चेताया: कोरोना के बढ़ते मामलों से पीएम मोदी खफा, इन पांच राज्यों के रवैये पर की खिंचाई
पूरा साल 2020 जिस कोरोना वायरस महामारी की भेंट चढ़ गया, साल 2021 में वैक्सीन के आने के साथ उससे छुटकारा मिलने की उम्मीद थी। लेकिन, देश में एक बार फिर कोरोना वायरस के नए मामलों में आए उछाल ने स्थिति को चिंताजनक कर दिया है। गंभीर होती इसी स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने पांच राज्यों के रवैये पर चिंता जताई और समय रहते निर्णायक कदम उठाने का आह्वान किया।
इन पांच राज्यों की स्थिति पर सवाल
ये पांच राज्य महाराष्ट्र, पंजाब, कर्नाटक, गुजरात और तमिलनाडु हैं। बता दें कि देश में एक दिन में कोरोना संक्रमण के 28,903 मामले सामने आए हैं। इनमें से 71.10 फीसदी मामले इन्हीं पांच राज्यों से हैं। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमें कोरोना वायरस को फिर से फैलने से फौरन रोकना होगा। उन्होंने कहा कि केरल, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्य एंटीजन जांच पर जरूरत से ज्यादा निर्भर हैं। पीएम मोदी ने कहा कि 70 फीसदी से अधिक आरटी-पीसीआर जांच होनी चाहिए।
वैक्सीन बर्बादी को लेकर जताई चिंता
इस बैठक में प्रधानमंत्री ने कोरोना वायरस वैक्सीन की बर्बादी के बढ़ते आंकड़े पर भी चिंता जताई। बता दें कि देश में वैक्सीन बर्बादी की कुल दर 6.5 फीसदी है। तेलंगाना में यह दर 17.6 फीसदी वहीं तेलंगाना में 11.6 फीसदी है। नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल ने बुधवार को एक प्रेसवार्ता में कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी ने वैक्सीन बर्बादी पर निराशा के साथ चिंता जताई। वैक्सीन की बर्बादी कम से कम होनी चाहिए।' मोदी ने कहा कि रोज निगरानी हो और हमारा लक्ष्य जीरो बर्बादी होना चाहिए।
मुख्यमंत्रियों संग बैठक में बोले पीएम मोदी- कोरोना की दूसरी लहर को तुरंत रोकना होगा, लापरवाही न बरतें
कोरोना जांच को लेकर कही ये बात
प्रधानमंत्री ने कहा कि ये मंथन का विषय है कि आखिर कुछ क्षेत्रों में ही जांच कम क्यों हो रही है? क्यों ऐसे ही क्षेत्रों में टीकाकरण भी कम हो रहा है? कोरोना की लड़ाई में हम आज जहां तक पहुंचे हैं, उसमें और उससे जो आत्मविश्वास आया है, ये आत्मविश्वास, अति आत्मविश्वास में नहीं बदलना चाहिए, हमारी ये सफलता लापरवाही में भी नहीं बदलनी चाहिए। हमें घबराना नहीं है। कुछ सावधानियां बरत करके हमें जनता को परेशानी से मुक्ति दिलानी है।
आरटी-पीसीआर जांच बढ़ाने पर जोर
प्रधानमंत्री ने आरटी-पीसीआर जांच बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में रैपिड एंटीजेन जांच पर ज्यादा बल दिया जा रहा है। जैसे केरल है, ओडिशा है, छत्तीसगढ़ है और यूपी है। इसे तेजी से बदलने की जरूरत है। देश के सभी राज्यों में हमें आरटी-पीसीआर जांच और बढ़ाने पर जोर देना होगा। एक बात बहुत ध्यान देने वाली है, वो ये कि इस बार हमारे टियर 2- टियर 3 शहर जो शुरू में प्रभावित नहीं हुए थे, उनके आस-पास के क्षेत्र प्रभावित हो रहे हैं। हमें छोटे शहरों में टेस्टिंग को बढ़ाना होगा।
केरल में भी गंभीर हो रहे हैं हालात
इन पांच राज्यों के बाद केरल से सबसे अधिक नए मामले सामने आए। जबकि केरल में पिछले महीने से लगातार नए मामले कम हो रहे थे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, नए मामलों में से 83.91 फीसदी मामले महाराष्ट्र, कर्नाटक, पंजाब, गुजरात, तमिलनाडु और केरल से सामने आए हैं। मंत्रालय ने बताया कि नए मामलों से केवल महाराष्ट्र के ही 61.8 फीसदी मामले हैं, जहां 24 घंटे में 17,864 नए मामले मिले। वहीं, केरल में 1,970 और पंजाब में 1,463 नए मामले सामने आए।
इसके साथ ही मंत्रालय ने बताया कि देश में अभी कोरोना वायरस के उपचाराधीन मरीजों की संख्या दो लाख 34 हजार 406 हो गई है,जो कुल मामलों का 2.05 फीसदी है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, 'कुल उपचाराधीन मामलों में से महाराष्ट्र, केरल और पंजाब के 76.4 फीसदी मामले हैं। केवल महाराष्ट्र के ही 60 फीसदी मामले हैं।' मंत्रालय ने बताया कि बुधवार सुबह आठ बजे तक पांच लाख 86 हजार 855 सत्रों में कुल तीन करोड़ 50 लाख 64 हजार 536 लोगों को कोरोना वायरस के टीके लगाए जा चुके थे।
आंकड़ों के अनुसार, इनमें से 75 लाख छह हजार 155 स्वास्थ्य कर्मियों (एचसीडब्ल्यू) को पहली खुराक दी गई है और 45 लाख 54 हजार 855 एचसीडब्ल्यू को दूसरी खुराक दी जा चुकी है। वहीं, 76 लाख 30 अग्रिम मोर्चे पर तैनात कर्मियों (एफएलडब्ल्यू) को पहली खुराक और 16 लाख 47 हजार 644 एफएलडब्ल्यू को दूसरी खुराक दी जा चुकी है। देश में कुल एक करोड़ 10 लाख 45 हजार 284 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। वहीं, पिछले 24 घंटे में 188 और मरीजों की वायरस से मौत हुई है।
इसके साथ ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश में कुल 15 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश ऐसे हैं, जहां पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से से मौत का एक भी मामला सामने नहीं आया। मंत्रालय के अनुसार इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में असम, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, उत्तराखंड, लक्षद्वीप, सिक्किम, मेघालय, दमन एवं दीव, दादरा एवं नगर हवेली, नगालैंड, त्रिपुरा, लद्दाख, मणिपुर, मिजोरम, अंडमान एवं निकोबर द्वीपसमूह और अरुणाचल प्रदेश शामिल हैं।
बैठक के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि राज्य में एक सप्ताह में दो दिन महा टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य में अभी तक साढ़े सात लाख लोगों का टीकाकरण हो चुका है।