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केरल आयुर्वेदिक फार्मेसी के खिलाफ धोखाधड़ी की पुलिस जांच शुरू, मलेशिया ने पकड़ा मामला

Sun, 18 Apr 2021 04:32 AM IST
Kuldeep Singh अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: Kuldeep Singh Updated Sun, 18 Apr 2021 04:32 AM IST
सार

  • दवा निर्यात करने के लिए मिले ड्रग कंट्रोलर के प्रमाण पत्र में छेड़छाड़ का आरोप
  • कंपनी ने आयुर्वेदिक दवाओं को प्रसाधन सामग्री (कॉस्मेटिक्स) बताकर मलेशिया निर्यात करने के लिए फर्जी प्रमाण पत्र तैयार किया

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Police investigation of fraud against Kerala Ayurvedic pharmacy started, Malaysia caught case
केरल पुलिस

विस्तार

केरल के आयुर्वेदिक ड्रग कंट्रोलर द्वारा एक फार्मेसी के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े की पुलिस जांच शुरू कराने से वहां की आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति सवालों के घेरे में आ गई है। इस फार्मेसी पर दवा निर्यात के लिए मिले ड्रग कंट्रोलर के प्रमाण पत्र में छेड़छाड़ करने का आरोप है।

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दवा निर्यात करने के लिए मिले ड्रग कंट्रोलर के प्रमाण पत्र में छेड़छाड़ का आरोप, मलेशिया ने पकड़ा मामला
पंकज कस्तूरी हर्बल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और उसके प्रबंध निदेशक हीरेंद्रन नायर के खिलाफ केरल की डिप्टी ड्रग कंट्रोलर डॉ जया वी. देव ने त्रिवेंद्रम पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई है। एफआईआर के मुताबिक, कंपनी ने आयुर्वेदिक दवाओं को प्रसाधन सामग्री (कॉस्मेटिक्स) बताकर मलेशिया निर्यात करने के लिए फर्जी प्रमाण पत्र तैयार किया। यह फर्जी प्रमाण पत्र मलेशिया की ड्रग रेगुलेटरी अथॉरिटी ने पकड़ा।
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उन्होंने कंपनी की तरफ से पेश प्रमाण पत्र को केरल सरकार के पास प्रमाणित कराने के लिए भेजा। केरल की डिप्टी ड्रग कंट्रोलर ने पाया कि उनकी तरफ से पंकज कस्तूरी को दिए गए सर्टिफिकेट में छेड़खानी की गई थी ताकि वह उन दवाओं को बिना डॉक्टर के पर्चे के बेच सके। केरल की पुलिस की जांच अभी भी जारी है।
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पहले भी की गड़बड़
लगभग 35 वर्ष पुरानी पंकज कस्तूरी हर्बल प्राइवेट लिमिटेड के ऊपर इससे पहले भी अस्थमा की आयुर्वेदिक दवा में अंग्रेजी दवाएं, खास तौर पर स्टेरायड मिलाने का केस है। इसके एमडी डॉ. हीरेंद्रन नायर त्रावणकोर कोचीन मेडिकल काउंसिल के सदस्य हैं और उन्हें 2012 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।

कंपनी ने एजेंट को बताया दोषी
अमर उजाला से बात करते हुए डॉ. नायर ने कहा कि सारी गड़बड़ी मलेशिया स्थित उनकी कंपनी के एजेंट ने की है। भारतीय ड्रग कंट्रोलर द्वारा जारी सर्टिफिकेट में उसी ने हेरफेर की है।


परंपरागत चिकित्सक नाराज
अखिल भारतीय वैद्य महासभा के संयोजक एल पंकजाक्षण कहते हैं कि घटिया दवाई बनाकर ये आयुर्वेद फार्मेसियां केरल के आयुर्वेद को पूरी दुनिया में बदनाम कर रही हैैं। इनकी दवा की गुणवत्ता की नियमित जांच होनी चाहिए अन्यथा इनका लाइसेंस रद्द होना चाहिए।

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