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Hindi News ›   India News ›   PM Narendra Modi Inaugurates the Centre- State Science Conclave through video conferencing

केंद्र-राज्य विज्ञान सम्मेलन: दुनिया में भारत कैसे बनेगा रिसर्च और इनोवेशन का हब? पीएम मोदी ने सुझाए उपाय

Sat, 10 Sep 2022 12:16 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Sat, 10 Sep 2022 12:16 PM IST
सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से केंद्र-राज्य विज्ञान सम्मेलन का उद्घाटन किया।

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PM Narendra Modi Inaugurates the Centre- State Science Conclave through video conferencing
पीएम मोदी - फोटो : ANI

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से केंद्र-राज्य विज्ञान सम्मेलन का उद्घाटन किया। दो दिवसीय कॉन्क्लेव का आयोजन साइंस सिटी, अहमदाबाद में किया जा रहा है। इसमें एसटीआई विजन 2047 सहित विभिन्न विषयगत क्षेत्रों पर सत्र शामिल होंगे। उद्घाटन के बाद पीएम मोदी ने अपना संबोधन भी दिया। पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी के भारत के विकास में विज्ञान उस ऊर्जा की तरह है जिसमें हर क्षेत्र के विकास को, हर राज्य के विकास को गति देने का सामर्थ्य है। आज जब भारत चौथी औद्योगिक क्रांति का नेतृत्व करने की तरफ बढ़ रहा है तो उसमें भारत की साइंस और इस क्षेत्र से जुड़े लोगों की भूमिका बहुत अहम है।  पीएम मोदी ने कहा कि जब ज्ञान-विज्ञान से हमारा परिचय होता है तब संसार की सभी संकटों से मुक्ति का रास्ता अपने आप खुल जाता है। समाधान और नवाचार का आधार विज्ञान ही है। इसी प्रेरणा से आज का नया भारत, जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान के साथ ही जय अनुसंधान का आह्वान करते हुए आगे बढ़ रहा है।

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पिछली शताब्दी में भी हर जगह के वैज्ञानिक अपनी महान खोज में लगे हुए थे
पीएम मोदी ने कहा कि अगर हम पिछली शताब्दी के शुरुआती दशकों को याद करें तो पाते हैं कि दुनिया में किस तरह तबाही और त्रासदी का दौर चल रहा था। लेकिन उस दौर में भी बात चाहे पूर्व की हो या पश्चिम की, हर जगह के वैज्ञानिक अपनी महान खोज में लगे हुए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पश्चिम में आइंस्टाइन, फर्मी, मैक्स प्लांक, नील्स बोर, टेस्ला जैसे वैज्ञानिक अपने प्रयोगों से दुनिया को चौंका रहे थे। उसी दौर में सीवी रमन, जगदीश चंद्र बोस, सत्येंद्रनाथ बोस, मेघनाद साहा, एस चंद्रशेखर समेत कई वैज्ञानिक अपनी नई-नई खोज सामने ला रहे थे। 
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भारत को रिसर्च और इनोवेशन का हब बनाने के लिए लोकल स्तर पर भी करना होगा काम
पीएम मोदी ने कहा कि इस अमृतकाल में भारत को रिसर्च और इनोवेशन का ग्लोबल सेंटर बनाने के लिए हमें एक साथ अनेक मोर्चों पर काम करना है। अपनी साइंस और टेक्नॉलॉजी से जुड़ी रिसर्च को हमें लोकल स्तर पर लेकर जाना है। नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकारों को ज्यादा से ज्यादा वैज्ञानिक संस्थानों के निर्माण पर और प्रक्रियाओं को सरल करने पर बल देना चाहिए। राज्यों में जो उच्च शिक्षा के संस्थान हैं, उनमें नवाचार प्रयोगशालाओं की संख्या भी बढ़ाई जानी चाहिए।
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2014 के बाद से साइंस और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में निवेश में काफी वृद्धि की गई 
पीएम मोदी ने कहा कि हमारी सरकार विज्ञान आधारित विकास की सोच के साथ काम कर रही है। 2014 के बाद से साइंस और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में निवेश में काफी वृद्धि की गई है। सरकार के प्रयासों से आज भारत वैश्विक नवाचार सूचकांक में 46वें स्थान पर है, जबकि 2015 में भारत 81 नंबर पर था।

बिहार-झारखंड बाहर रहे
केंद्र-राज्य विज्ञान कॉन्क्लेव से देश के दो बड़े राज्य बिहार और झारखंड बाहर रहे। इसके लिए राजनीतिक वजहों को जिम्मेदार माना जा रहा है।

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