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विदेश सचिव श्रृंगला बोले: 'ऑकस' से 'क्वाड' पर नहीं पड़ेगा कोई असर, दोनों के उद्देश्य अलग

Tue, 21 Sep 2021 04:41 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Tue, 21 Sep 2021 04:41 PM IST
सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को अमेरिका की यात्रा के लिए रवाना होंगे। इस दौरान वह अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ बैठक करने के साथ कई अन्य अहम कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने मंगलवार को एक प्रेसवार्ता में प्रधानमंत्री की इस यात्रा के बारे में जानकारी साझा की। इस दौरान श्रृंगला ने 'क्वाड' और 'ऑकस' के बीच अंतर भी साफ किया और कहा कि दोनों संगठनों के उद्देश्य अलग-अलग हैं और एक दूसरे को प्रभावित करने वाले नहीं हैं।

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QUAD and AUKUS are groupings of different nature and AUKUS will have no impact on QUAD says Foreign Secy HV Shringla
विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला - फोटो : एएनआई

विस्तार

विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने मंगलवार को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार की सुबह अमेरिका के लिए रवाना होंगे और 26 सितंबर को देश वापसी करेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री के साथ विदेश मंत्रालय और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनएसए) का उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद रहेगा। इसके अलावा वह क्वाड नेताओं और यूएनजीए (संयुक्त राष्ट्र महासभा) की बैठक में भी शामिल होंगे। मोदी, उप राष्ट्रपति कमला हैरिस के साथ भी बैठक करेंगे। बता दें कि हैरिस के साथ पीएम मोदी की यह पहली औपचारिक वार्ता होगी।

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श्रृंगला ने बताया कि इस दौरान पीएम मोदी कोविड-19 महामारी पर वैश्विक शिखर सम्मेलन में भी शिरकत करेंगे। बुधवार को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम की अध्यक्षता अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन करने वाले हैं। 24 सितंबर को मोदी और बाइडन के बीच द्विपक्षीय बैठक होगी। इस दौरान भारत और अमेरिका के संबंधों की समीक्षा की जाएगी। दोनों नेताओं के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को मजबूत करने, रक्षा और सुरक्षा सहयोग को ताकत देने और स्वच्छ ऊर्जा साझेदारी को बढ़ावा देने को लेकर चर्चा होने की उम्मीद है।
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ऑस्ट्रेलिया, यूनाइटेड किंगडम और अमेरिका ने बीते दिनों एक त्रिपक्षीय सुरक्षा समझौते का एलान किया था। इसे 'ऑकस' नाम दिया गया है। इसे लेकर विदेश सचिव ने कहा कि 'क्वाड' व 'ऑकस' समान प्रवृत्ति के संगठन नहीं हैं। 'क्वाड' का गठन हिंद-प्रशांत क्षेत्र की जरूरतें पूरी करने के लिए किया गया है। जबकि 'ऑकस', तीन देशों के बीच सुरक्षा गठबंधन है। 'ऑकस' का 'क्वाड' से कोई संबंध नहीं है और इसका 'क्वाड' की गतिविधियों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। बता दें कि क्वाड देशों में भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान हैं।
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वहीं, यूनाइटेड किंगडम की ओर से कोविशील्ड को मान्यता न देने  विदेश सचिव ने भेदभाव वाली नीति करार दिया। उन्होंने कहा, 'कोविशील्ड को मान्यता न देना भेदभावपूर्ण नीति है और यूके की यात्रा करने वाले भारतीय नागरिकों को प्रभावित करती है। विदेश मंत्रालय ने इस मुद्दे को यूके के नए विदेश सचिव के सामने मजबूती के साथ उठाया है। मुझे बताया गया है कि इस मुद्दे के हल के लिए यूके सरकार ने आश्वासन दिया है।' उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस रोधी टीके कोविशील्ड ऑक्सफोर्ड और एस्ट्राजेनेका ने विकसित किया है।

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