कांजीवरम शॉल पर अपनी तस्वीर देख खुश हुए जिनपिंग, पीएम मोदी ने दिए और भी कई तोहफे
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दो दिन के अपने भारत दौरे पर आए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शनिवार दोपहर वापस चले गए। जाने से पहले पीएम मोदी उनके साथ होटल की एक प्रदर्शनी में गए, जहां उन्होंने जिनपिंग को कांजीवरम सिल्क का शॉल भेंट किया। इसके साथ ही पीएम मोदी ने कुछ अन्य तोहफे भी भेंट किए। इसमें नचियारकोइल दीप, तंजावुर पेंटिंग-डांसिंग सरस्वती शामिल हैं। इन तोहफों के जरिए पीएम मोदी ने जिनपिंग का भारत की कला और संस्कृति से परिचय कराया।
PM Narendra Modi and Chinese President Xi Jinping at an exhibition on artefacts and handloom at Taj Fisherman's Cove hotel in Kovalam, Tamil Nadu. https://t.co/b2b8nLb5dg pic.twitter.com/H8EPIBnzDs
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) October 12, 2019
शनिवार को मुलाकात और बातचीत के बाद पीएम मोदी और जिनपिंग होटल की एक प्रदर्शनी में गए। यहां पीएम मोदी ने जिनपिंग को कांजीवरम सिल्क की एक शॉल गिफ्ट की। हैंडलूम की इस शॉल को बनाने में कारीगरों को पांच दिन लगे हैं। इसकी एक और खासियत यह थी कि इस पर जिनपिंग की तस्वीर बनी हुई थी। जिनपिंग यह देख काफी खुश हुए।
108 किलो का नचियारकोइल दीप भी गिफ्ट किया
पीएम मोदी ने जिनपिंग को नचियारकोइल दीप भी गिफ्ट किया। इस दीप में कई छोटी-छोटी दीपमालाएं लगी हुई हैं। बताया गया कि इस दीप को आठ कलाकारों ने मिलकर 12 दिनों में तैयार किया है। यह छह फीट ऊंचा है, जबकि इसका वजन 108 किलो बताया गया। पीतल के इस दीप पर सोने की परत चढ़ी हुई है।
40 किलो की तंजावुर पेंटिंग गिफ्ट की
पीएम मोदी ने चीनी राष्ट्रपति को तंजावुर पेटिंग भी गिफ्ट की। यह लकड़ी पर की जाने वाली काफी पुरानी पेंटिंग है, जिसे तमिलनाडु के शहर तंजावुर का नाम दिया गया है। इस पेंटिंग को बी लोगनाथन ने 45 दिन में तैयार किया है। यह पेंटिंग तीन फीट ऊंची, चार फीट चौड़ी और 40 किलोग्राम वजन की है। 16वीं शताब्दी के आसपास शुरू की गई इस तंजावुर पेंटिंग में ज्यादातार हिंदू देवी-देवताओं और पौराणिक कथाओं को उकेरा जाता है।
पीएम मोदी ने शी जिनपिंग को उन्हीं की छवि बनी हुई एक अन्य पेंटिंग भी गिफ्ट की है। इन तोहफों के अलावा भी पीएम मोदी ने कुछ तोहफे दिए हैं। इन तोहफों और सुखद अनुभवों के साथ जिनपिंग भारत से रवाना हो गए। पीएम मोदी की उनसे अगली मुलाकात अब चीन में होगी।