PNB SCAM: मेहुल चोकसी की हैदराबाद में 1200 करोड़ की संपत्ति अटैच
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 114 अरब रुपये के पीएनबी घोटाले में बृहस्पतिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए आयकर विभाग ने मेहुल चोकसी के गीतांजलि समूह की हैदराबाद के स्पेशल इकॉनोमिक जोन में स्थित 1200 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच कर दी। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मुख्य आरोपी नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल के 94.52 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर और म्यूचुअल फंड जब्त कर लिए। प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए नीरव की नौ लक्जरी कारों को भी कब्जे में ले लिया। इन कारों में रॉल्स रॉयस घोस्ट, मर्सिडीज बेंज, पोर्शा पैनामेरा और टोयोटा फार्चूनर शामिल हैं।
रॉल्स रॉयस घोस्ट, मर्सिडीज बेंज, पोर्शा पैनामेरा और टोयोटा फार्चूनर समेत नौ लक्जरी कारें भी जब्त
पीएनबी घोटाला : ईडी ने भी नीरव-मेहुल की 100 करोड़ की संपत्ति जब्त की
जब्ती की कार्रवाई से जुड़े अधिकारियों के अनुसार चोकसी एवं उसके समूह के 86.72 करोड़ रुपये के और नीरव के 7.80 करोड़ रुपये के शेयर और म्यूचुअल फंड जब्त किए गए हैं। मालूम हो कि अब तक की कार्रवाई में सीबीआई, ईडी और आयकर विभाग देश भर में मामा-भांजे के तीन दर्जन से ज्यादा ठिकानों पर छापे की कार्रवाई में 5826 करोड़ रुपये मूल्य का सोना, हीरा, कीमती रत्न एवं आभूषण सहित अन्य संपत्तियों को जब्त कर चुके हैं। इसके अलावा 105 खातों को फ्रीज किया जा चुका है। नीरव की मुंबई के अली बाग स्थित एक फार्म हाउस को भी सील कर दिया गया है।
नीरव मोदी के खिलाफ ईडी ने फिर जारी किया समन
नीरव मोदी के प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश न होने के चलते निदेशालय की ओर से उसे बृहस्पतिवार को फिर समन जारी किया गया है। सूत्रों के मुताबिक नीरव ने अपने जवाब में कहा है कि पासपोर्ट निलंबित होने और व्यापार संबंधी मुद्दे लंबित होने के कारण वह पेश नहीं हो पा रहा है। अब उसे 26 फरवरी तक मुंबई में पेश होने को कहा गया है। कुछ साल पहले शराब कारोबारी विजय माल्या ने देश से फरार होने के बाद ईडी के समन का यही जवाब दिया था। चौकसी भी ईडी के सामने पेश नहीं हुए, इसलिए उनके खिलाफ भी नया समन जारी हो सकता है।
पीएनबी घोटाले के बाद स्विफ्ट के सख्त किए नियम
पीएनबी ने घोटाला उजागर होने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बैंकों के बीच लेन-देन की स्विफ्ट प्रणाली के ढीले पेंच कसने शुरू कर दिए हैं। इसी प्रणाली के जरिए संदेश भेजकर बैंक के दो जूनियर अधिकारियों ने नीरव मोदी और मेहुल चोकसी की कंपनियों को एलओयू जारी किए, जिनके एवज में उन्होंने विदेश स्थित भारतीय बैंकों से लोन लिए।
इसके मद्देनजर अब स्विफ्ट प्रणाली के जरिए संदेश भेजने के लिए सिर्फ सीनियर अधिकारी ही अधिकृत होंगे। इसकी जांच और सत्यापन तीन अधिकारी करेंगे। यही नहीं, वरिष्ठता के आधार पर रकम की सीमा भी तय कर दी गई है।
इसके अलावा बैंक ने एक ट्रेजरी डिवीजन मुंबई के नाम से एक नई इकाई का गठन किया है जो शाखाओं द्वारा भेजे गए स्विफ्ट संदेशों पर नजर रखेगा और स्विफ्ट संदेश भेजने वाले अधिकारी के साथ तालमेल रखते हुए सभी आंकड़ों को क्रास चेक करेगा।
देनदारी पूरी करने के लिए पर्याप्त परिसंपत्तियां: पीएनबी
पीएनबी ने नियामक एजेंसियों को जानकारी दी है कि अपनी देनदारियों को चुकाने के लिए उसके पास पर्याप्त परिसंपत्तियां हैं। दरअसल, आरोपी नीरव मोदी द्वारा बैंक का बकाया चुकाने में असमर्थता जताने के मद्देनजर स्टॉक एक्सचेंजों ने बैंक से इस बारे में स्पष्टीकरण मांगा था। इसके जवाब में बैंक ने कहा है कि हम देश के कानून के मुताबिक बकाया वसूली के लिए सभी उपलब्ध तरीकों का पालन कर रहे हैं।