{"_id":"6a4ae4d2038c21c1220834c0","slug":"pm-narendra-modi-indonesia-visit-upi-qris-ondc-digital-public-infrastructure-india-indonesia-relations-2026-07-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"PM Modi: प्रधानमंत्री की इंडोनेशिया यात्रा आज से, द्विपक्षीय संबंधों को मिलेगी रफ्तार; क्या होगा मुख्य एजेंडा?","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
PM Modi: प्रधानमंत्री की इंडोनेशिया यात्रा आज से, द्विपक्षीय संबंधों को मिलेगी रफ्तार; क्या होगा मुख्य एजेंडा?
Mon, 06 Jul 2026 04:42 AM IST
अमन तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमन तिवारी
Updated Mon, 06 Jul 2026 04:42 AM IST
सार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, यूपीआई-QRIS, ओएनडीसी, स्वास्थ्य, कृषि, रक्षा और तकनीकी सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है। दोनों देश रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के साथ डिजिटल अर्थव्यवस्था और नवाचार आधारित विकास पर विशेष जोर देंगे।
विज्ञापन
पीएम मोदी
- फोटो : पीटीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इंडोनेशिया के लिए भारत सिर्फ एक रणनीतिक साझेदार नहीं है बल्कि तकनीक, स्वास्थ्य, शिक्षा और रक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भरोसेमंद प्रेरणास्रोत भी बन चुका है। अगली पीढ़ी का डिजिटल ढांचा तैयार करना हो या वित्तीय, स्वास्थ्य, सामाजिक कल्याण नीतियां बनना, भारत की विकास गाथाओं से सीखकर इंडोनेशिया निरंतर आगे बढ़ रहा है।
अब दोनों देश पारंपरिक सहयोग से कहीं आगे बढ़कर सोचकर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीन दिवसीय यात्रा से इनके द्विपक्षीय संबंधों को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री मोदी 6 से 8 जुलाई तक इंडोनेशिया की यात्रा पर रहेंगे। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक इस दौरान दोनों देश कृषि, स्वास्थ्य सेवा, खाद्य सुरक्षा, डिजिटल गवर्नेंस, रक्षा समेत तमाम अहम मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। डिजिटल भुगतान दोनों देशों के बीच सहयोग का एक प्रमुख आधार बन रहा है। इंडोनेशिया इस क्षेत्र में भारत के अनुभव का लाभ उठा रहा है। इस पहल से पर्यटन, व्यापार और डिजिटल कॉमर्स को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इंडोनेशिया में व्यापार या निवेश करने वाले भारतीय व्यवसायों के लिए, और हर साल बाली तथा अन्य इंडोनेशियाई स्थानों पर जाने वाले अनुमानित 17 लाख भारतीय पर्यटकों के लिए यूपीआई-क्यूआरआईएस कॉरिडोर बहुत बड़ा बदलाव लाने वाला साबित होगा।
ये भी पढ़ें: पीओके में पाकिस्तानी सेना का अत्याचार: हजारों प्रदर्शनकारियों पर बरसाईं गोलियां, एक व्यक्ति की मौत; कई घायल
विज्ञापन
ओएनडीसी से प्रेरित डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की होगी शुरुआत
डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की बात करें तो इंडोनेशिया का ओपन नेटवर्क (आईओएन) भारत के ओएनडीसी ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) मॉडल से प्रेरित है, जिसे इंडोनेशिया में 6.5 करोड़ से अधिक एमएसएमई के लिए एक अधिक खुला और समावेशी डिजिटल बाजार बनाने के उद्देश्य से लागू किया जा रहा है। बेकन 2.0 ओपन प्रोटोकॉल पर आधारित आईओए के माध्यम से 7 जुलाई को मोदी-प्रबोवो शिखर सम्मेलन के दौरान पहला लाइव लेन-देन किए जाने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य योजनाओं को मिला नया आयाम इंडोनेशिया का महत्वाकांक्षी मुफ्त पौष्टिक भोजन कार्यक्रम भारत की मिड-डे मील पीएम पोषण से प्रेरित है। वहीं, रेड एंड व्हाइट विलेज कोऑपरेटिव्स पहल जन औषधि मॉडल के माध्यम से सस्ती दवाओं के लिए भारत के साथ सहयोग की संभावनाएं तलाश रही है।
अगली पीढ़ी का डिजिटल ढांचा तैयार करने में मदद कर रहा भारत
इंडोनेशिया-भारत की डिजिटल साझेदारी अब अगली पीढ़ी के डिजिटल ढांचे को बनाने में मदद करने की दिशा में बढ़ रही है। इंडोनेशिया की महत्वाकांक्षी डिजिटल नुसंतारा पहल का उद्देश्य एक एकीकृत और आपस में काम करने वाला राष्ट्रीय डिजिटल बुनियादी ढांचा तैयार करना है, और भारतीय तकनीकी विशेषज्ञता इसमें महत्वपूर्ण भागीदार बन रही है।
भारत में आधार, यूपीआई, डिजिलॉकर, ई-केवाईसी और ओएनडीसी की सफलता सुनिश्चित करने वाले डिजिटल समाधान अब इंडोनेशिया में डिजिटल बदलाव लाने के काम आ रहे हैं। भारत के अनुभवों को आधार बनाकर इंडोनेशिया अब तकनीक उपभोक्ता बने रहने के बजाय पूरे आसियान में डिजिटल समाधानों का उत्पादक और निर्यातक बनने का लक्ष्य रखता है।
ये भी पढ़ें: West Bengal: बारुईपुर में दुष्कर्म-मर्डर पर सियासत तेज, TMC का आरोप- ममता बनर्जी को रोका गया; BJP क्या बोली?
