मायावती बोलीं, आरक्षण खत्म करना चाहते हैं मोदी, PC की 5 खास बातें
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उत्तरप्रदेश की सपा सरकार के कार्यकाल को निशाने पर लेते हुए मायावती ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख के आरक्षण पर दिए पलटवार किया। उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार आरक्षण खत्म करना चाहती है। अगर ऐसा हुआ तो प्रदेश की जनता आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनाव में सबक सिखाएगी।
मायावती बोलीं, मोदी सरकार ने ढाई साल के कार्यकाल में गरीबों, दलितों, पिछड़ों और किसान विरोधी नीतियों को अपनाने का काम किया है। केंद्र सरकार आरक्षण खत्म करने पर आमादा है। इससे प्रदेश की 22 करोड़ जनता में गुस्सा है। यही वजह है कि भाजपा यूपी में अपना मुख्यमंत्री उम्मीदवार का एलान नहीं कर पा रही। जनता उन्हें सबक सिखाएगी।
उजागर होंगे सपा सरकार के दागी चेहरे
सपा-कांग्रेस के संभावित गठबंधन को निशाने पर लेते हुए मायावती ने कहा कि सरकार के दागी चेहरों को सबके सामने उजागर होना चाहिए। बाप-बेटे बस अपनी ही राजनीति में फंसे हुए हैं। मुद्दों से भटकाने के लिए अखिलेश और मुलायम ने यह घमासान का ड्रामा रचा है। अब तक प्रदेश में 500 छोटे-बड़े दंगे हुए हैं। यूपी की जनता को इनकी आंख खोलनी चाहिए।
मायावती ने कहा कि 5 साल से त्रस्त प्रदेश की जनता को सपा को वोट नहीं देना चाहिए। सपा के पूर्व प्रमुख मुलायम सिंह के चलते शिवपाल यादव बलि का बकरा बन गए। शिवपाल को जनता की नजरों में पूरी तरह से गिराने की कोशिश की गई है। जनता अखिलेश खेमे को सबक सिखाएगी, उसका वोट खराब होगा और इसका फायदा भाजपा को पहुंचेगा।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य के आरक्षण को लेकर दिए गए बयान पर पलटवार करते हुए बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने कहा कि आरक्षण खत्म किया गया तो भाजपा राजनीति भूल जाएगी। कांग्रेस-एसपी के संभावित गठबंधन पर निशाना साधते हुए मायावती ने कहा कि कांग्रेस ने 'दागी' अखिलेश के आगे घुटने टेक दिए हैं।