प्रधानमंत्री मोदी का संदेश: विनम्रता और क्षमाशीलता ही व्यक्तित्व के सच्चे आभूषण, संस्कृत सुभाषित किया साझा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर संस्कृत श्लोक साझा करते हुए कहा कि विनम्रता, क्षमाशीलता और उत्तम आचरण ही सच्चे व्यक्तित्व के आभूषण हैं। उन्होंने इसे विकसित भारत के संकल्प से जोड़ा।
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक प्रेरणादायक संस्कृत श्लोक साझा किया और जीवन मूल्यों पर महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि विनम्रता, क्षमाशीलता और उत्तम आचरण ही किसी व्यक्ति के वास्तविक आभूषण होते हैं। प्रधानमंत्री ने अपने पोस्ट में लिखा कि इन्हीं गुणों के साथ देश के नागरिक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।
विनम्रता, क्षमाशीलता और उत्तम आचरण ही व्यक्तित्व के सच्चे आभूषण हैं। इन गुणों के साथ ही आज देशवासी विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि में निरंतर जुटे हैं।
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तेजः क्षमा धृतिः शौचमद्रोहो नातिमानिता।
भवन्ति सम्पदं दैवीमभिजातस्य भारत।। pic.twitter.com/5JuC5ITZAu — Narendra Modi (@narendramodi) May 29, 2026
संस्कृत श्लोक से दिया जीवन मूल्यों का संदेश
पीएम मोदी ने संस्कृत श्लोक "तेजः क्षमा धृतिः शौचमद्रोहो नातिमानिता। भवन्ति सम्पदं दैवीमभिजातस्य भारत।।" को साझा किया और इसका गहन अर्थ भी समझाया। इस श्लोक का भावार्थ यह है कि तेजस्विता, क्षमाशीलता, धैर्य, पवित्र आचरण, अहंकार रहित व्यक्तित्व और राष्ट्र के प्रति निष्ठा जैसे गुण किसी श्रेष्ठ और दैवी संपदा वाले व्यक्तित्व की पहचान होते हैं।
लगातार साझा कर रहे हैं प्रेरणादायक श्लोक
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी पिछले कुछ दिनों से लगातार सोशल मीडिया पर संस्कृत सुभाषित और श्लोक साझा कर रहे हैं। इन संदेशों के माध्यम से वे भारतीय संस्कृति, दर्शन और जीवन मूल्यों को जनता तक पहुंचा रहे हैं। एक दिन पहले उन्होंने वीर सावरकर की जयंती पर भी श्रद्धांजलि देते हुए एक श्लोक साझा किया था, जिसमें ज्ञान और पराक्रम के संतुलन का संदेश दिया गया था।
विकसित भारत के संकल्प से जोड़ा संदेश
इसके अलावा बुधवार को साझा किए गए श्लोक में प्रधानमंत्री ने निरंतर प्रयास, धैर्य और दृढ़ संकल्प को जीवन में सफलता का आधार बताया था। उन्होंने कहा था कि जो व्यक्ति अपने लक्ष्य के लिए निरंतर प्रयास करता है, वह निश्चित रूप से उसे प्राप्त करता है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेशों को देश के ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य से जोड़ते हुए कहा कि आज देश के नागरिक इन्हीं मूल्यों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उनका कहना है कि नैतिकता, अनुशासन और सकारात्मक सोच ही भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।