वित्तीय बाजार और रक्षा क्षेत्र में बढ़ेगी साझेदारी
इंडोनेशिया रक्षा निर्माण, तकनीक हस्तांतरण, सैन्य प्रशिक्षण और समुद्री सहयोग पर भारत के साथ काम कर रहा है। आत्मनिर्भर भारत के तहत घरेलू रक्षा उत्पादन में नए अवसर पैदा कर रहा है। दोनों पक्ष एआई संचालित वित्तीय बाजार निगरानी, डिजिटल निवेश प्लेटफॉर्म और तकनीक-आधारित पूंजी बाजार सुधारों में भारतीय विशेषज्ञता के उपयोग की संभावनाएं तलाश रहे हैं। पीएम की यात्रा से नवाचार, आर्थिक विकास और दीर्घकालिक रणनीतिक सहयोग आगे बढ़ने की संभावना है।
विज्ञापन
अब दोनों देश पारंपरिक सहयोग से कहीं आगे बढ़कर सोचकर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीन दिवसीय यात्रा से इनके द्विपक्षीय संबंधों को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री मोदी 6 से 8 जुलाई तक इंडोनेशिया की यात्रा पर रहेंगे। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक इस दौरान दोनों देश कृषि, स्वास्थ्य सेवा, खाद्य सुरक्षा, डिजिटल गवर्नेंस, रक्षा समेत तमाम अहम मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। डिजिटल भुगतान दोनों देशों के बीच सहयोग का एक प्रमुख आधार बन रहा है। इंडोनेशिया इस क्षेत्र में भारत के अनुभव का लाभ उठा रहा है। इस पहल से पर्यटन, व्यापार और डिजिटल कॉमर्स को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इंडोनेशिया में व्यापार या निवेश करने वाले भारतीय व्यवसायों के लिए, और हर साल बाली तथा अन्य इंडोनेशियाई स्थानों पर जाने वाले अनुमानित 17 लाख भारतीय पर्यटकों के लिए यूपीआई-क्यूआरआईएस कॉरिडोर बहुत बड़ा बदलाव लाने वाला साबित होगा।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: पीओके में पाकिस्तानी सेना का अत्याचार: हजारों प्रदर्शनकारियों पर बरसाईं गोलियां, एक व्यक्ति की मौत; कई घायल
विज्ञापन
ओएनडीसी से प्रेरित डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की होगी शुरुआत
डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की बात करें तो इंडोनेशिया का ओपन नेटवर्क (आईओएन) भारत के ओएनडीसी ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) मॉडल से प्रेरित है, जिसे इंडोनेशिया में 6.5 करोड़ से अधिक एमएसएमई के लिए एक अधिक खुला और समावेशी डिजिटल बाजार बनाने के उद्देश्य से लागू किया जा रहा है। बेकन 2.0 ओपन प्रोटोकॉल पर आधारित आईओए के माध्यम से 7 जुलाई को मोदी-प्रबोवो शिखर सम्मेलन के दौरान पहला लाइव लेन-देन किए जाने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य योजनाओं को मिला नया आयाम इंडोनेशिया का महत्वाकांक्षी मुफ्त पौष्टिक भोजन कार्यक्रम भारत की मिड-डे मील पीएम पोषण से प्रेरित है। वहीं, रेड एंड व्हाइट विलेज कोऑपरेटिव्स पहल जन औषधि मॉडल के माध्यम से सस्ती दवाओं के लिए भारत के साथ सहयोग की संभावनाएं तलाश रही है।
अगली पीढ़ी का डिजिटल ढांचा तैयार करने में मदद कर रहा भारत
इंडोनेशिया-भारत की डिजिटल साझेदारी अब अगली पीढ़ी के डिजिटल ढांचे को बनाने में मदद करने की दिशा में बढ़ रही है। इंडोनेशिया की महत्वाकांक्षी डिजिटल नुसंतारा पहल का उद्देश्य एक एकीकृत और आपस में काम करने वाला राष्ट्रीय डिजिटल बुनियादी ढांचा तैयार करना है, और भारतीय तकनीकी विशेषज्ञता इसमें महत्वपूर्ण भागीदार बन रही है।
भारत में आधार, यूपीआई, डिजिलॉकर, ई-केवाईसी और ओएनडीसी की सफलता सुनिश्चित करने वाले डिजिटल समाधान अब इंडोनेशिया में डिजिटल बदलाव लाने के काम आ रहे हैं। भारत के अनुभवों को आधार बनाकर इंडोनेशिया अब तकनीक उपभोक्ता बने रहने के बजाय पूरे आसियान में डिजिटल समाधानों का उत्पादक और निर्यातक बनने का लक्ष्य रखता है।
ये भी पढ़ें: West Bengal: बारुईपुर में दुष्कर्म-मर्डर पर सियासत तेज, TMC का आरोप- ममता बनर्जी को रोका गया; BJP क्या बोली?
वित्तीय बाजार और रक्षा क्षेत्र में बढ़ेगी साझेदारी
इंडोनेशिया रक्षा निर्माण, तकनीक हस्तांतरण, सैन्य प्रशिक्षण और समुद्री सहयोग पर भारत के साथ काम कर रहा है। आत्मनिर्भर भारत के तहत घरेलू रक्षा उत्पादन में नए अवसर पैदा कर रहा है। दोनों पक्ष एआई संचालित वित्तीय बाजार निगरानी, डिजिटल निवेश प्लेटफॉर्म और तकनीक-आधारित पूंजी बाजार सुधारों में भारतीय विशेषज्ञता के उपयोग की संभावनाएं तलाश रहे हैं। पीएम की यात्रा से नवाचार, आर्थिक विकास और दीर्घकालिक रणनीतिक सहयोग आगे बढ़ने की संभावना है।