'पुलिस ने युवक को तालाब में धक्का देकर मार डाला'
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गांव खेड़ा नवादा में शनिवार रात करीब 1:30 बजे इरादतनगर और शमसाबाद थाना पुलिस की दबिश के दौरान भूरी सिंह (27) की तालाब में गिरने से मौत हो गई। आरोप है कि पुलिस ने उसे धक्का देकर मार डाला जबकि उस पर कोई केस नहीं था। उसके भतीजे रवि को पकड़कर घंटों हिरासत में रखा। उसके परिवार की महिलाओं की बेरहमी से पिटाई की। भूरी सिंह की पत्नी ने हत्या का केस दर्ज कराया है। इसमें इरादतनगर के दरोगा विनोद कुमार को नामजद किया और 10-12 पुलिसकर्मी अज्ञात हैं।
उधर, पुलिस की बर्बरता पर भड़के गांव के लोगों ने रविवार सुबह भूरी सिंह का शव लेकर शमसाबाद-आगरा मार्ग पर गढ़ी जहान सिंह मोड़ पर जाम लगा दिया। पुलिस पर पथराव किया। इसमें एसपी पूर्वी अखिलेश नारायण समेत कई अधिकारियों की गाड़ियों के शीशे टूट गए।
इससे बौखलाई पुलिस ने पहले पत्थर फेंके, फिर लाठियां बरसाई और इसके बाद आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को खदेड़ा।
पुलिस के खिलाफ गांव वालों में रोष
पुलिस सूत्रों ने बताया कि खेड़ा नवादा में इरादतनगर थाना के गढ़ी सीसाराम निवासी देवकीनंदन की ससुराल है। इरादतनगर थाना की पुलिस उसे पकड़ने आई थी। वह नहीं मिला तो घर में सो रहे रवि को उठा लिया। भूरी सिंह पर राइफलें तान दीं। वह बचकर भागा। घर के पास ही तालाब है। रवि का कहना है कि उसके सामने ही पुलिस ने भूरी सिंह को तालाब में धक्का दे दिया। वह डूब गया। यह देखकर पुलिस उसे (रवि को) को लेकर वहां से शमसाबाद थाना चली गई।
एसओ इरादतनगर थाना अशोक यादव को सस्पेंड कर दिया है। मामले की जांच एसपी पूर्वी को सौंपी है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। पुलिस पर पथराव करने वालों में जुआरी और सटोरिए शामिल हैं। उनके खिलाफ भी केस दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी - डा. प्रीतिंदर सिंह ( एसएसपी)