बालन ने कहा कि पता चला है कि पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, लेकिन इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है।

सैनिक की छुट्टी के आखिरी दिन हुई घटना

इससे पहले पुलिस ने कहा था कि सैन्य खुफिया कर्मी मौके पर पहुंच गए हैं और भारतीय सेना के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैंकेनिकल इंजीनियर्स (ईएमआई) कोर में तैनात सैनिक पर कथित हमले की जांच का निर्देश देंगे। पुलिस के मुताबिक सैनिक की छुट्टी का आखिरी दिन था, जब यह घटना हुई। 

 छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

पहचाने गए छह लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 149, 143 (गैरकानूनी तरीके से एकत्र होना), 147 (दंगा करना), 153 (दंगा भड़काने के इरादे से जानबूझकर उकसाना), 323 (जानबूझकर चोट पहुंचाना) और 341 (गलत तरीके से रोकना) के तहत छह पहचाने गए लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।

 पीएफआई की भूमिका स्पष्ट नहीं: पुलिस

पुलिस ने कहा कि यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि कथित घटना में किसी संगठन की कोई भूमिका है या नहीं। कड़क्कल पुलिस थाने के एक अधिकारी ने कहा कि सैनिक की शिकायत के मुताबिक उसने अपने घर के पास कुछ लोगों को खड़े देखा, जब वह अपनी बाइक से लौट रहा था। 

 शिकायत में कहा गया है कि जब उनसे पूछा गया कि वे वहां क्यों थे, तो उन्होंने कहा कि पास के रबर बागान में कोई नशे में पड़ा था और सैनिक से पूछा कि क्या वह उस व्यक्ति को जानते हैं। 

 हमलावरों ने हाथ बांधे, पिटाई की: सैनिक

उन्होंने कहा कि वह उन लोगों के साथ रबर प्लांटेशन में गए और वहां पहुंचने पर किसी ने उन्हें पीछे से लात मारी और फिर हमलावरों ने उनके हाथ बांध दिए व उनकी पिटाई की। इसके बाद उन्होंने उसकी पीठ पर हरे रंग के पेंट से पीएफआई लिख दिया।

 पीएफआई को पहले प्रतिबंधित कर चुका गृह मंत्रालय

पीएफआई आमतौर पर 'पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया' को संदर्भित करता है। इस संगठन जिसे पिछले साल केंद्र सरकार द्वारा प्रतिबंधित कर दिया गया था। पुलिस ने कहा कि सैनिक को कोई चोट नहीं आई है। बयान में कहा गया है कि सैनिक को आज राजस्थान के जैसलमेर में अपनी यूनिट में लौटना था, लेकिन अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद वह फिलहाल घर पर आराम कर रहे हैं।

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