फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   PNB Scam SC suggest Nirav Modi bro-in-law to give letter of authority to CBI to access offshore bank accounts

PNB Scam: SC ने नीरव मोदी के बहनोई से कहा, सीबीआई को विदेशी बैंक खातों की जांच के लिए 'लेटर ऑफ अथॉरिटी' दें

Tue, 31 Jan 2023 06:53 PM IST
गुलाम अहमद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गुलाम अहमद Updated Tue, 31 Jan 2023 06:53 PM IST
सार

PNB Scam: नीरव मोदी के बहनोई मैनक मेहता ब्रिटिश नागरिक हैं, जो अपने परिवार के साथ हांगकांग में रहते हैं और 8 सितंबर, 2021 को मुंबई की एक अदालत में पेश होने के लिए भारत आए थे। सीबीआई ने आरोप लगाया है कि पीएनबी धोखाधड़ी से बड़ी मात्रा में धन मेहता को मिला था और उन्होंने उन पैसों को अपने और अपनी पत्नी के विदेशी बैंक खातों में स्थानांतरित कर दिया।

विज्ञापन
PNB Scam SC suggest Nirav Modi bro-in-law to give letter of authority to CBI to access offshore bank accounts
नीरव मोदी (फाइल फोटो) - फोटो : एएनआई

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) धोखाधड़ी के आरोपी भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के बहनोई मैनक मेहता को मामले की जांच रही सीबीआई को विदेशी बैंक खातों तक पहुंच के लिए 'लेटर ऑफ अथॉरिटी'प्रदान करने का सुझाव दिया है। शीर्ष अदालत बॉम्बे हाईकोर्ट के 23 अगस्त, 2022 के आदेश को चुनौती देने वाली सीबीआई की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। जिसमें हाईकोर्ट ने मेहता को हांगकांग की यात्रा करने और वहां तीन महीने तक रहने की अनुमति दी थी।

विज्ञापन


मैनक मेहता ब्रिटिश नागरिक हैं, जो अपने परिवार के साथ हांगकांग में रहते हैं और 8 सितंबर, 2021 को मुंबई की एक अदालत में पेश होने के लिए भारत आए थे। सीबीआई ने आरोप लगाया है कि पीएनबी धोखाधड़ी से बड़ी मात्रा में धन मेहता को मिला था और उन्होंने उन पैसों को अपने और अपनी पत्नी के विदेशी बैंक खातों में स्थानांतरित कर दिया।
विज्ञापन


मंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) ने मेहता के वकील से कहा कि हम सुझाव देते हैं कि आप बैंक विवरण तक पहुंचने के लिए सीबीआई द्वारा नामित अधिकारी को 'लेटर ऑफ अथॉरिटी' प्रदान करें। मामला यहीं खत्म हो जाएगा। नहीं तो हम सीबीआई की एसएलपी (स्पेशल लीव पिटीशन) को निष्पक्षता से सुनेंगे और फैसला करेंगे। पीठ ने पूछा कि क्या आप प्राधिकार पत्र (letter of authority) देने को तैयार हैं? हमारा सुझाव है कि या तो आप अनुरोध स्वीकार करें और सीबीआई को प्राधिकार पत्र दें। नहीं तो हम मामले की सुनवाई करेंगे। इसके बाद पीठ ने मामले को 9 फरवरी को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं, सुनवाई की शुरुआत में सीबीआई की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने पीठ को मामले में अब तक के घटनाक्रम से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि पिछली बार उन्होंने मेहता के वकील से सीबीआई को प्राधिकार पत्र प्रदान करने का अनुरोध किया था, लेकिन इसे अस्वीकार कर दिया गया था। इसलिए हमें लेटर रोगेटरी (एलआर) जारी करवाना पड़ा। एलआर पर कोई प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई है। हमने इसे आगे बढ़ाने के लिए दूतावास (सिंगापुर में) को लिखा है।

अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने पीठ को बताया कि हमें आशंका है कि इन विदेशी खातों में बड़ी रकम भेजी गई है। इसलिए वह हमें खाते तक पहुंच नहीं दे रहे हैं। वह विदेशी नागरिक हैं। उनकी पत्नी बेल्जियम की नागरिक हैं। एक बार जब वह चले गए, तो वह वापस नहीं आएंगे।


वहीं, मेहता की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अमित देसाई ने अभिलेखों का हवाला देते हुए कहा कि उनके मुवक्किल जांच में सहयोग कर रहे हैं और पीएनबी धोखाधड़ी से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें सरकारी गवाह बनाया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed